२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
काश् (काशृँ)
दिवादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 04.0058
धात्वर्थ: दीप्तौ — चमकना (to glow, to shine)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काश्यते काश्येते काश्यन्ते मध्यम काश्यसे काश्येथे काश्यध्वे उत्तम काश्ये काश्यावहे काश्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काश्यताम् काश्येताम् काश्यन्ताम् मध्यम काश्यस्व काश्येथाम् काश्यध्वम् उत्तम काश्यै काश्यावहै काश्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकाश्यत अकाश्येताम् अकाश्यन्त मध्यम अकाश्यथाः अकाश्येथाम् अकाश्यध्वम् उत्तम अकाश्ये अकाश्यावहि अकाश्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काश्येत काश्येयाताम् काश्येरन् मध्यम काश्येथाः काश्येयाथाम् काश्येध्वम् उत्तम काश्येय काश्येवहि काश्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काशिष्यते काशिष्येते काशिष्यन्ते मध्यम काशिष्यसे काशिष्येथे काशिष्यध्वे उत्तम काशिष्ये काशिष्यावहे काशिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काशिता काशितारौ काशितारः मध्यम काशितासे काशितासाथे काशिताध्वे उत्तम काशिताहे काशितास्वहे काशितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चकाशे चकाशाते चकाशिरे मध्यम चकाशिषे चकाशाथे चकाशिध्वे उत्तम चकाशे चकाशिवहे चकाशिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकाशिष्ट अकाशिषाताम् अकाशिषत मध्यम अकाशिष्ठाः अकाशिषाथाम् अकाशिध्वम् उत्तम अकाशिषि अकाशिष्वहि अकाशिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काशिषीष्ट काशिषीयास्ताम् काशिषीरन् मध्यम काशिषीष्ठाः काशिषीयास्थाम् काशिषीध्वम् उत्तम काशिषीय काशिषीवहि काशिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकाशिष्यत अकाशिष्येताम् अकाशिष्यन्त मध्यम अकाशिष्यथाः अकाशिष्येथाम् अकाशिष्यध्वम् उत्तम अकाशिष्ये अकाशिष्यावहि अकाशिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काश्यते काश्येते काश्यन्ते मध्यम काश्यसे काश्येथे काश्यध्वे उत्तम काश्ये काश्यावहे काश्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काश्यताम् काश्येताम् काश्यन्ताम् मध्यम काश्यस्व काश्येथाम् काश्यध्वम् उत्तम काश्यै काश्यावहै काश्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकाश्यत अकाश्येताम् अकाश्यन्त मध्यम अकाश्यथाः अकाश्येथाम् अकाश्यध्वम् उत्तम अकाश्ये अकाश्यावहि अकाश्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काश्येत काश्येयाताम् काश्येरन् मध्यम काश्येथाः काश्येयाथाम् काश्येध्वम् उत्तम काश्येय काश्येवहि काश्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम काशिष्यते काशिष्येते काशिष्यन्ते मध्यम काशिष्यसे काशिष्येथे काशिष्यध्वे उत्तम काशिष्ये काशिष्यावहे काशिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त काशन — — काशनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त काशक काशकः काशिका काशकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त काशितृ काशिता काशित्री काशितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त काश्य काश्यः काश्या काश्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) काशितव्य काशितव्यः काशितव्या काशितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त काशनीय काशनीयः काशनीया काशनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) काशित काशितः काशिता काशितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) काशितवत् काशितवान् काशितवती काशितवत् / काशितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) काश्यमान काश्यमानः काश्यमाना काश्यमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) काशित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकाश्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) काशितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय काशम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त काश काशः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त काष्टि — काष्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चकाश्वस् चकाश्वान् चकाशुषी चकाश्वत् / चकाश्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।