२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें
ध्राख् (ध्राखृँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0133
धात्वर्थ: शोषणालमर्थयोः — सूखना, शुष्क होना, भूषित करना, कार्यक्षम होना, रोकना, निषेध करना (to dry out, to decorate, to be sufficient, to refuse, to prevent, to stop)
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राखति
ध्राखतः
ध्राखन्ति
मध्यम
ध्राखसि
ध्राखथः
ध्राखथ
उत्तम
ध्राखामि
ध्राखावः
ध्राखामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राखतात् / ध्राखताद् / ध्राखतु
ध्राखताम्
ध्राखन्तु
मध्यम
ध्राख / ध्राखतात् / ध्राखताद्
ध्राखतम्
ध्राखत
उत्तम
ध्राखाणि
ध्राखाव
ध्राखाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अध्राखत् / अध्राखद्
अध्राखताम्
अध्राखन्
मध्यम
अध्राखः
अध्राखतम्
अध्राखत
उत्तम
अध्राखम्
अध्राखाव
अध्राखाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राखेत् / ध्राखेद्
ध्राखेताम्
ध्राखेयुः
मध्यम
ध्राखेः
ध्राखेतम्
ध्राखेत
उत्तम
ध्राखेयम्
ध्राखेव
ध्राखेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राखिष्यति
ध्राखिष्यतः
ध्राखिष्यन्ति
मध्यम
ध्राखिष्यसि
ध्राखिष्यथः
ध्राखिष्यथ
उत्तम
ध्राखिष्यामि
ध्राखिष्यावः
ध्राखिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राखिता
ध्राखितारौ
ध्राखितारः
मध्यम
ध्राखितासि
ध्राखितास्थः
ध्राखितास्थ
उत्तम
ध्राखितास्मि
ध्राखितास्वः
ध्राखितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
दध्राख
दध्राखतुः
दध्राखुः
मध्यम
दध्राखिथ
दध्राखथुः
दध्राख
उत्तम
दध्राख
दध्राखिव
दध्राखिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अध्राखीत् / अध्राखीद्
अध्राखिष्टाम्
अध्राखिषुः
मध्यम
अध्राखीः
अध्राखिष्टम्
अध्राखिष्ट
उत्तम
अध्राखिषम्
अध्राखिष्व
अध्राखिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राख्यात् / ध्राख्याद्
ध्राख्यास्ताम्
ध्राख्यासुः
मध्यम
ध्राख्याः
ध्राख्यास्तम्
ध्राख्यास्त
उत्तम
ध्राख्यासम्
ध्राख्यास्व
ध्राख्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अध्राखिष्यत् / अध्राखिष्यद्
अध्राखिष्यताम्
अध्राखिष्यन्
मध्यम
अध्राखिष्यः
अध्राखिष्यतम्
अध्राखिष्यत
उत्तम
अध्राखिष्यम्
अध्राखिष्याव
अध्राखिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राख्यते
ध्राख्येते
ध्राख्यन्ते
मध्यम
ध्राख्यसे
ध्राख्येथे
ध्राख्यध्वे
उत्तम
ध्राख्ये
ध्राख्यावहे
ध्राख्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राख्यताम्
ध्राख्येताम्
ध्राख्यन्ताम्
मध्यम
ध्राख्यस्व
ध्राख्येथाम्
ध्राख्यध्वम्
उत्तम
ध्राख्यै
ध्राख्यावहै
ध्राख्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अध्राख्यत
अध्राख्येताम्
अध्राख्यन्त
मध्यम
अध्राख्यथाः
अध्राख्येथाम्
अध्राख्यध्वम्
उत्तम
अध्राख्ये
अध्राख्यावहि
अध्राख्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राख्येत
ध्राख्येयाताम्
ध्राख्येरन्
मध्यम
ध्राख्येथाः
ध्राख्येयाथाम्
ध्राख्येध्वम्
उत्तम
ध्राख्येय
ध्राख्येवहि
ध्राख्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ध्राखिष्यते
ध्राखिष्येते
ध्राखिष्यन्ते
मध्यम
ध्राखिष्यसे
ध्राखिष्येथे
ध्राखिष्यध्वे
उत्तम
ध्राखिष्ये
ध्राखिष्यावहे
ध्राखिष्यामहे
प्रत्यय
प्रयोग / अर्थ
प्रातिपदिक / अव्यय
पुंलिङ्ग
स्त्रीलिङ्ग
नपुंसकलिङ्ग
ल्युट्
भाववाचक/करणवाचक कृदन्त
ध्राखण
—
—
ध्राखणम्
ण्वुल्
कर्तृवाचक कृदन्त
ध्राखक
ध्राखकः
ध्राखिका
ध्राखकम्
तृच्
कर्तृवाचक कृदन्त
ध्राखितृ
ध्राखिता
ध्राखित्री
ध्राखितृ
ण्यत्
विध्यर्थक कृदन्त
ध्राख्य
ध्राख्यः
ध्राख्या
ध्राख्यम्
तव्य
विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए)
ध्राखितव्य
ध्राखितव्यः
ध्राखितव्या
ध्राखितव्यम्
अनीयर्
विध्यर्थक कृदन्त
ध्राखणीय
ध्राखणीयः
ध्राखणीया
ध्राखणीयम्
क्त
भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा)
ध्राखित
ध्राखितः
ध्राखिता
ध्राखितम्
क्तवतु
भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा)
ध्राखितवत्
ध्राखितवान्
ध्राखितवती
ध्राखितवत् / ध्राखितवद्
शतृ
वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद)
ध्राखत्
ध्राखन्
ध्राखन्ती
ध्राखत् / ध्राखद्
स्य-शतृ
भविष्यत्कालिक कृदन्त
ध्राखिष्यत्
ध्राखिष्यन्
ध्राखिष्यती / ध्राखिष्यन्ती
ध्राखिष्यत् / ध्राखिष्यद्
क्त्वा
पूर्वकालिक अव्यय (करके)
ध्राखित्वा
—
—
—
ल्यप्
पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके)
प्रध्राख्य
—
—
—
तुमुन्
निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए)
ध्राखितुम्
—
—
—
णमुल्
पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय
ध्राखम्
—
—
—
घञ्
भाववाचक कृदन्त
ध्राख
ध्राखः
—
—
क्तिन्
भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त
ध्राक्ति
—
ध्राक्तिः
—
क्वसु
भूतकालिक (लिट्) कृदन्त
दध्राख्वस्
दध्राख्वान्
दध्राखुषी
दध्राख्वत् / दध्राख्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।
ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।