२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
वुङ्ग् (वुगिँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0178
धात्वर्थ: वर्जने (to abandon,to desert, to leave)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्गति वुङ्गतः वुङ्गन्ति मध्यम वुङ्गसि वुङ्गथः वुङ्गथ उत्तम वुङ्गामि वुङ्गावः वुङ्गामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्गतात् / वुङ्गताद् / वुङ्गतु वुङ्गताम् वुङ्गन्तु मध्यम वुङ्ग / वुङ्गतात् / वुङ्गताद् वुङ्गतम् वुङ्गत उत्तम वुङ्गानि वुङ्गाव वुङ्गाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अवुङ्गत् / अवुङ्गद् अवुङ्गताम् अवुङ्गन् मध्यम अवुङ्गः अवुङ्गतम् अवुङ्गत उत्तम अवुङ्गम् अवुङ्गाव अवुङ्गाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्गेत् / वुङ्गेद् वुङ्गेताम् वुङ्गेयुः मध्यम वुङ्गेः वुङ्गेतम् वुङ्गेत उत्तम वुङ्गेयम् वुङ्गेव वुङ्गेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्गिष्यति वुङ्गिष्यतः वुङ्गिष्यन्ति मध्यम वुङ्गिष्यसि वुङ्गिष्यथः वुङ्गिष्यथ उत्तम वुङ्गिष्यामि वुङ्गिष्यावः वुङ्गिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्गिता वुङ्गितारौ वुङ्गितारः मध्यम वुङ्गितासि वुङ्गितास्थः वुङ्गितास्थ उत्तम वुङ्गितास्मि वुङ्गितास्वः वुङ्गितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुवुङ्ग वुवुङ्गतुः वुवुङ्गुः मध्यम वुवुङ्गिथ वुवुङ्गथुः वुवुङ्ग उत्तम वुवुङ्ग वुवुङ्गिव वुवुङ्गिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अवुङ्गीत् / अवुङ्गीद् अवुङ्गिष्टाम् अवुङ्गिषुः मध्यम अवुङ्गीः अवुङ्गिष्टम् अवुङ्गिष्ट उत्तम अवुङ्गिषम् अवुङ्गिष्व अवुङ्गिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्ग्यात् / वुङ्ग्याद् वुङ्ग्यास्ताम् वुङ्ग्यासुः मध्यम वुङ्ग्याः वुङ्ग्यास्तम् वुङ्ग्यास्त उत्तम वुङ्ग्यासम् वुङ्ग्यास्व वुङ्ग्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अवुङ्गिष्यत् / अवुङ्गिष्यद् अवुङ्गिष्यताम् अवुङ्गिष्यन् मध्यम अवुङ्गिष्यः अवुङ्गिष्यतम् अवुङ्गिष्यत उत्तम अवुङ्गिष्यम् अवुङ्गिष्याव अवुङ्गिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्ग्यते वुङ्ग्येते वुङ्ग्यन्ते मध्यम वुङ्ग्यसे वुङ्ग्येथे वुङ्ग्यध्वे उत्तम वुङ्ग्ये वुङ्ग्यावहे वुङ्ग्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्ग्यताम् वुङ्ग्येताम् वुङ्ग्यन्ताम् मध्यम वुङ्ग्यस्व वुङ्ग्येथाम् वुङ्ग्यध्वम् उत्तम वुङ्ग्यै वुङ्ग्यावहै वुङ्ग्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अवुङ्ग्यत अवुङ्ग्येताम् अवुङ्ग्यन्त मध्यम अवुङ्ग्यथाः अवुङ्ग्येथाम् अवुङ्ग्यध्वम् उत्तम अवुङ्ग्ये अवुङ्ग्यावहि अवुङ्ग्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्ग्येत वुङ्ग्येयाताम् वुङ्ग्येरन् मध्यम वुङ्ग्येथाः वुङ्ग्येयाथाम् वुङ्ग्येध्वम् उत्तम वुङ्ग्येय वुङ्ग्येवहि वुङ्ग्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम वुङ्गिष्यते वुङ्गिष्येते वुङ्गिष्यन्ते मध्यम वुङ्गिष्यसे वुङ्गिष्येथे वुङ्गिष्यध्वे उत्तम वुङ्गिष्ये वुङ्गिष्यावहे वुङ्गिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त वुङ्गन — — वुङ्गनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त वुङ्गक वुङ्गकः वुङ्गिका वुङ्गकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त वुङ्गितृ वुङ्गिता वुङ्गित्री वुङ्गितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त वुङ्ग्य वुङ्ग्यः वुङ्ग्या वुङ्ग्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) वुङ्गितव्य वुङ्गितव्यः वुङ्गितव्या वुङ्गितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त वुङ्गनीय वुङ्गनीयः वुङ्गनीया वुङ्गनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) वुङ्गित वुङ्गितः वुङ्गिता वुङ्गितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) वुङ्गितवत् वुङ्गितवान् वुङ्गितवती वुङ्गितवत् / वुङ्गितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) वुङ्गत् वुङ्गन् वुङ्गन्ती वुङ्गत् / वुङ्गद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त वुङ्गिष्यत् वुङ्गिष्यन् वुङ्गिष्यती / वुङ्गिष्यन्ती वुङ्गिष्यत् / वुङ्गिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) वुङ्गित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रवुङ्ग्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) वुङ्गितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय वुङ्गम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त वुङ्ग वुङ्गः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त वुङ्क्ति — वुङ्क्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त वुवुङ्ग्वस् वुवुङ्ग्वान् वुवुङ्गुषी वुवुङ्ग्वत् / वुवुङ्ग्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।