२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
पुथ् (पुथँ)
दिवादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 04.0013
धात्वर्थ: हिंसायाम् — दुःख देना, मारना (to kill, to destroy, to hurt)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुथ्यति पुथ्यतः पुथ्यन्ति मध्यम पुथ्यसि पुथ्यथः पुथ्यथ उत्तम पुथ्यामि पुथ्यावः पुथ्यामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुथ्यतात् / पुथ्यताद् / पुथ्यतु पुथ्यताम् पुथ्यन्तु मध्यम पुथ्य / पुथ्यतात् / पुथ्यताद् पुथ्यतम् पुथ्यत उत्तम पुथ्यानि पुथ्याव पुथ्याम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपुथ्यत् / अपुथ्यद् अपुथ्यताम् अपुथ्यन् मध्यम अपुथ्यः अपुथ्यतम् अपुथ्यत उत्तम अपुथ्यम् अपुथ्याव अपुथ्याम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुथ्येत् / पुथ्येद् पुथ्येताम् पुथ्येयुः मध्यम पुथ्येः पुथ्येतम् पुथ्येत उत्तम पुथ्येयम् पुथ्येव पुथ्येम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोथिष्यति पोथिष्यतः पोथिष्यन्ति मध्यम पोथिष्यसि पोथिष्यथः पोथिष्यथ उत्तम पोथिष्यामि पोथिष्यावः पोथिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोथिता पोथितारौ पोथितारः मध्यम पोथितासि पोथितास्थः पोथितास्थ उत्तम पोथितास्मि पोथितास्वः पोथितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुपोथ पुपुथतुः पुपुथुः मध्यम पुपोथिथ पुपुथथुः पुपुथ उत्तम पुपोथ पुपुथिव पुपुथिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपोथीत् / अपोथीद् अपोथिष्टाम् अपोथिषुः मध्यम अपोथीः अपोथिष्टम् अपोथिष्ट उत्तम अपोथिषम् अपोथिष्व अपोथिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुथ्यात् / पुथ्याद् पुथ्यास्ताम् पुथ्यासुः मध्यम पुथ्याः पुथ्यास्तम् पुथ्यास्त उत्तम पुथ्यासम् पुथ्यास्व पुथ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपोथिष्यत् / अपोथिष्यद् अपोथिष्यताम् अपोथिष्यन् मध्यम अपोथिष्यः अपोथिष्यतम् अपोथिष्यत उत्तम अपोथिष्यम् अपोथिष्याव अपोथिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुथ्यते पुथ्येते पुथ्यन्ते मध्यम पुथ्यसे पुथ्येथे पुथ्यध्वे उत्तम पुथ्ये पुथ्यावहे पुथ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुथ्यताम् पुथ्येताम् पुथ्यन्ताम् मध्यम पुथ्यस्व पुथ्येथाम् पुथ्यध्वम् उत्तम पुथ्यै पुथ्यावहै पुथ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपुथ्यत अपुथ्येताम् अपुथ्यन्त मध्यम अपुथ्यथाः अपुथ्येथाम् अपुथ्यध्वम् उत्तम अपुथ्ये अपुथ्यावहि अपुथ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुथ्येत पुथ्येयाताम् पुथ्येरन् मध्यम पुथ्येथाः पुथ्येयाथाम् पुथ्येध्वम् उत्तम पुथ्येय पुथ्येवहि पुथ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोथिष्यते पोथिष्येते पोथिष्यन्ते मध्यम पोथिष्यसे पोथिष्येथे पोथिष्यध्वे उत्तम पोथिष्ये पोथिष्यावहे पोथिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त पोथन — — पोथनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त पोथक पोथकः पोथिका पोथकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त पोथितृ पोथिता पोथित्री पोथितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त पोथ्य पोथ्यः पोथ्या पोथ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) पोथितव्य पोथितव्यः पोथितव्या पोथितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त पोथनीय पोथनीयः पोथनीया पोथनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) पुथित पुथितः पुथिता पुथितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) पुथितवत् पुथितवान् पुथितवती पुथितवत् / पुथितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) पुथ्यत् पुथ्यन् पुथ्यन्ती पुथ्यत् / पुथ्यद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त पोथिष्यत् पोथिष्यन् पोथिष्यती / पोथिष्यन्ती पोथिष्यत् / पोथिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) पुथित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रपुथ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) पोथितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय पोथम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त पोथ पोथः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त पुत्ति — पुत्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त पुपुथ्वस् पुपुथ्वान् पुपुथुषी पुपुथ्वत् / पुपुथ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।