२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
घु (घुङ्)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.1106
धात्वर्थ: शब्दे — शब्द करना (to sound)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घवते घवेते घवन्ते मध्यम घवसे घवेथे घवध्वे उत्तम घवे घवावहे घवामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घवताम् घवेताम् घवन्ताम् मध्यम घवस्व घवेथाम् घवध्वम् उत्तम घवै घवावहै घवामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अघवत अघवेताम् अघवन्त मध्यम अघवथाः अघवेथाम् अघवध्वम् उत्तम अघवे अघवावहि अघवामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घवेत घवेयाताम् घवेरन् मध्यम घवेथाः घवेयाथाम् घवेध्वम् उत्तम घवेय घवेवहि घवेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घोष्यते घोष्येते घोष्यन्ते मध्यम घोष्यसे घोष्येथे घोष्यध्वे उत्तम घोष्ये घोष्यावहे घोष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घोता घोतारौ घोतारः मध्यम घोतासे घोतासाथे घोताध्वे उत्तम घोताहे घोतास्वहे घोतास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जुघुवे जुघुवाते जुघुविरे मध्यम जुघुविषे जुघुवाथे जुघुविढ्वे / जुघुविध्वे उत्तम जुघुवे जुघुविवहे जुघुविमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अघोष्ट अघोषाताम् अघोषत मध्यम अघोष्ठाः अघोषाथाम् अघोढ्वम् उत्तम अघोषि अघोष्वहि अघोष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घोषीष्ट घोषीयास्ताम् घोषीरन् मध्यम घोषीष्ठाः घोषीयास्थाम् घोषीढ्वम् उत्तम घोषीय घोषीवहि घोषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अघोष्यत अघोष्येताम् अघोष्यन्त मध्यम अघोष्यथाः अघोष्येथाम् अघोष्यध्वम् उत्तम अघोष्ये अघोष्यावहि अघोष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घूयते घूयेते घूयन्ते मध्यम घूयसे घूयेथे घूयध्वे उत्तम घूये घूयावहे घूयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घूयताम् घूयेताम् घूयन्ताम् मध्यम घूयस्व घूयेथाम् घूयध्वम् उत्तम घूयै घूयावहै घूयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अघूयत अघूयेताम् अघूयन्त मध्यम अघूयथाः अघूयेथाम् अघूयध्वम् उत्तम अघूये अघूयावहि अघूयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घूयेत घूयेयाताम् घूयेरन् मध्यम घूयेथाः घूयेयाथाम् घूयेध्वम् उत्तम घूयेय घूयेवहि घूयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम घाविष्यते / घोष्यते घाविष्येते / घोष्येते घाविष्यन्ते / घोष्यन्ते मध्यम घाविष्यसे / घोष्यसे घाविष्येथे / घोष्येथे घाविष्यध्वे / घोष्यध्वे उत्तम घाविष्ये / घोष्ये घाविष्यावहे / घोष्यावहे घाविष्यामहे / घोष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त घवन — — घवनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त घावक घावकः घाविका घावकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त घोतृ घोता घोत्री घोतृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त घव्य घव्यः घव्या घव्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त घाव्य घाव्यः घाव्या घाव्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) घोतव्य घोतव्यः घोतव्या घोतव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त घवनीय घवनीयः घवनीया घवनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) घुत घुतः घुता घुतम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) घुतवत् घुतवान् घुतवती घुतवत् / घुतवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) घवमान घवमानः घवमाना घवमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) घुत्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रघुत्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) घोतुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय घावम् — — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त घुति — घुतिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जुघुवस् जुघुवान् जुघूषी जुघुवत् / जुघुवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।