२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
गुर् (गुरीँ)
तुदादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 06.0131
धात्वर्थ: उद्यमने — प्रयत्न करना, उद्योग करना (to try, to make effort)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुरते गुरेते गुरन्ते मध्यम गुरसे गुरेथे गुरध्वे उत्तम गुरे गुरावहे गुरामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुरताम् गुरेताम् गुरन्ताम् मध्यम गुरस्व गुरेथाम् गुरध्वम् उत्तम गुरै गुरावहै गुरामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुरत अगुरेताम् अगुरन्त मध्यम अगुरथाः अगुरेथाम् अगुरध्वम् उत्तम अगुरे अगुरावहि अगुरामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुरेत गुरेयाताम् गुरेरन् मध्यम गुरेथाः गुरेयाथाम् गुरेध्वम् उत्तम गुरेय गुरेवहि गुरेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुरिष्यते गुरिष्येते गुरिष्यन्ते मध्यम गुरिष्यसे गुरिष्येथे गुरिष्यध्वे उत्तम गुरिष्ये गुरिष्यावहे गुरिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुरिता गुरितारौ गुरितारः मध्यम गुरितासे गुरितासाथे गुरिताध्वे उत्तम गुरिताहे गुरितास्वहे गुरितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जुगुरे जुगुराते जुगुरिरे मध्यम जुगुरिषे जुगुराथे जुगुरिढ्वे / जुगुरिध्वे उत्तम जुगुरे जुगुरिवहे जुगुरिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुरिष्ट अगुरिषाताम् अगुरिषत मध्यम अगुरिष्ठाः अगुरिषाथाम् अगुरिढ्वम् / अगुरिध्वम् उत्तम अगुरिषि अगुरिष्वहि अगुरिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुरिषीष्ट गुरिषीयास्ताम् गुरिषीरन् मध्यम गुरिषीष्ठाः गुरिषीयास्थाम् गुरिषीढ्वम् / गुरिषीध्वम् उत्तम गुरिषीय गुरिषीवहि गुरिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुरिष्यत अगुरिष्येताम् अगुरिष्यन्त मध्यम अगुरिष्यथाः अगुरिष्येथाम् अगुरिष्यध्वम् उत्तम अगुरिष्ये अगुरिष्यावहि अगुरिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्यते गूर्येते गूर्यन्ते मध्यम गूर्यसे गूर्येथे गूर्यध्वे उत्तम गूर्ये गूर्यावहे गूर्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्यताम् गूर्येताम् गूर्यन्ताम् मध्यम गूर्यस्व गूर्येथाम् गूर्यध्वम् उत्तम गूर्यै गूर्यावहै गूर्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगूर्यत अगूर्येताम् अगूर्यन्त मध्यम अगूर्यथाः अगूर्येथाम् अगूर्यध्वम् उत्तम अगूर्ये अगूर्यावहि अगूर्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्येत गूर्येयाताम् गूर्येरन् मध्यम गूर्येथाः गूर्येयाथाम् गूर्येध्वम् उत्तम गूर्येय गूर्येवहि गूर्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुरिष्यते गुरिष्येते गुरिष्यन्ते मध्यम गुरिष्यसे गुरिष्येथे गुरिष्यध्वे उत्तम गुरिष्ये गुरिष्यावहे गुरिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त गुरण — — गुरणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त गोरक गोरकः गोरिका गोरकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त गुरितृ गुरिता गुरित्री गुरितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त गोर्य गोर्यः गोर्या गोर्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) गुरितव्य गुरितव्यः गुरितव्या गुरितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त गुरणीय गुरणीयः गुरणीया गुरणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) गूर्ण गूर्णः गूर्णा गूर्णम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) गूर्णवत् गूर्णवान् गूर्णवती गूर्णवत् / गूर्णवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) गुरमाण गुरमाणः गुरमाणा गुरमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) गुरित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रगूर्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) गुरितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय गोरम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त गोर गोरः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त गूर्ति — गूर्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जुगूर्वस् जुगूर्वान् जुगूरुषी जुगूर्वत् / जुगूर्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।