२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
लख् (लखँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0146
धात्वर्थ: गतौ — जाना (to go)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लखति लखतः लखन्ति मध्यम लखसि लखथः लखथ उत्तम लखामि लखावः लखामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लखतात् / लखताद् / लखतु लखताम् लखन्तु मध्यम लख / लखतात् / लखताद् लखतम् लखत उत्तम लखानि लखाव लखाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलखत् / अलखद् अलखताम् अलखन् मध्यम अलखः अलखतम् अलखत उत्तम अलखम् अलखाव अलखाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लखेत् / लखेद् लखेताम् लखेयुः मध्यम लखेः लखेतम् लखेत उत्तम लखेयम् लखेव लखेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लखिष्यति लखिष्यतः लखिष्यन्ति मध्यम लखिष्यसि लखिष्यथः लखिष्यथ उत्तम लखिष्यामि लखिष्यावः लखिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लखिता लखितारौ लखितारः मध्यम लखितासि लखितास्थः लखितास्थ उत्तम लखितास्मि लखितास्वः लखितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ललाख लेखतुः लेखुः मध्यम लेखिथ लेखथुः लेख उत्तम ललख / ललाख लेखिव लेखिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलखीत् / अलखीद् / अलाखीत् / अलाखीद् अलखिष्टाम् / अलाखिष्टाम् अलखिषुः / अलाखिषुः मध्यम अलखीः / अलाखीः अलखिष्टम् / अलाखिष्टम् अलखिष्ट / अलाखिष्ट उत्तम अलखिषम् / अलाखिषम् अलखिष्व / अलाखिष्व अलखिष्म / अलाखिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लख्यात् / लख्याद् लख्यास्ताम् लख्यासुः मध्यम लख्याः लख्यास्तम् लख्यास्त उत्तम लख्यासम् लख्यास्व लख्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलखिष्यत् / अलखिष्यद् अलखिष्यताम् अलखिष्यन् मध्यम अलखिष्यः अलखिष्यतम् अलखिष्यत उत्तम अलखिष्यम् अलखिष्याव अलखिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लख्यते लख्येते लख्यन्ते मध्यम लख्यसे लख्येथे लख्यध्वे उत्तम लख्ये लख्यावहे लख्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लख्यताम् लख्येताम् लख्यन्ताम् मध्यम लख्यस्व लख्येथाम् लख्यध्वम् उत्तम लख्यै लख्यावहै लख्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलख्यत अलख्येताम् अलख्यन्त मध्यम अलख्यथाः अलख्येथाम् अलख्यध्वम् उत्तम अलख्ये अलख्यावहि अलख्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लख्येत लख्येयाताम् लख्येरन् मध्यम लख्येथाः लख्येयाथाम् लख्येध्वम् उत्तम लख्येय लख्येवहि लख्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लखिष्यते लखिष्येते लखिष्यन्ते मध्यम लखिष्यसे लखिष्येथे लखिष्यध्वे उत्तम लखिष्ये लखिष्यावहे लखिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त लखन — — लखनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त लाखक लाखकः लाखिका लाखकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त लखितृ लखिता लखित्री लखितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त लाख्य लाख्यः लाख्या लाख्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) लखितव्य लखितव्यः लखितव्या लखितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त लखनीय लखनीयः लखनीया लखनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) लखित लखितः लखिता लखितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) लखितवत् लखितवान् लखितवती लखितवत् / लखितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) लखत् लखन् लखन्ती लखत् / लखद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त लखिष्यत् लखिष्यन् लखिष्यती / लखिष्यन्ती लखिष्यत् / लखिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) लखित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रलख्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) लखितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय लाखम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त लाख लाखः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त लक्ति — लक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त लेखिवस् लेखिवान् लेखुषी लेखिवत् / लेखिवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।