२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्षिप् (क्षिपँ)
दिवादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 04.0015
धात्वर्थ: प्रेरणे — फेकना (to throw)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षिप्यति क्षिप्यतः क्षिप्यन्ति मध्यम क्षिप्यसि क्षिप्यथः क्षिप्यथ उत्तम क्षिप्यामि क्षिप्यावः क्षिप्यामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षिप्यतात् / क्षिप्यताद् / क्षिप्यतु क्षिप्यताम् क्षिप्यन्तु मध्यम क्षिप्य / क्षिप्यतात् / क्षिप्यताद् क्षिप्यतम् क्षिप्यत उत्तम क्षिप्याणि क्षिप्याव क्षिप्याम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षिप्यत् / अक्षिप्यद् अक्षिप्यताम् अक्षिप्यन् मध्यम अक्षिप्यः अक्षिप्यतम् अक्षिप्यत उत्तम अक्षिप्यम् अक्षिप्याव अक्षिप्याम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षिप्येत् / क्षिप्येद् क्षिप्येताम् क्षिप्येयुः मध्यम क्षिप्येः क्षिप्येतम् क्षिप्येत उत्तम क्षिप्येयम् क्षिप्येव क्षिप्येम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षेप्स्यति क्षेप्स्यतः क्षेप्स्यन्ति मध्यम क्षेप्स्यसि क्षेप्स्यथः क्षेप्स्यथ उत्तम क्षेप्स्यामि क्षेप्स्यावः क्षेप्स्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षेप्ता क्षेप्तारौ क्षेप्तारः मध्यम क्षेप्तासि क्षेप्तास्थः क्षेप्तास्थ उत्तम क्षेप्तास्मि क्षेप्तास्वः क्षेप्तास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चिक्षेप चिक्षिपतुः चिक्षिपुः मध्यम चिक्षेपिथ चिक्षिपथुः चिक्षिप उत्तम चिक्षेप चिक्षिपिव चिक्षिपिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षैप्सीत् / अक्षैप्सीद् अक्षैप्ताम् अक्षैप्सुः मध्यम अक्षैप्सीः अक्षैप्तम् अक्षैप्त उत्तम अक्षैप्सम् अक्षैप्स्व अक्षैप्स्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षिप्यात् / क्षिप्याद् क्षिप्यास्ताम् क्षिप्यासुः मध्यम क्षिप्याः क्षिप्यास्तम् क्षिप्यास्त उत्तम क्षिप्यासम् क्षिप्यास्व क्षिप्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षेप्स्यत् / अक्षेप्स्यद् अक्षेप्स्यताम् अक्षेप्स्यन् मध्यम अक्षेप्स्यः अक्षेप्स्यतम् अक्षेप्स्यत उत्तम अक्षेप्स्यम् अक्षेप्स्याव अक्षेप्स्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षिप्यते क्षिप्येते क्षिप्यन्ते मध्यम क्षिप्यसे क्षिप्येथे क्षिप्यध्वे उत्तम क्षिप्ये क्षिप्यावहे क्षिप्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षिप्यताम् क्षिप्येताम् क्षिप्यन्ताम् मध्यम क्षिप्यस्व क्षिप्येथाम् क्षिप्यध्वम् उत्तम क्षिप्यै क्षिप्यावहै क्षिप्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षिप्यत अक्षिप्येताम् अक्षिप्यन्त मध्यम अक्षिप्यथाः अक्षिप्येथाम् अक्षिप्यध्वम् उत्तम अक्षिप्ये अक्षिप्यावहि अक्षिप्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षिप्येत क्षिप्येयाताम् क्षिप्येरन् मध्यम क्षिप्येथाः क्षिप्येयाथाम् क्षिप्येध्वम् उत्तम क्षिप्येय क्षिप्येवहि क्षिप्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षेप्स्यते क्षेप्स्येते क्षेप्स्यन्ते मध्यम क्षेप्स्यसे क्षेप्स्येथे क्षेप्स्यध्वे उत्तम क्षेप्स्ये क्षेप्स्यावहे क्षेप्स्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्षेपण — — क्षेपणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्षेपक क्षेपकः क्षेपिका क्षेपकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्षेप्तृ क्षेप्ता क्षेप्त्री क्षेप्तृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त क्षेप्य क्षेप्यः क्षेप्या क्षेप्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्षेप्तव्य क्षेप्तव्यः क्षेप्तव्या क्षेप्तव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्षेपणीय क्षेपणीयः क्षेपणीया क्षेपणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्षिप्त क्षिप्तः क्षिप्ता क्षिप्तम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्षिप्तवत् क्षिप्तवान् क्षिप्तवती क्षिप्तवत् / क्षिप्तवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) क्षिप्यत् क्षिप्यन् क्षिप्यन्ती क्षिप्यत् / क्षिप्यद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त क्षेप्स्यत् क्षेप्स्यन् क्षेप्स्यती / क्षेप्स्यन्ती क्षेप्स्यत् / क्षेप्स्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्षिप्त्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्षिप्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्षेप्तुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्षेपम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त क्षेप क्षेपः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्षिप्ति — क्षिप्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चिक्षिप्वस् चिक्षिप्वान् चिक्षिपुषी चिक्षिप्वत् / चिक्षिप्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।