२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कु (कुङ्)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.1103
धात्वर्थ: शब्दे — शब्द करना, अस्पष्ट बोलना, (to hum, to speak inarticulately, to sound)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कवते कवेते कवन्ते मध्यम कवसे कवेथे कवध्वे उत्तम कवे कवावहे कवामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कवताम् कवेताम् कवन्ताम् मध्यम कवस्व कवेथाम् कवध्वम् उत्तम कवै कवावहै कवामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकवत अकवेताम् अकवन्त मध्यम अकवथाः अकवेथाम् अकवध्वम् उत्तम अकवे अकवावहि अकवामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कवेत कवेयाताम् कवेरन् मध्यम कवेथाः कवेयाथाम् कवेध्वम् उत्तम कवेय कवेवहि कवेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोष्यते कोष्येते कोष्यन्ते मध्यम कोष्यसे कोष्येथे कोष्यध्वे उत्तम कोष्ये कोष्यावहे कोष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोता कोतारौ कोतारः मध्यम कोतासे कोतासाथे कोताध्वे उत्तम कोताहे कोतास्वहे कोतास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चुकुवे चुकुवाते चुकुविरे मध्यम चुकुविषे चुकुवाथे चुकुविढ्वे / चुकुविध्वे उत्तम चुकुवे चुकुविवहे चुकुविमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकोष्ट अकोषाताम् अकोषत मध्यम अकोष्ठाः अकोषाथाम् अकोढ्वम् उत्तम अकोषि अकोष्वहि अकोष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोषीष्ट कोषीयास्ताम् कोषीरन् मध्यम कोषीष्ठाः कोषीयास्थाम् कोषीढ्वम् उत्तम कोषीय कोषीवहि कोषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकोष्यत अकोष्येताम् अकोष्यन्त मध्यम अकोष्यथाः अकोष्येथाम् अकोष्यध्वम् उत्तम अकोष्ये अकोष्यावहि अकोष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कूयते कूयेते कूयन्ते मध्यम कूयसे कूयेथे कूयध्वे उत्तम कूये कूयावहे कूयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कूयताम् कूयेताम् कूयन्ताम् मध्यम कूयस्व कूयेथाम् कूयध्वम् उत्तम कूयै कूयावहै कूयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकूयत अकूयेताम् अकूयन्त मध्यम अकूयथाः अकूयेथाम् अकूयध्वम् उत्तम अकूये अकूयावहि अकूयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कूयेत कूयेयाताम् कूयेरन् मध्यम कूयेथाः कूयेयाथाम् कूयेध्वम् उत्तम कूयेय कूयेवहि कूयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काविष्यते / कोष्यते काविष्येते / कोष्येते काविष्यन्ते / कोष्यन्ते मध्यम काविष्यसे / कोष्यसे काविष्येथे / कोष्येथे काविष्यध्वे / कोष्यध्वे उत्तम काविष्ये / कोष्ये काविष्यावहे / कोष्यावहे काविष्यामहे / कोष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कवन — — कवनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त कावक कावकः काविका कावकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कोतृ कोता कोत्री कोतृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त कव्य कव्यः कव्या कव्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त काव्य काव्यः काव्या काव्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कोतव्य कोतव्यः कोतव्या कोतव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कवनीय कवनीयः कवनीया कवनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कुत कुतः कुता कुतम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कुतवत् कुतवान् कुतवती कुतवत् / कुतवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) कवमान कवमानः कवमाना कवमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कुत्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकुत्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कोतुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय कावम् — — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कुति — कुतिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चुकुवस् चुकुवान् चुकूषी चुकुवत् / चुकुवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।