२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
लिङ्ग् (लिगिँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0165
धात्वर्थ: गतौ — जाना (to go)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्गति लिङ्गतः लिङ्गन्ति मध्यम लिङ्गसि लिङ्गथः लिङ्गथ उत्तम लिङ्गामि लिङ्गावः लिङ्गामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्गतात् / लिङ्गताद् / लिङ्गतु लिङ्गताम् लिङ्गन्तु मध्यम लिङ्ग / लिङ्गतात् / लिङ्गताद् लिङ्गतम् लिङ्गत उत्तम लिङ्गानि लिङ्गाव लिङ्गाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलिङ्गत् / अलिङ्गद् अलिङ्गताम् अलिङ्गन् मध्यम अलिङ्गः अलिङ्गतम् अलिङ्गत उत्तम अलिङ्गम् अलिङ्गाव अलिङ्गाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्गेत् / लिङ्गेद् लिङ्गेताम् लिङ्गेयुः मध्यम लिङ्गेः लिङ्गेतम् लिङ्गेत उत्तम लिङ्गेयम् लिङ्गेव लिङ्गेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्गिष्यति लिङ्गिष्यतः लिङ्गिष्यन्ति मध्यम लिङ्गिष्यसि लिङ्गिष्यथः लिङ्गिष्यथ उत्तम लिङ्गिष्यामि लिङ्गिष्यावः लिङ्गिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्गिता लिङ्गितारौ लिङ्गितारः मध्यम लिङ्गितासि लिङ्गितास्थः लिङ्गितास्थ उत्तम लिङ्गितास्मि लिङ्गितास्वः लिङ्गितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिलिङ्ग लिलिङ्गतुः लिलिङ्गुः मध्यम लिलिङ्गिथ लिलिङ्गथुः लिलिङ्ग उत्तम लिलिङ्ग लिलिङ्गिव लिलिङ्गिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलिङ्गीत् / अलिङ्गीद् अलिङ्गिष्टाम् अलिङ्गिषुः मध्यम अलिङ्गीः अलिङ्गिष्टम् अलिङ्गिष्ट उत्तम अलिङ्गिषम् अलिङ्गिष्व अलिङ्गिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्ग्यात् / लिङ्ग्याद् लिङ्ग्यास्ताम् लिङ्ग्यासुः मध्यम लिङ्ग्याः लिङ्ग्यास्तम् लिङ्ग्यास्त उत्तम लिङ्ग्यासम् लिङ्ग्यास्व लिङ्ग्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलिङ्गिष्यत् / अलिङ्गिष्यद् अलिङ्गिष्यताम् अलिङ्गिष्यन् मध्यम अलिङ्गिष्यः अलिङ्गिष्यतम् अलिङ्गिष्यत उत्तम अलिङ्गिष्यम् अलिङ्गिष्याव अलिङ्गिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्ग्यते लिङ्ग्येते लिङ्ग्यन्ते मध्यम लिङ्ग्यसे लिङ्ग्येथे लिङ्ग्यध्वे उत्तम लिङ्ग्ये लिङ्ग्यावहे लिङ्ग्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्ग्यताम् लिङ्ग्येताम् लिङ्ग्यन्ताम् मध्यम लिङ्ग्यस्व लिङ्ग्येथाम् लिङ्ग्यध्वम् उत्तम लिङ्ग्यै लिङ्ग्यावहै लिङ्ग्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलिङ्ग्यत अलिङ्ग्येताम् अलिङ्ग्यन्त मध्यम अलिङ्ग्यथाः अलिङ्ग्येथाम् अलिङ्ग्यध्वम् उत्तम अलिङ्ग्ये अलिङ्ग्यावहि अलिङ्ग्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्ग्येत लिङ्ग्येयाताम् लिङ्ग्येरन् मध्यम लिङ्ग्येथाः लिङ्ग्येयाथाम् लिङ्ग्येध्वम् उत्तम लिङ्ग्येय लिङ्ग्येवहि लिङ्ग्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लिङ्गिष्यते लिङ्गिष्येते लिङ्गिष्यन्ते मध्यम लिङ्गिष्यसे लिङ्गिष्येथे लिङ्गिष्यध्वे उत्तम लिङ्गिष्ये लिङ्गिष्यावहे लिङ्गिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त लिङ्गन — — लिङ्गनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त लिङ्गक लिङ्गकः लिङ्गिका लिङ्गकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त लिङ्गितृ लिङ्गिता लिङ्गित्री लिङ्गितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त लिङ्ग्य लिङ्ग्यः लिङ्ग्या लिङ्ग्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) लिङ्गितव्य लिङ्गितव्यः लिङ्गितव्या लिङ्गितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त लिङ्गनीय लिङ्गनीयः लिङ्गनीया लिङ्गनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) लिङ्गित लिङ्गितः लिङ्गिता लिङ्गितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) लिङ्गितवत् लिङ्गितवान् लिङ्गितवती लिङ्गितवत् / लिङ्गितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) लिङ्गत् लिङ्गन् लिङ्गन्ती लिङ्गत् / लिङ्गद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त लिङ्गिष्यत् लिङ्गिष्यन् लिङ्गिष्यती / लिङ्गिष्यन्ती लिङ्गिष्यत् / लिङ्गिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) लिङ्गित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रलिङ्ग्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) लिङ्गितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय लिङ्गम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त लिङ्ग लिङ्गः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त लिङ्क्ति — लिङ्क्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त लिलिङ्ग्वस् लिलिङ्ग्वान् लिलिङ्गुषी लिलिङ्ग्वत् / लिलिङ्ग्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।