२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
ईश् (ईशँ)
अदादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 02.0010
धात्वर्थ: ऐश्वर्ये — अधिकार होना, मनानुसार काम करने की शक्ति रखना (to rule,to command,to possess power)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईष्टे ईशाते ईशते मध्यम ईशिषे ईशाथे ईशिध्वे उत्तम ईशे ईश्वहे ईश्महे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईष्टाम् ईशाताम् ईशताम् मध्यम ईशिष्व ईशाथाम् ईशिध्वम् उत्तम ईशै ईशावहै ईशामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ऐष्ट ऐशाताम् ऐशत मध्यम ऐष्ठाः ऐशाथाम् ऐड्ढ्वम् उत्तम ऐशि ऐश्वहि ऐश्महि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईशीत ईशीयाताम् ईशीरन् मध्यम ईशीथाः ईशीयाथाम् ईशीध्वम् उत्तम ईशीय ईशीवहि ईशीमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईशिष्यते ईशिष्येते ईशिष्यन्ते मध्यम ईशिष्यसे ईशिष्येथे ईशिष्यध्वे उत्तम ईशिष्ये ईशिष्यावहे ईशिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईशिता ईशितारौ ईशितारः मध्यम ईशितासे ईशितासाथे ईशिताध्वे उत्तम ईशिताहे ईशितास्वहे ईशितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईशाञ्चक्रे / ईशामास / ईशाम्बभूव ईशाञ्चक्राते / ईशामासतुः / ईशाम्बभूवतुः ईशाञ्चक्रिरे / ईशामासुः / ईशाम्बभूवुः मध्यम ईशाञ्चकृषे / ईशामासिथ / ईशाम्बभूविथ ईशाञ्चक्राथे / ईशामासथुः / ईशाम्बभूवथुः ईशाञ्चकृढ्वे / ईशामास / ईशाम्बभूव उत्तम ईशाञ्चक्रे / ईशामास / ईशाम्बभूव ईशाञ्चकृवहे / ईशामासिव / ईशाम्बभूविव ईशाञ्चकृमहे / ईशामासिम / ईशाम्बभूविम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ऐशिष्ट ऐशिषाताम् ऐशिषत मध्यम ऐशिष्ठाः ऐशिषाथाम् ऐशिध्वम् उत्तम ऐशिषि ऐशिष्वहि ऐशिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईशिषीष्ट ईशिषीयास्ताम् ईशिषीरन् मध्यम ईशिषीष्ठाः ईशिषीयास्थाम् ईशिषीध्वम् उत्तम ईशिषीय ईशिषीवहि ईशिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ऐशिष्यत ऐशिष्येताम् ऐशिष्यन्त मध्यम ऐशिष्यथाः ऐशिष्येथाम् ऐशिष्यध्वम् उत्तम ऐशिष्ये ऐशिष्यावहि ऐशिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईश्यते ईश्येते ईश्यन्ते मध्यम ईश्यसे ईश्येथे ईश्यध्वे उत्तम ईश्ये ईश्यावहे ईश्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईश्यताम् ईश्येताम् ईश्यन्ताम् मध्यम ईश्यस्व ईश्येथाम् ईश्यध्वम् उत्तम ईश्यै ईश्यावहै ईश्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ऐश्यत ऐश्येताम् ऐश्यन्त मध्यम ऐश्यथाः ऐश्येथाम् ऐश्यध्वम् उत्तम ऐश्ये ऐश्यावहि ऐश्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईश्येत ईश्येयाताम् ईश्येरन् मध्यम ईश्येथाः ईश्येयाथाम् ईश्येध्वम् उत्तम ईश्येय ईश्येवहि ईश्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ईशिष्यते ईशिष्येते ईशिष्यन्ते मध्यम ईशिष्यसे ईशिष्येथे ईशिष्यध्वे उत्तम ईशिष्ये ईशिष्यावहे ईशिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त ईशन — — ईशनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त ईशक ईशकः ईशिका ईशकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त ईशितृ ईशिता ईशित्री ईशितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त ईश्य ईश्यः ईश्या ईश्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) ईशितव्य ईशितव्यः ईशितव्या ईशितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त ईशनीय ईशनीयः ईशनीया ईशनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) ईशित ईशितः ईशिता ईशितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) ईशितवत् ईशितवान् ईशितवती ईशितवत् / ईशितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) ईशान ईशानः ईशाना ईशानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) ईशित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रेश्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) ईशितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय ईशम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त ईश ईशः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त ईष्टि — ईष्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त ईशाम्बभूवस् ईशाम्बभूवान् ईशाम्बभूषी ईशाम्बभूवत् / ईशाम्बभूवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।