२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्षु (टुक्षु)
अदादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 02.0031
धात्वर्थ: शब्दे — शब्द करना (to sneeze, to cough)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षौति क्षुतः क्षुवन्ति मध्यम क्षौषि क्षुथः क्षुथ उत्तम क्षौमि क्षुवः क्षुमः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षुतात् / क्षुताद् / क्षौतु क्षुताम् क्षुवन्तु मध्यम क्षुतात् / क्षुताद् / क्षुहि क्षुतम् क्षुत उत्तम क्षवाणि क्षवाव क्षवाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षौत् / अक्षौद् अक्षुताम् अक्षुवन् मध्यम अक्षौः अक्षुतम् अक्षुत उत्तम अक्षवम् अक्षुव अक्षुम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षुयात् / क्षुयाद् क्षुयाताम् क्षुयुः मध्यम क्षुयाः क्षुयातम् क्षुयात उत्तम क्षुयाम् क्षुयाव क्षुयाम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षविष्यति क्षविष्यतः क्षविष्यन्ति मध्यम क्षविष्यसि क्षविष्यथः क्षविष्यथ उत्तम क्षविष्यामि क्षविष्यावः क्षविष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षविता क्षवितारौ क्षवितारः मध्यम क्षवितासि क्षवितास्थः क्षवितास्थ उत्तम क्षवितास्मि क्षवितास्वः क्षवितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चुक्षाव चुक्षुवतुः चुक्षुवुः मध्यम चुक्षविथ चुक्षुवथुः चुक्षुव उत्तम चुक्षव / चुक्षाव चुक्षुविव चुक्षुविम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षावीत् / अक्षावीद् अक्षाविष्टाम् अक्षाविषुः मध्यम अक्षावीः अक्षाविष्टम् अक्षाविष्ट उत्तम अक्षाविषम् अक्षाविष्व अक्षाविष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षूयात् / क्षूयाद् क्षूयास्ताम् क्षूयासुः मध्यम क्षूयाः क्षूयास्तम् क्षूयास्त उत्तम क्षूयासम् क्षूयास्व क्षूयास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षविष्यत् / अक्षविष्यद् अक्षविष्यताम् अक्षविष्यन् मध्यम अक्षविष्यः अक्षविष्यतम् अक्षविष्यत उत्तम अक्षविष्यम् अक्षविष्याव अक्षविष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षूयते क्षूयेते क्षूयन्ते मध्यम क्षूयसे क्षूयेथे क्षूयध्वे उत्तम क्षूये क्षूयावहे क्षूयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षूयताम् क्षूयेताम् क्षूयन्ताम् मध्यम क्षूयस्व क्षूयेथाम् क्षूयध्वम् उत्तम क्षूयै क्षूयावहै क्षूयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षूयत अक्षूयेताम् अक्षूयन्त मध्यम अक्षूयथाः अक्षूयेथाम् अक्षूयध्वम् उत्तम अक्षूये अक्षूयावहि अक्षूयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षूयेत क्षूयेयाताम् क्षूयेरन् मध्यम क्षूयेथाः क्षूयेयाथाम् क्षूयेध्वम् उत्तम क्षूयेय क्षूयेवहि क्षूयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षविष्यते / क्षाविष्यते क्षविष्येते / क्षाविष्येते क्षविष्यन्ते / क्षाविष्यन्ते मध्यम क्षविष्यसे / क्षाविष्यसे क्षविष्येथे / क्षाविष्येथे क्षविष्यध्वे / क्षाविष्यध्वे उत्तम क्षविष्ये / क्षाविष्ये क्षविष्यावहे / क्षाविष्यावहे क्षविष्यामहे / क्षाविष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्षवण — — क्षवणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्षावक क्षावकः क्षाविका क्षावकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्षवितृ क्षविता क्षवित्री क्षवितृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त क्षव्य क्षव्यः क्षव्या क्षव्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त क्षाव्य क्षाव्यः क्षाव्या क्षाव्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्षवितव्य क्षवितव्यः क्षवितव्या क्षवितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्षवणीय क्षवणीयः क्षवणीया क्षवणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्षुत क्षुतः क्षुता क्षुतम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्षुतवत् क्षुतवान् क्षुतवती क्षुतवत् / क्षुतवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) क्षुवत् क्षुवन् क्षुवती क्षुवत् / क्षुवद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त क्षविष्यत् क्षविष्यन् क्षविष्यती / क्षविष्यन्ती क्षविष्यत् / क्षविष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्षुत्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्षुत्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्षवितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्षावम् — — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्षुति — क्षुतिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चुक्षुवस् चुक्षुवान् चुक्षूषी चुक्षुवत् / चुक्षुवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।