२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कुण्ठ् (कुठिँ)
चुरादिगण · उभयपदी · धातुपाठ 10.0070
धात्वर्थ: रक्षणे (to protect)
कर्तरि — परस्मैपद कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठति / कुण्ठयति कुण्ठतः / कुण्ठयतः कुण्ठन्ति / कुण्ठयन्ति मध्यम कुण्ठयसि / कुण्ठसि कुण्ठथः / कुण्ठयथः कुण्ठथ / कुण्ठयथ उत्तम कुण्ठयामि / कुण्ठामि कुण्ठयावः / कुण्ठावः कुण्ठयामः / कुण्ठामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठतात् / कुण्ठताद् / कुण्ठतु / कुण्ठयतात् / कुण्ठयताद् / कुण्ठयतु कुण्ठताम् / कुण्ठयताम् कुण्ठन्तु / कुण्ठयन्तु मध्यम कुण्ठ / कुण्ठतात् / कुण्ठताद् / कुण्ठय / कुण्ठयतात् / कुण्ठयताद् कुण्ठतम् / कुण्ठयतम् कुण्ठत / कुण्ठयत उत्तम कुण्ठयानि / कुण्ठानि कुण्ठयाव / कुण्ठाव कुण्ठयाम / कुण्ठाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठत् / अकुण्ठद् / अकुण्ठयत् / अकुण्ठयद् अकुण्ठताम् / अकुण्ठयताम् अकुण्ठन् / अकुण्ठयन् मध्यम अकुण्ठः / अकुण्ठयः अकुण्ठतम् / अकुण्ठयतम् अकुण्ठत / अकुण्ठयत उत्तम अकुण्ठम् / अकुण्ठयम् अकुण्ठयाव / अकुण्ठाव अकुण्ठयाम / अकुण्ठाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयेत् / कुण्ठयेद् / कुण्ठेत् / कुण्ठेद् कुण्ठयेताम् / कुण्ठेताम् कुण्ठयेयुः / कुण्ठेयुः मध्यम कुण्ठयेः / कुण्ठेः कुण्ठयेतम् / कुण्ठेतम् कुण्ठयेत / कुण्ठेत उत्तम कुण्ठयेयम् / कुण्ठेयम् कुण्ठयेव / कुण्ठेव कुण्ठयेम / कुण्ठेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयिष्यति / कुण्ठिष्यति कुण्ठयिष्यतः / कुण्ठिष्यतः कुण्ठयिष्यन्ति / कुण्ठिष्यन्ति मध्यम कुण्ठयिष्यसि / कुण्ठिष्यसि कुण्ठयिष्यथः / कुण्ठिष्यथः कुण्ठयिष्यथ / कुण्ठिष्यथ उत्तम कुण्ठयिष्यामि / कुण्ठिष्यामि कुण्ठयिष्यावः / कुण्ठिष्यावः कुण्ठयिष्यामः / कुण्ठिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयिता / कुण्ठिता कुण्ठयितारौ / कुण्ठितारौ कुण्ठयितारः / कुण्ठितारः मध्यम कुण्ठयितासि / कुण्ठितासि कुण्ठयितास्थः / कुण्ठितास्थः कुण्ठयितास्थ / कुण्ठितास्थ उत्तम कुण्ठयितास्मि / कुण्ठितास्मि कुण्ठयितास्वः / कुण्ठितास्वः कुण्ठयितास्मः / कुण्ठितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयाञ्चकार / कुण्ठयामास / कुण्ठयाम्बभूव / चुकुण्ठ कुण्ठयाञ्चक्रतुः / कुण्ठयामासतुः / कुण्ठयाम्बभूवतुः / चुकुण्ठतुः कुण्ठयाञ्चक्रुः / कुण्ठयामासुः / कुण्ठयाम्बभूवुः / चुकुण्ठुः मध्यम कुण्ठयाञ्चकर्थ / कुण्ठयामासिथ / कुण्ठयाम्बभूविथ / चुकुण्ठिथ कुण्ठयाञ्चक्रथुः / कुण्ठयामासथुः / कुण्ठयाम्बभूवथुः / चुकुण्ठथुः कुण्ठयाञ्चक्र / कुण्ठयामास / कुण्ठयाम्बभूव / चुकुण्ठ उत्तम कुण्ठयाञ्चकर / कुण्ठयाञ्चकार / कुण्ठयामास / कुण्ठयाम्बभूव / चुकुण्ठ कुण्ठयाञ्चकृव / कुण्ठयामासिव / कुण्ठयाम्बभूविव / चुकुण्ठिव कुण्ठयाञ्चकृम / कुण्ठयामासिम / कुण्ठयाम्बभूविम / चुकुण्ठिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठीत् / अकुण्ठीद् / अचुकुण्ठत् / अचुकुण्ठद् अकुण्ठिष्टाम् / अचुकुण्ठताम् अकुण्ठिषुः / अचुकुण्ठन् मध्यम अकुण्ठीः / अचुकुण्ठः अकुण्ठिष्टम् / अचुकुण्ठतम् अकुण्ठिष्ट / अचुकुण्ठत उत्तम अकुण्ठिषम् / अचुकुण्ठम् अकुण्ठिष्व / अचुकुण्ठाव अकुण्ठिष्म / अचुकुण्ठाम
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठ्यात् / कुण्ठ्याद् कुण्ठ्यास्ताम् कुण्ठ्यासुः मध्यम कुण्ठ्याः कुण्ठ्यास्तम् कुण्ठ्यास्त उत्तम कुण्ठ्यासम् कुण्ठ्यास्व कुण्ठ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठयिष्यत् / अकुण्ठयिष्यद् / अकुण्ठिष्यत् / अकुण्ठिष्यद् अकुण्ठयिष्यताम् / अकुण्ठिष्यताम् अकुण्ठयिष्यन् / अकुण्ठिष्यन् मध्यम अकुण्ठयिष्यः / अकुण्ठिष्यः अकुण्ठयिष्यतम् / अकुण्ठिष्यतम् अकुण्ठयिष्यत / अकुण्ठिष्यत उत्तम अकुण्ठयिष्यम् / अकुण्ठिष्यम् अकुण्ठयिष्याव / अकुण्ठिष्याव अकुण्ठयिष्याम / अकुण्ठिष्याम
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयते कुण्ठयेते कुण्ठयन्ते मध्यम कुण्ठयसे कुण्ठयेथे कुण्ठयध्वे उत्तम कुण्ठये कुण्ठयावहे कुण्ठयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयताम् कुण्ठयेताम् कुण्ठयन्ताम् मध्यम कुण्ठयस्व कुण्ठयेथाम् कुण्ठयध्वम् उत्तम कुण्ठयै कुण्ठयावहै कुण्ठयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठयत अकुण्ठयेताम् अकुण्ठयन्त मध्यम अकुण्ठयथाः अकुण्ठयेथाम् अकुण्ठयध्वम् उत्तम अकुण्ठये अकुण्ठयावहि अकुण्ठयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयेत कुण्ठयेयाताम् कुण्ठयेरन् मध्यम कुण्ठयेथाः कुण्ठयेयाथाम् कुण्ठयेध्वम् उत्तम कुण्ठयेय कुण्ठयेवहि कुण्ठयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयिष्यते कुण्ठयिष्येते कुण्ठयिष्यन्ते मध्यम कुण्ठयिष्यसे कुण्ठयिष्येथे कुण्ठयिष्यध्वे उत्तम कुण्ठयिष्ये कुण्ठयिष्यावहे कुण्ठयिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयिता कुण्ठयितारौ कुण्ठयितारः मध्यम कुण्ठयितासे कुण्ठयितासाथे कुण्ठयिताध्वे उत्तम कुण्ठयिताहे कुण्ठयितास्वहे कुण्ठयितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयाञ्चक्रे / कुण्ठयामास / कुण्ठयाम्बभूव कुण्ठयाञ्चक्राते / कुण्ठयामासतुः / कुण्ठयाम्बभूवतुः कुण्ठयाञ्चक्रिरे / कुण्ठयामासुः / कुण्ठयाम्बभूवुः मध्यम कुण्ठयाञ्चकृषे / कुण्ठयामासिथ / कुण्ठयाम्बभूविथ कुण्ठयाञ्चक्राथे / कुण्ठयामासथुः / कुण्ठयाम्बभूवथुः कुण्ठयाञ्चकृढ्वे / कुण्ठयामास / कुण्ठयाम्बभूव उत्तम कुण्ठयाञ्चक्रे / कुण्ठयामास / कुण्ठयाम्बभूव कुण्ठयाञ्चकृवहे / कुण्ठयामासिव / कुण्ठयाम्बभूविव कुण्ठयाञ्चकृमहे / कुण्ठयामासिम / कुण्ठयाम्बभूविम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अचुकुण्ठत अचुकुण्ठेताम् अचुकुण्ठन्त मध्यम अचुकुण्ठथाः अचुकुण्ठेथाम् अचुकुण्ठध्वम् उत्तम अचुकुण्ठे अचुकुण्ठावहि अचुकुण्ठामहि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयिषीष्ट कुण्ठयिषीयास्ताम् कुण्ठयिषीरन् मध्यम कुण्ठयिषीष्ठाः कुण्ठयिषीयास्थाम् कुण्ठयिषीढ्वम् / कुण्ठयिषीध्वम् उत्तम कुण्ठयिषीय कुण्ठयिषीवहि कुण्ठयिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठयिष्यत अकुण्ठयिष्येताम् अकुण्ठयिष्यन्त मध्यम अकुण्ठयिष्यथाः अकुण्ठयिष्येथाम् अकुण्ठयिष्यध्वम् उत्तम अकुण्ठयिष्ये अकुण्ठयिष्यावहि अकुण्ठयिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठ्यते कुण्ठ्येते कुण्ठ्यन्ते मध्यम कुण्ठ्यसे कुण्ठ्येथे कुण्ठ्यध्वे उत्तम कुण्ठ्ये कुण्ठ्यावहे कुण्ठ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठ्यताम् कुण्ठ्येताम् कुण्ठ्यन्ताम् मध्यम कुण्ठ्यस्व कुण्ठ्येथाम् कुण्ठ्यध्वम् उत्तम कुण्ठ्यै कुण्ठ्यावहै कुण्ठ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठ्यत अकुण्ठ्येताम् अकुण्ठ्यन्त मध्यम अकुण्ठ्यथाः अकुण्ठ्येथाम् अकुण्ठ्यध्वम् उत्तम अकुण्ठ्ये अकुण्ठ्यावहि अकुण्ठ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठ्येत कुण्ठ्येयाताम् कुण्ठ्येरन् मध्यम कुण्ठ्येथाः कुण्ठ्येयाथाम् कुण्ठ्येध्वम् उत्तम कुण्ठ्येय कुण्ठ्येवहि कुण्ठ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठयिष्यते / कुण्ठिष्यते कुण्ठयिष्येते / कुण्ठिष्येते कुण्ठयिष्यन्ते / कुण्ठिष्यन्ते मध्यम कुण्ठयिष्यसे / कुण्ठिष्यसे कुण्ठयिष्येथे / कुण्ठिष्येथे कुण्ठयिष्यध्वे / कुण्ठिष्यध्वे उत्तम कुण्ठयिष्ये / कुण्ठिष्ये कुण्ठयिष्यावहे / कुण्ठिष्यावहे कुण्ठयिष्यामहे / कुण्ठिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कुण्ठन — — कुण्ठनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त कुण्ठक कुण्ठकः कुण्ठिका कुण्ठकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कुण्ठितृ कुण्ठिता कुण्ठित्री कुण्ठितृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त कुण्ठ्य कुण्ठ्यः कुण्ठ्या कुण्ठ्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त कुण्ठ्य कुण्ठ्यः कुण्ठ्या कुण्ठ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कुण्ठितव्य कुण्ठितव्यः कुण्ठितव्या कुण्ठितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कुण्ठनीय कुण्ठनीयः कुण्ठनीया कुण्ठनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कुण्ठित कुण्ठितः कुण्ठिता कुण्ठितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कुण्ठितवत् कुण्ठितवान् कुण्ठितवती कुण्ठितवत् / कुण्ठितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) कुण्ठत् कुण्ठन् कुण्ठन्ती कुण्ठत् / कुण्ठद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त कुण्ठिष्यत् कुण्ठिष्यन् कुण्ठिष्यती / कुण्ठिष्यन्ती कुण्ठिष्यत् / कुण्ठिष्यद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) कुण्ठयमान कुण्ठयमानः कुण्ठयमाना कुण्ठयमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कुण्ठित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकुण्ठ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कुण्ठितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय कुण्ठम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त कुण्ठ कुण्ठः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कुण्टि — कुण्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चुकुण्ठ्वस् चुकुण्ठ्वान् चुकुण्ठुषी चुकुण्ठ्वत् / चुकुण्ठ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।