२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
श्लाघ् (श्लाघृँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0122
धात्वर्थ: कत्थने — प्रशंसा करना, आत्म स्तुति करना, फुसलाना (to praise,to flatter,to boast)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघते श्लाघेते श्लाघन्ते मध्यम श्लाघसे श्लाघेथे श्लाघध्वे उत्तम श्लाघे श्लाघावहे श्लाघामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघताम् श्लाघेताम् श्लाघन्ताम् मध्यम श्लाघस्व श्लाघेथाम् श्लाघध्वम् उत्तम श्लाघै श्लाघावहै श्लाघामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अश्लाघत अश्लाघेताम् अश्लाघन्त मध्यम अश्लाघथाः अश्लाघेथाम् अश्लाघध्वम् उत्तम अश्लाघे अश्लाघावहि अश्लाघामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघेत श्लाघेयाताम् श्लाघेरन् मध्यम श्लाघेथाः श्लाघेयाथाम् श्लाघेध्वम् उत्तम श्लाघेय श्लाघेवहि श्लाघेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघिष्यते श्लाघिष्येते श्लाघिष्यन्ते मध्यम श्लाघिष्यसे श्लाघिष्येथे श्लाघिष्यध्वे उत्तम श्लाघिष्ये श्लाघिष्यावहे श्लाघिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघिता श्लाघितारौ श्लाघितारः मध्यम श्लाघितासे श्लाघितासाथे श्लाघिताध्वे उत्तम श्लाघिताहे श्लाघितास्वहे श्लाघितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शश्लाघे शश्लाघाते शश्लाघिरे मध्यम शश्लाघिषे शश्लाघाथे शश्लाघिध्वे उत्तम शश्लाघे शश्लाघिवहे शश्लाघिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अश्लाघिष्ट अश्लाघिषाताम् अश्लाघिषत मध्यम अश्लाघिष्ठाः अश्लाघिषाथाम् अश्लाघिध्वम् उत्तम अश्लाघिषि अश्लाघिष्वहि अश्लाघिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघिषीष्ट श्लाघिषीयास्ताम् श्लाघिषीरन् मध्यम श्लाघिषीष्ठाः श्लाघिषीयास्थाम् श्लाघिषीध्वम् उत्तम श्लाघिषीय श्लाघिषीवहि श्लाघिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अश्लाघिष्यत अश्लाघिष्येताम् अश्लाघिष्यन्त मध्यम अश्लाघिष्यथाः अश्लाघिष्येथाम् अश्लाघिष्यध्वम् उत्तम अश्लाघिष्ये अश्लाघिष्यावहि अश्लाघिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघ्यते श्लाघ्येते श्लाघ्यन्ते मध्यम श्लाघ्यसे श्लाघ्येथे श्लाघ्यध्वे उत्तम श्लाघ्ये श्लाघ्यावहे श्लाघ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघ्यताम् श्लाघ्येताम् श्लाघ्यन्ताम् मध्यम श्लाघ्यस्व श्लाघ्येथाम् श्लाघ्यध्वम् उत्तम श्लाघ्यै श्लाघ्यावहै श्लाघ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अश्लाघ्यत अश्लाघ्येताम् अश्लाघ्यन्त मध्यम अश्लाघ्यथाः अश्लाघ्येथाम् अश्लाघ्यध्वम् उत्तम अश्लाघ्ये अश्लाघ्यावहि अश्लाघ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघ्येत श्लाघ्येयाताम् श्लाघ्येरन् मध्यम श्लाघ्येथाः श्लाघ्येयाथाम् श्लाघ्येध्वम् उत्तम श्लाघ्येय श्लाघ्येवहि श्लाघ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्लाघिष्यते श्लाघिष्येते श्लाघिष्यन्ते मध्यम श्लाघिष्यसे श्लाघिष्येथे श्लाघिष्यध्वे उत्तम श्लाघिष्ये श्लाघिष्यावहे श्लाघिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त श्लाघन — — श्लाघनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त श्लाघक श्लाघकः श्लाघिका श्लाघकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त श्लाघितृ श्लाघिता श्लाघित्री श्लाघितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त श्लाघ्य श्लाघ्यः श्लाघ्या श्लाघ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) श्लाघितव्य श्लाघितव्यः श्लाघितव्या श्लाघितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त श्लाघनीय श्लाघनीयः श्लाघनीया श्लाघनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) श्लाघित श्लाघितः श्लाघिता श्लाघितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) श्लाघितवत् श्लाघितवान् श्लाघितवती श्लाघितवत् / श्लाघितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) श्लाघमान श्लाघमानः श्लाघमाना श्लाघमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) श्लाघित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रश्लाघ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) श्लाघितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय श्लाघम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त श्लाघ श्लाघः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त श्लाग्धि — श्लाग्धिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त शश्लाघ्वस् शश्लाघ्वान् शश्लाघुषी शश्लाघ्वत् / शश्लाघ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।