२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
गु (गुङ्)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.1105
धात्वर्थ: शब्दे (to speak, to make noise)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गवते गवेते गवन्ते मध्यम गवसे गवेथे गवध्वे उत्तम गवे गवावहे गवामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गवताम् गवेताम् गवन्ताम् मध्यम गवस्व गवेथाम् गवध्वम् उत्तम गवै गवावहै गवामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगवत अगवेताम् अगवन्त मध्यम अगवथाः अगवेथाम् अगवध्वम् उत्तम अगवे अगवावहि अगवामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गवेत गवेयाताम् गवेरन् मध्यम गवेथाः गवेयाथाम् गवेध्वम् उत्तम गवेय गवेवहि गवेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गोष्यते गोष्येते गोष्यन्ते मध्यम गोष्यसे गोष्येथे गोष्यध्वे उत्तम गोष्ये गोष्यावहे गोष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गोता गोतारौ गोतारः मध्यम गोतासे गोतासाथे गोताध्वे उत्तम गोताहे गोतास्वहे गोतास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जुगुवे जुगुवाते जुगुविरे मध्यम जुगुविषे जुगुवाथे जुगुविढ्वे / जुगुविध्वे उत्तम जुगुवे जुगुविवहे जुगुविमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगोष्ट अगोषाताम् अगोषत मध्यम अगोष्ठाः अगोषाथाम् अगोढ्वम् उत्तम अगोषि अगोष्वहि अगोष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गोषीष्ट गोषीयास्ताम् गोषीरन् मध्यम गोषीष्ठाः गोषीयास्थाम् गोषीढ्वम् उत्तम गोषीय गोषीवहि गोषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगोष्यत अगोष्येताम् अगोष्यन्त मध्यम अगोष्यथाः अगोष्येथाम् अगोष्यध्वम् उत्तम अगोष्ये अगोष्यावहि अगोष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूयते गूयेते गूयन्ते मध्यम गूयसे गूयेथे गूयध्वे उत्तम गूये गूयावहे गूयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूयताम् गूयेताम् गूयन्ताम् मध्यम गूयस्व गूयेथाम् गूयध्वम् उत्तम गूयै गूयावहै गूयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगूयत अगूयेताम् अगूयन्त मध्यम अगूयथाः अगूयेथाम् अगूयध्वम् उत्तम अगूये अगूयावहि अगूयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूयेत गूयेयाताम् गूयेरन् मध्यम गूयेथाः गूयेयाथाम् गूयेध्वम् उत्तम गूयेय गूयेवहि गूयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाविष्यते / गोष्यते गाविष्येते / गोष्येते गाविष्यन्ते / गोष्यन्ते मध्यम गाविष्यसे / गोष्यसे गाविष्येथे / गोष्येथे गाविष्यध्वे / गोष्यध्वे उत्तम गाविष्ये / गोष्ये गाविष्यावहे / गोष्यावहे गाविष्यामहे / गोष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त गवन — — गवनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त गावक गावकः गाविका गावकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त गोतृ गोता गोत्री गोतृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त गव्य गव्यः गव्या गव्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त गाव्य गाव्यः गाव्या गाव्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) गोतव्य गोतव्यः गोतव्या गोतव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त गवनीय गवनीयः गवनीया गवनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) गुत गुतः गुता गुतम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) गुतवत् गुतवान् गुतवती गुतवत् / गुतवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) गवमान गवमानः गवमाना गवमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) गुत्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रगुत्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) गोतुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय गावम् — — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त गुति — गुतिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जुगुवस् जुगुवान् जुगूषी जुगुवत् / जुगुवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।