२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
जक्ष् (जक्षँ)
अदादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 02.0066
धात्वर्थ: भक्षहसनयोः — कहना, हसना (to eat,to consume,to laugh)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्षिति जक्षितः जक्षति मध्यम जक्षिषि जक्षिथः जक्षिथ उत्तम जक्षिमि जक्षिवः जक्षिमः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्षितात् / जक्षिताद् / जक्षितु जक्षिताम् जक्षतु मध्यम जक्षितात् / जक्षिताद् / जक्षिहि जक्षितम् जक्षित उत्तम जक्षाणि जक्षाव जक्षाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजक्षत् / अजक्षद् / अजक्षीत् / अजक्षीद् अजक्षिताम् अजक्षुः मध्यम अजक्षः / अजक्षीः अजक्षितम् अजक्षित उत्तम अजक्षम् अजक्षिव अजक्षिम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्ष्यात् / जक्ष्याद् जक्ष्याताम् जक्ष्युः मध्यम जक्ष्याः जक्ष्यातम् जक्ष्यात उत्तम जक्ष्याम् जक्ष्याव जक्ष्याम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्षिष्यति जक्षिष्यतः जक्षिष्यन्ति मध्यम जक्षिष्यसि जक्षिष्यथः जक्षिष्यथ उत्तम जक्षिष्यामि जक्षिष्यावः जक्षिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्षिता जक्षितारौ जक्षितारः मध्यम जक्षितासि जक्षितास्थः जक्षितास्थ उत्तम जक्षितास्मि जक्षितास्वः जक्षितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जजक्ष जजक्षतुः जजक्षुः मध्यम जजक्षिथ जजक्षथुः जजक्ष उत्तम जजक्ष जजक्षिव जजक्षिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजक्षीत् / अजक्षीद् अजक्षिष्टाम् अजक्षिषुः मध्यम अजक्षीः अजक्षिष्टम् अजक्षिष्ट उत्तम अजक्षिषम् अजक्षिष्व अजक्षिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्ष्यात् / जक्ष्याद् जक्ष्यास्ताम् जक्ष्यासुः मध्यम जक्ष्याः जक्ष्यास्तम् जक्ष्यास्त उत्तम जक्ष्यासम् जक्ष्यास्व जक्ष्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजक्षिष्यत् / अजक्षिष्यद् अजक्षिष्यताम् अजक्षिष्यन् मध्यम अजक्षिष्यः अजक्षिष्यतम् अजक्षिष्यत उत्तम अजक्षिष्यम् अजक्षिष्याव अजक्षिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्ष्यते जक्ष्येते जक्ष्यन्ते मध्यम जक्ष्यसे जक्ष्येथे जक्ष्यध्वे उत्तम जक्ष्ये जक्ष्यावहे जक्ष्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्ष्यताम् जक्ष्येताम् जक्ष्यन्ताम् मध्यम जक्ष्यस्व जक्ष्येथाम् जक्ष्यध्वम् उत्तम जक्ष्यै जक्ष्यावहै जक्ष्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजक्ष्यत अजक्ष्येताम् अजक्ष्यन्त मध्यम अजक्ष्यथाः अजक्ष्येथाम् अजक्ष्यध्वम् उत्तम अजक्ष्ये अजक्ष्यावहि अजक्ष्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्ष्येत जक्ष्येयाताम् जक्ष्येरन् मध्यम जक्ष्येथाः जक्ष्येयाथाम् जक्ष्येध्वम् उत्तम जक्ष्येय जक्ष्येवहि जक्ष्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जक्षिष्यते जक्षिष्येते जक्षिष्यन्ते मध्यम जक्षिष्यसे जक्षिष्येथे जक्षिष्यध्वे उत्तम जक्षिष्ये जक्षिष्यावहे जक्षिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त जक्षण — — जक्षणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त जक्षक जक्षकः जक्षिका जक्षकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त जक्षितृ जक्षिता जक्षित्री जक्षितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त जक्ष्य जक्ष्यः जक्ष्या जक्ष्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) जक्षितव्य जक्षितव्यः जक्षितव्या जक्षितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त जक्षणीय जक्षणीयः जक्षणीया जक्षणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) जक्षित जक्षितः जक्षिता जक्षितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) जक्षितवत् जक्षितवान् जक्षितवती जक्षितवत् / जक्षितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) जक्षत् जक्षत् / जक्षद् जक्षती जक्षत् / जक्षद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त जक्षिष्यत् जक्षिष्यन् जक्षिष्यती / जक्षिष्यन्ती जक्षिष्यत् / जक्षिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) जक्षित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रजक्ष्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) जक्षितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय जक्षम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त जक्ष जक्षः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त जष्टि — जष्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जजक्ष्वस् जजक्ष्वान् जजक्षुषी जजक्ष्वत् / जजक्ष्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।