२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
जूर् (जूरीँ)
दिवादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 04.0051
धात्वर्थ: हिंसावयोहान्योः — हिंसा करना, दुःख देना, वृद्ध होना (to kill,to torture, to become old)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूर्यते जूर्येते जूर्यन्ते मध्यम जूर्यसे जूर्येथे जूर्यध्वे उत्तम जूर्ये जूर्यावहे जूर्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूर्यताम् जूर्येताम् जूर्यन्ताम् मध्यम जूर्यस्व जूर्येथाम् जूर्यध्वम् उत्तम जूर्यै जूर्यावहै जूर्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजूर्यत अजूर्येताम् अजूर्यन्त मध्यम अजूर्यथाः अजूर्येथाम् अजूर्यध्वम् उत्तम अजूर्ये अजूर्यावहि अजूर्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूर्येत जूर्येयाताम् जूर्येरन् मध्यम जूर्येथाः जूर्येयाथाम् जूर्येध्वम् उत्तम जूर्येय जूर्येवहि जूर्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूरिष्यते जूरिष्येते जूरिष्यन्ते मध्यम जूरिष्यसे जूरिष्येथे जूरिष्यध्वे उत्तम जूरिष्ये जूरिष्यावहे जूरिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूरिता जूरितारौ जूरितारः मध्यम जूरितासे जूरितासाथे जूरिताध्वे उत्तम जूरिताहे जूरितास्वहे जूरितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जुजूरे जुजूराते जुजूरिरे मध्यम जुजूरिषे जुजूराथे जुजूरिढ्वे / जुजूरिध्वे उत्तम जुजूरे जुजूरिवहे जुजूरिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजूरिष्ट अजूरिषाताम् अजूरिषत मध्यम अजूरिष्ठाः अजूरिषाथाम् अजूरिढ्वम् / अजूरिध्वम् उत्तम अजूरिषि अजूरिष्वहि अजूरिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूरिषीष्ट जूरिषीयास्ताम् जूरिषीरन् मध्यम जूरिषीष्ठाः जूरिषीयास्थाम् जूरिषीढ्वम् / जूरिषीध्वम् उत्तम जूरिषीय जूरिषीवहि जूरिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजूरिष्यत अजूरिष्येताम् अजूरिष्यन्त मध्यम अजूरिष्यथाः अजूरिष्येथाम् अजूरिष्यध्वम् उत्तम अजूरिष्ये अजूरिष्यावहि अजूरिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूर्यते जूर्येते जूर्यन्ते मध्यम जूर्यसे जूर्येथे जूर्यध्वे उत्तम जूर्ये जूर्यावहे जूर्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूर्यताम् जूर्येताम् जूर्यन्ताम् मध्यम जूर्यस्व जूर्येथाम् जूर्यध्वम् उत्तम जूर्यै जूर्यावहै जूर्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजूर्यत अजूर्येताम् अजूर्यन्त मध्यम अजूर्यथाः अजूर्येथाम् अजूर्यध्वम् उत्तम अजूर्ये अजूर्यावहि अजूर्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूर्येत जूर्येयाताम् जूर्येरन् मध्यम जूर्येथाः जूर्येयाथाम् जूर्येध्वम् उत्तम जूर्येय जूर्येवहि जूर्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जूरिष्यते जूरिष्येते जूरिष्यन्ते मध्यम जूरिष्यसे जूरिष्येथे जूरिष्यध्वे उत्तम जूरिष्ये जूरिष्यावहे जूरिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त जूरण — — जूरणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त जूरक जूरकः जूरिका जूरकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त जूरितृ जूरिता जूरित्री जूरितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त जूर्य जूर्यः जूर्या जूर्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) जूरितव्य जूरितव्यः जूरितव्या जूरितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त जूरणीय जूरणीयः जूरणीया जूरणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) जूर्ण जूर्णः जूर्णा जूर्णम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) जूर्णवत् जूर्णवान् जूर्णवती जूर्णवत् / जूर्णवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) जूर्यमाण जूर्यमाणः जूर्यमाणा जूर्यमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) जूरित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रजूर्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) जूरितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय जूरम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त जूर जूरः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त जूर्ति — जूर्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जुजूर्वस् जुजूर्वान् जुजूरुषी जुजूर्वत् / जुजूर्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।