२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
फक्क् (फक्कँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0123
धात्वर्थ: नीचैर्गतौ — धीरे धीरे जाना, रेंगना, खराब आचरण करना (to go slowly, to misbehave)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्कति फक्कतः फक्कन्ति मध्यम फक्कसि फक्कथः फक्कथ उत्तम फक्कामि फक्कावः फक्कामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्कतात् / फक्कताद् / फक्कतु फक्कताम् फक्कन्तु मध्यम फक्क / फक्कतात् / फक्कताद् फक्कतम् फक्कत उत्तम फक्कानि फक्काव फक्काम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अफक्कत् / अफक्कद् अफक्कताम् अफक्कन् मध्यम अफक्कः अफक्कतम् अफक्कत उत्तम अफक्कम् अफक्काव अफक्काम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्केत् / फक्केद् फक्केताम् फक्केयुः मध्यम फक्केः फक्केतम् फक्केत उत्तम फक्केयम् फक्केव फक्केम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्किष्यति फक्किष्यतः फक्किष्यन्ति मध्यम फक्किष्यसि फक्किष्यथः फक्किष्यथ उत्तम फक्किष्यामि फक्किष्यावः फक्किष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्किता फक्कितारौ फक्कितारः मध्यम फक्कितासि फक्कितास्थः फक्कितास्थ उत्तम फक्कितास्मि फक्कितास्वः फक्कितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पफक्क पफक्कतुः पफक्कुः मध्यम पफक्किथ पफक्कथुः पफक्क उत्तम पफक्क पफक्किव पफक्किम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अफक्कीत् / अफक्कीद् अफक्किष्टाम् अफक्किषुः मध्यम अफक्कीः अफक्किष्टम् अफक्किष्ट उत्तम अफक्किषम् अफक्किष्व अफक्किष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्क्यात् / फक्क्याद् फक्क्यास्ताम् फक्क्यासुः मध्यम फक्क्याः फक्क्यास्तम् फक्क्यास्त उत्तम फक्क्यासम् फक्क्यास्व फक्क्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अफक्किष्यत् / अफक्किष्यद् अफक्किष्यताम् अफक्किष्यन् मध्यम अफक्किष्यः अफक्किष्यतम् अफक्किष्यत उत्तम अफक्किष्यम् अफक्किष्याव अफक्किष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्क्यते फक्क्येते फक्क्यन्ते मध्यम फक्क्यसे फक्क्येथे फक्क्यध्वे उत्तम फक्क्ये फक्क्यावहे फक्क्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्क्यताम् फक्क्येताम् फक्क्यन्ताम् मध्यम फक्क्यस्व फक्क्येथाम् फक्क्यध्वम् उत्तम फक्क्यै फक्क्यावहै फक्क्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अफक्क्यत अफक्क्येताम् अफक्क्यन्त मध्यम अफक्क्यथाः अफक्क्येथाम् अफक्क्यध्वम् उत्तम अफक्क्ये अफक्क्यावहि अफक्क्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्क्येत फक्क्येयाताम् फक्क्येरन् मध्यम फक्क्येथाः फक्क्येयाथाम् फक्क्येध्वम् उत्तम फक्क्येय फक्क्येवहि फक्क्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम फक्किष्यते फक्किष्येते फक्किष्यन्ते मध्यम फक्किष्यसे फक्किष्येथे फक्किष्यध्वे उत्तम फक्किष्ये फक्किष्यावहे फक्किष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त फक्कन — — फक्कनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त फक्कक फक्ककः फक्किका फक्ककम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त फक्कितृ फक्किता फक्कित्री फक्कितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त फक्क्य फक्क्यः फक्क्या फक्क्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) फक्कितव्य फक्कितव्यः फक्कितव्या फक्कितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त फक्कनीय फक्कनीयः फक्कनीया फक्कनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) फक्कित फक्कितः फक्किता फक्कितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) फक्कितवत् फक्कितवान् फक्कितवती फक्कितवत् / फक्कितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) फक्कत् फक्कन् फक्कन्ती फक्कत् / फक्कद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त फक्किष्यत् फक्किष्यन् फक्किष्यती / फक्किष्यन्ती फक्किष्यत् / फक्किष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) फक्कित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रफक्क्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) फक्कितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय फक्कम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त फक्क फक्कः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त फक्ति — फक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त पफक्क्वस् पफक्क्वान् पफक्कुषी पफक्क्वत् / पफक्क्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।