२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
मुर् (मुरँ)
तुदादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 06.0069
धात्वर्थ: संवेष्टने परिवेष्टने च — घेरना, लपेटना (to surround, to cover)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुरति मुरतः मुरन्ति मध्यम मुरसि मुरथः मुरथ उत्तम मुरामि मुरावः मुरामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुरतात् / मुरताद् / मुरतु मुरताम् मुरन्तु मध्यम मुर / मुरतात् / मुरताद् मुरतम् मुरत उत्तम मुराणि मुराव मुराम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमुरत् / अमुरद् अमुरताम् अमुरन् मध्यम अमुरः अमुरतम् अमुरत उत्तम अमुरम् अमुराव अमुराम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुरेत् / मुरेद् मुरेताम् मुरेयुः मध्यम मुरेः मुरेतम् मुरेत उत्तम मुरेयम् मुरेव मुरेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मोरिष्यति मोरिष्यतः मोरिष्यन्ति मध्यम मोरिष्यसि मोरिष्यथः मोरिष्यथ उत्तम मोरिष्यामि मोरिष्यावः मोरिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मोरिता मोरितारौ मोरितारः मध्यम मोरितासि मोरितास्थः मोरितास्थ उत्तम मोरितास्मि मोरितास्वः मोरितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुमोर मुमुरतुः मुमुरुः मध्यम मुमोरिथ मुमुरथुः मुमुर उत्तम मुमोर मुमुरिव मुमुरिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमोरीत् / अमोरीद् अमोरिष्टाम् अमोरिषुः मध्यम अमोरीः अमोरिष्टम् अमोरिष्ट उत्तम अमोरिषम् अमोरिष्व अमोरिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मूर्यात् / मूर्याद् मूर्यास्ताम् मूर्यासुः मध्यम मूर्याः मूर्यास्तम् मूर्यास्त उत्तम मूर्यासम् मूर्यास्व मूर्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमोरिष्यत् / अमोरिष्यद् अमोरिष्यताम् अमोरिष्यन् मध्यम अमोरिष्यः अमोरिष्यतम् अमोरिष्यत उत्तम अमोरिष्यम् अमोरिष्याव अमोरिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मूर्यते मूर्येते मूर्यन्ते मध्यम मूर्यसे मूर्येथे मूर्यध्वे उत्तम मूर्ये मूर्यावहे मूर्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मूर्यताम् मूर्येताम् मूर्यन्ताम् मध्यम मूर्यस्व मूर्येथाम् मूर्यध्वम् उत्तम मूर्यै मूर्यावहै मूर्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमूर्यत अमूर्येताम् अमूर्यन्त मध्यम अमूर्यथाः अमूर्येथाम् अमूर्यध्वम् उत्तम अमूर्ये अमूर्यावहि अमूर्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मूर्येत मूर्येयाताम् मूर्येरन् मध्यम मूर्येथाः मूर्येयाथाम् मूर्येध्वम् उत्तम मूर्येय मूर्येवहि मूर्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मोरिष्यते मोरिष्येते मोरिष्यन्ते मध्यम मोरिष्यसे मोरिष्येथे मोरिष्यध्वे उत्तम मोरिष्ये मोरिष्यावहे मोरिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त मोरण — — मोरणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त मोरक मोरकः मोरिका मोरकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त मोरितृ मोरिता मोरित्री मोरितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त मोर्य मोर्यः मोर्या मोर्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) मोरितव्य मोरितव्यः मोरितव्या मोरितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त मोरणीय मोरणीयः मोरणीया मोरणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) मुरित मुरितः मुरिता मुरितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) मुरितवत् मुरितवान् मुरितवती मुरितवत् / मुरितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) मुरत् मुरन् मुरती / मुरन्ती मुरत् / मुरद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त मोरिष्यत् मोरिष्यन् मोरिष्यती / मोरिष्यन्ती मोरिष्यत् / मोरिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) मुरित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रमूर्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) मोरितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय मोरम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त मोर मोरः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त मूर्ति — मूर्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त मुमूर्वस् मुमूर्वान् मुमूरुषी मुमूर्वत् / मुमूर्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।