२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें
व्युष् (व्युषँ)
दिवादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 04.0114
धात्वर्थ: विभागे — अलग करना, विभाग करना, जलाना, भूनना, दग्ध करना (to split, to divide, to separate, to partition, to burn, to fry)
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्युष्यति
व्युष्यतः
व्युष्यन्ति
मध्यम
व्युष्यसि
व्युष्यथः
व्युष्यथ
उत्तम
व्युष्यामि
व्युष्यावः
व्युष्यामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्युष्यतात् / व्युष्यताद् / व्युष्यतु
व्युष्यताम्
व्युष्यन्तु
मध्यम
व्युष्य / व्युष्यतात् / व्युष्यताद्
व्युष्यतम्
व्युष्यत
उत्तम
व्युष्याणि
व्युष्याव
व्युष्याम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अव्युष्यत् / अव्युष्यद्
अव्युष्यताम्
अव्युष्यन्
मध्यम
अव्युष्यः
अव्युष्यतम्
अव्युष्यत
उत्तम
अव्युष्यम्
अव्युष्याव
अव्युष्याम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्युष्येत् / व्युष्येद्
व्युष्येताम्
व्युष्येयुः
मध्यम
व्युष्येः
व्युष्येतम्
व्युष्येत
उत्तम
व्युष्येयम्
व्युष्येव
व्युष्येम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्योषिष्यति
व्योषिष्यतः
व्योषिष्यन्ति
मध्यम
व्योषिष्यसि
व्योषिष्यथः
व्योषिष्यथ
उत्तम
व्योषिष्यामि
व्योषिष्यावः
व्योषिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्योषिता
व्योषितारौ
व्योषितारः
मध्यम
व्योषितासि
व्योषितास्थः
व्योषितास्थ
उत्तम
व्योषितास्मि
व्योषितास्वः
व्योषितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
वुव्योष
वुव्युषतुः
वुव्युषुः
मध्यम
वुव्योषिथ
वुव्युषथुः
वुव्युष
उत्तम
वुव्योष
वुव्युषिव
वुव्युषिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अव्युषत् / अव्युषद्
अव्युषताम्
अव्युषन्
मध्यम
अव्युषः
अव्युषतम्
अव्युषत
उत्तम
अव्युषम्
अव्युषाव
अव्युषाम
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्युष्यात् / व्युष्याद्
व्युष्यास्ताम्
व्युष्यासुः
मध्यम
व्युष्याः
व्युष्यास्तम्
व्युष्यास्त
उत्तम
व्युष्यासम्
व्युष्यास्व
व्युष्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अव्योषिष्यत् / अव्योषिष्यद्
अव्योषिष्यताम्
अव्योषिष्यन्
मध्यम
अव्योषिष्यः
अव्योषिष्यतम्
अव्योषिष्यत
उत्तम
अव्योषिष्यम्
अव्योषिष्याव
अव्योषिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्युष्यते
व्युष्येते
व्युष्यन्ते
मध्यम
व्युष्यसे
व्युष्येथे
व्युष्यध्वे
उत्तम
व्युष्ये
व्युष्यावहे
व्युष्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्युष्यताम्
व्युष्येताम्
व्युष्यन्ताम्
मध्यम
व्युष्यस्व
व्युष्येथाम्
व्युष्यध्वम्
उत्तम
व्युष्यै
व्युष्यावहै
व्युष्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अव्युष्यत
अव्युष्येताम्
अव्युष्यन्त
मध्यम
अव्युष्यथाः
अव्युष्येथाम्
अव्युष्यध्वम्
उत्तम
अव्युष्ये
अव्युष्यावहि
अव्युष्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्युष्येत
व्युष्येयाताम्
व्युष्येरन्
मध्यम
व्युष्येथाः
व्युष्येयाथाम्
व्युष्येध्वम्
उत्तम
व्युष्येय
व्युष्येवहि
व्युष्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
व्योषिष्यते
व्योषिष्येते
व्योषिष्यन्ते
मध्यम
व्योषिष्यसे
व्योषिष्येथे
व्योषिष्यध्वे
उत्तम
व्योषिष्ये
व्योषिष्यावहे
व्योषिष्यामहे
प्रत्यय
प्रयोग / अर्थ
प्रातिपदिक / अव्यय
पुंलिङ्ग
स्त्रीलिङ्ग
नपुंसकलिङ्ग
ल्युट्
भाववाचक/करणवाचक कृदन्त
व्योषण
—
—
व्योषणम्
ण्वुल्
कर्तृवाचक कृदन्त
व्योषक
व्योषकः
व्योषिका
व्योषकम्
तृच्
कर्तृवाचक कृदन्त
व्योषितृ
व्योषिता
व्योषित्री
व्योषितृ
ण्यत्
विध्यर्थक कृदन्त
व्योष्य
व्योष्यः
व्योष्या
व्योष्यम्
तव्य
विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए)
व्योषितव्य
व्योषितव्यः
व्योषितव्या
व्योषितव्यम्
अनीयर्
विध्यर्थक कृदन्त
व्योषणीय
व्योषणीयः
व्योषणीया
व्योषणीयम्
क्त
भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा)
व्युषित
व्युषितः
व्युषिता
व्युषितम्
क्तवतु
भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा)
व्युषितवत्
व्युषितवान्
व्युषितवती
व्युषितवत् / व्युषितवद्
शतृ
वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद)
व्युष्यत्
व्युष्यन्
व्युष्यन्ती
व्युष्यत् / व्युष्यद्
स्य-शतृ
भविष्यत्कालिक कृदन्त
व्योषिष्यत्
व्योषिष्यन्
व्योषिष्यती / व्योषिष्यन्ती
व्योषिष्यत् / व्योषिष्यद्
क्त्वा
पूर्वकालिक अव्यय (करके)
व्युषित्वा
—
—
—
ल्यप्
पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके)
प्रव्युष्य
—
—
—
तुमुन्
निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए)
व्योषितुम्
—
—
—
णमुल्
पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय
व्योषम्
—
—
—
घञ्
भाववाचक कृदन्त
व्योष
व्योषः
—
—
क्तिन्
भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त
व्युष्टि
—
व्युष्टिः
—
क्वसु
भूतकालिक (लिट्) कृदन्त
वुव्युष्वस्
वुव्युष्वान्
वुव्युषुषी
वुव्युष्वत् / वुव्युष्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।
ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।