२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
रङ्ख् (रखिँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0145
धात्वर्थ: गतौ — जाना (to go)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्खति रङ्खतः रङ्खन्ति मध्यम रङ्खसि रङ्खथः रङ्खथ उत्तम रङ्खामि रङ्खावः रङ्खामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्खतात् / रङ्खताद् / रङ्खतु रङ्खताम् रङ्खन्तु मध्यम रङ्ख / रङ्खतात् / रङ्खताद् रङ्खतम् रङ्खत उत्तम रङ्खाणि रङ्खाव रङ्खाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अरङ्खत् / अरङ्खद् अरङ्खताम् अरङ्खन् मध्यम अरङ्खः अरङ्खतम् अरङ्खत उत्तम अरङ्खम् अरङ्खाव अरङ्खाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्खेत् / रङ्खेद् रङ्खेताम् रङ्खेयुः मध्यम रङ्खेः रङ्खेतम् रङ्खेत उत्तम रङ्खेयम् रङ्खेव रङ्खेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्खिष्यति रङ्खिष्यतः रङ्खिष्यन्ति मध्यम रङ्खिष्यसि रङ्खिष्यथः रङ्खिष्यथ उत्तम रङ्खिष्यामि रङ्खिष्यावः रङ्खिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्खिता रङ्खितारौ रङ्खितारः मध्यम रङ्खितासि रङ्खितास्थः रङ्खितास्थ उत्तम रङ्खितास्मि रङ्खितास्वः रङ्खितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ररङ्ख ररङ्खतुः ररङ्खुः मध्यम ररङ्खिथ ररङ्खथुः ररङ्ख उत्तम ररङ्ख ररङ्खिव ररङ्खिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अरङ्खीत् / अरङ्खीद् अरङ्खिष्टाम् अरङ्खिषुः मध्यम अरङ्खीः अरङ्खिष्टम् अरङ्खिष्ट उत्तम अरङ्खिषम् अरङ्खिष्व अरङ्खिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्ख्यात् / रङ्ख्याद् रङ्ख्यास्ताम् रङ्ख्यासुः मध्यम रङ्ख्याः रङ्ख्यास्तम् रङ्ख्यास्त उत्तम रङ्ख्यासम् रङ्ख्यास्व रङ्ख्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अरङ्खिष्यत् / अरङ्खिष्यद् अरङ्खिष्यताम् अरङ्खिष्यन् मध्यम अरङ्खिष्यः अरङ्खिष्यतम् अरङ्खिष्यत उत्तम अरङ्खिष्यम् अरङ्खिष्याव अरङ्खिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्ख्यते रङ्ख्येते रङ्ख्यन्ते मध्यम रङ्ख्यसे रङ्ख्येथे रङ्ख्यध्वे उत्तम रङ्ख्ये रङ्ख्यावहे रङ्ख्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्ख्यताम् रङ्ख्येताम् रङ्ख्यन्ताम् मध्यम रङ्ख्यस्व रङ्ख्येथाम् रङ्ख्यध्वम् उत्तम रङ्ख्यै रङ्ख्यावहै रङ्ख्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अरङ्ख्यत अरङ्ख्येताम् अरङ्ख्यन्त मध्यम अरङ्ख्यथाः अरङ्ख्येथाम् अरङ्ख्यध्वम् उत्तम अरङ्ख्ये अरङ्ख्यावहि अरङ्ख्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्ख्येत रङ्ख्येयाताम् रङ्ख्येरन् मध्यम रङ्ख्येथाः रङ्ख्येयाथाम् रङ्ख्येध्वम् उत्तम रङ्ख्येय रङ्ख्येवहि रङ्ख्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रङ्खिष्यते रङ्खिष्येते रङ्खिष्यन्ते मध्यम रङ्खिष्यसे रङ्खिष्येथे रङ्खिष्यध्वे उत्तम रङ्खिष्ये रङ्खिष्यावहे रङ्खिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त रङ्खण — — रङ्खणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त रङ्खक रङ्खकः रङ्खिका रङ्खकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त रङ्खितृ रङ्खिता रङ्खित्री रङ्खितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त रङ्ख्य रङ्ख्यः रङ्ख्या रङ्ख्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) रङ्खितव्य रङ्खितव्यः रङ्खितव्या रङ्खितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त रङ्खणीय रङ्खणीयः रङ्खणीया रङ्खणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) रङ्खित रङ्खितः रङ्खिता रङ्खितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) रङ्खितवत् रङ्खितवान् रङ्खितवती रङ्खितवत् / रङ्खितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) रङ्खत् रङ्खन् रङ्खन्ती रङ्खत् / रङ्खद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त रङ्खिष्यत् रङ्खिष्यन् रङ्खिष्यती / रङ्खिष्यन्ती रङ्खिष्यत् / रङ्खिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) रङ्खित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्ररङ्ख्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) रङ्खितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय रङ्खम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त रङ्ख रङ्खः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त रङ्क्ति — रङ्क्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त ररङ्ख्वस् ररङ्ख्वान् ररङ्खुषी ररङ्ख्वत् / ररङ्ख्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।