२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
झर्झ् (झर्झँ)
तुदादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 06.0020
धात्वर्थ: परिभाषणभर्त्सनयोः — बोलना, निन्दा करना, दोष लगाना, भयभीत करना (to say,to kill, to blame, to abuse)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झति झर्झतः झर्झन्ति मध्यम झर्झसि झर्झथः झर्झथ उत्तम झर्झामि झर्झावः झर्झामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झतात् / झर्झताद् / झर्झतु झर्झताम् झर्झन्तु मध्यम झर्झ / झर्झतात् / झर्झताद् झर्झतम् झर्झत उत्तम झर्झानि झर्झाव झर्झाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अझर्झत् / अझर्झद् अझर्झताम् अझर्झन् मध्यम अझर्झः अझर्झतम् अझर्झत उत्तम अझर्झम् अझर्झाव अझर्झाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झेत् / झर्झेद् झर्झेताम् झर्झेयुः मध्यम झर्झेः झर्झेतम् झर्झेत उत्तम झर्झेयम् झर्झेव झर्झेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झिष्यति झर्झिष्यतः झर्झिष्यन्ति मध्यम झर्झिष्यसि झर्झिष्यथः झर्झिष्यथ उत्तम झर्झिष्यामि झर्झिष्यावः झर्झिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झिता झर्झितारौ झर्झितारः मध्यम झर्झितासि झर्झितास्थः झर्झितास्थ उत्तम झर्झितास्मि झर्झितास्वः झर्झितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जझर्झ जझर्झतुः जझर्झुः मध्यम जझर्झिथ जझर्झथुः जझर्झ उत्तम जझर्झ जझर्झिव जझर्झिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अझर्झीत् / अझर्झीद् अझर्झिष्टाम् अझर्झिषुः मध्यम अझर्झीः अझर्झिष्टम् अझर्झिष्ट उत्तम अझर्झिषम् अझर्झिष्व अझर्झिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झ्यात् / झर्झ्याद् झर्झ्यास्ताम् झर्झ्यासुः मध्यम झर्झ्याः झर्झ्यास्तम् झर्झ्यास्त उत्तम झर्झ्यासम् झर्झ्यास्व झर्झ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अझर्झिष्यत् / अझर्झिष्यद् अझर्झिष्यताम् अझर्झिष्यन् मध्यम अझर्झिष्यः अझर्झिष्यतम् अझर्झिष्यत उत्तम अझर्झिष्यम् अझर्झिष्याव अझर्झिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झ्यते झर्झ्येते झर्झ्यन्ते मध्यम झर्झ्यसे झर्झ्येथे झर्झ्यध्वे उत्तम झर्झ्ये झर्झ्यावहे झर्झ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झ्यताम् झर्झ्येताम् झर्झ्यन्ताम् मध्यम झर्झ्यस्व झर्झ्येथाम् झर्झ्यध्वम् उत्तम झर्झ्यै झर्झ्यावहै झर्झ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अझर्झ्यत अझर्झ्येताम् अझर्झ्यन्त मध्यम अझर्झ्यथाः अझर्झ्येथाम् अझर्झ्यध्वम् उत्तम अझर्झ्ये अझर्झ्यावहि अझर्झ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झ्येत झर्झ्येयाताम् झर्झ्येरन् मध्यम झर्झ्येथाः झर्झ्येयाथाम् झर्झ्येध्वम् उत्तम झर्झ्येय झर्झ्येवहि झर्झ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम झर्झिष्यते झर्झिष्येते झर्झिष्यन्ते मध्यम झर्झिष्यसे झर्झिष्येथे झर्झिष्यध्वे उत्तम झर्झिष्ये झर्झिष्यावहे झर्झिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त झर्झन — — झर्झनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त झर्झक झर्झकः झर्झिका झर्झकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त झर्झितृ झर्झिता झर्झित्री झर्झितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त झर्झ्य झर्झ्यः झर्झ्या झर्झ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) झर्झितव्य झर्झितव्यः झर्झितव्या झर्झितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त झर्झनीय झर्झनीयः झर्झनीया झर्झनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) झर्झित झर्झितः झर्झिता झर्झितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) झर्झितवत् झर्झितवान् झर्झितवती झर्झितवत् / झर्झितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) झर्झत् झर्झन् झर्झती / झर्झन्ती झर्झत् / झर्झद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त झर्झिष्यत् झर्झिष्यन् झर्झिष्यती / झर्झिष्यन्ती झर्झिष्यत् / झर्झिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) झर्झित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रझर्झ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) झर्झितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय झर्झम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त झर्झ झर्झः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त झर्ग्धि — झर्ग्धिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जझर्झ्वस् जझर्झ्वान् जझर्झुषी जझर्झ्वत् / जझर्झ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।