२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
खिद् (खिदँ)
दिवादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 04.0066
धात्वर्थ: दैन्ये — खिन्न होना, दुःख सहन करना, दीनता प्रकट करना (to be sad, to be displeased, to be distressed)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खिद्यते खिद्येते खिद्यन्ते मध्यम खिद्यसे खिद्येथे खिद्यध्वे उत्तम खिद्ये खिद्यावहे खिद्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खिद्यताम् खिद्येताम् खिद्यन्ताम् मध्यम खिद्यस्व खिद्येथाम् खिद्यध्वम् उत्तम खिद्यै खिद्यावहै खिद्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखिद्यत अखिद्येताम् अखिद्यन्त मध्यम अखिद्यथाः अखिद्येथाम् अखिद्यध्वम् उत्तम अखिद्ये अखिद्यावहि अखिद्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खिद्येत खिद्येयाताम् खिद्येरन् मध्यम खिद्येथाः खिद्येयाथाम् खिद्येध्वम् उत्तम खिद्येय खिद्येवहि खिद्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खेत्स्यते खेत्स्येते खेत्स्यन्ते मध्यम खेत्स्यसे खेत्स्येथे खेत्स्यध्वे उत्तम खेत्स्ये खेत्स्यावहे खेत्स्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खेत्ता खेत्तारौ खेत्तारः मध्यम खेत्तासे खेत्तासाथे खेत्ताध्वे उत्तम खेत्ताहे खेत्तास्वहे खेत्तास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चिखिदे चिखिदाते चिखिदिरे मध्यम चिखिदिषे चिखिदाथे चिखिदिध्वे उत्तम चिखिदे चिखिदिवहे चिखिदिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखित्त अखित्साताम् अखित्सत मध्यम अखित्थाः अखित्साथाम् अखिद्ध्वम् उत्तम अखित्सि अखित्स्वहि अखित्स्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खित्सीष्ट खित्सीयास्ताम् खित्सीरन् मध्यम खित्सीष्ठाः खित्सीयास्थाम् खित्सीध्वम् उत्तम खित्सीय खित्सीवहि खित्सीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखेत्स्यत अखेत्स्येताम् अखेत्स्यन्त मध्यम अखेत्स्यथाः अखेत्स्येथाम् अखेत्स्यध्वम् उत्तम अखेत्स्ये अखेत्स्यावहि अखेत्स्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खिद्यते खिद्येते खिद्यन्ते मध्यम खिद्यसे खिद्येथे खिद्यध्वे उत्तम खिद्ये खिद्यावहे खिद्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खिद्यताम् खिद्येताम् खिद्यन्ताम् मध्यम खिद्यस्व खिद्येथाम् खिद्यध्वम् उत्तम खिद्यै खिद्यावहै खिद्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखिद्यत अखिद्येताम् अखिद्यन्त मध्यम अखिद्यथाः अखिद्येथाम् अखिद्यध्वम् उत्तम अखिद्ये अखिद्यावहि अखिद्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खिद्येत खिद्येयाताम् खिद्येरन् मध्यम खिद्येथाः खिद्येयाथाम् खिद्येध्वम् उत्तम खिद्येय खिद्येवहि खिद्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खेत्स्यते खेत्स्येते खेत्स्यन्ते मध्यम खेत्स्यसे खेत्स्येथे खेत्स्यध्वे उत्तम खेत्स्ये खेत्स्यावहे खेत्स्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त खेदन — — खेदनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त खेदक खेदकः खेदिका खेदकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त खेत्तृ खेत्ता खेत्त्री खेत्तृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त खेद्य खेद्यः खेद्या खेद्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) खेत्तव्य खेत्तव्यः खेत्तव्या खेत्तव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त खेदनीय खेदनीयः खेदनीया खेदनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) खिन्न खिन्नः खिन्ना खिन्नम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) खिन्नवत् खिन्नवान् खिन्नवती खिन्नवत् / खिन्नवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) खिद्यमान खिद्यमानः खिद्यमाना खिद्यमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) खित्त्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रखिद्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) खेत्तुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय खेदम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त खेद खेदः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त खित्ति — खित्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चिखिद्वस् चिखिद्वान् चिखिदुषी चिखिद्वत् / चिखिद्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।