२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
गुण्ठ् (गुठिँ)
चुरादिगण · उभयपदी · धातुपाठ 10.0071
धात्वर्थ: रक्षणे (to protect)
कर्तरि — परस्मैपद कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठति / गुण्ठयति गुण्ठतः / गुण्ठयतः गुण्ठन्ति / गुण्ठयन्ति मध्यम गुण्ठयसि / गुण्ठसि गुण्ठथः / गुण्ठयथः गुण्ठथ / गुण्ठयथ उत्तम गुण्ठयामि / गुण्ठामि गुण्ठयावः / गुण्ठावः गुण्ठयामः / गुण्ठामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठतात् / गुण्ठताद् / गुण्ठतु / गुण्ठयतात् / गुण्ठयताद् / गुण्ठयतु गुण्ठताम् / गुण्ठयताम् गुण्ठन्तु / गुण्ठयन्तु मध्यम गुण्ठ / गुण्ठतात् / गुण्ठताद् / गुण्ठय / गुण्ठयतात् / गुण्ठयताद् गुण्ठतम् / गुण्ठयतम् गुण्ठत / गुण्ठयत उत्तम गुण्ठयानि / गुण्ठानि गुण्ठयाव / गुण्ठाव गुण्ठयाम / गुण्ठाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुण्ठत् / अगुण्ठद् / अगुण्ठयत् / अगुण्ठयद् अगुण्ठताम् / अगुण्ठयताम् अगुण्ठन् / अगुण्ठयन् मध्यम अगुण्ठः / अगुण्ठयः अगुण्ठतम् / अगुण्ठयतम् अगुण्ठत / अगुण्ठयत उत्तम अगुण्ठम् / अगुण्ठयम् अगुण्ठयाव / अगुण्ठाव अगुण्ठयाम / अगुण्ठाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयेत् / गुण्ठयेद् / गुण्ठेत् / गुण्ठेद् गुण्ठयेताम् / गुण्ठेताम् गुण्ठयेयुः / गुण्ठेयुः मध्यम गुण्ठयेः / गुण्ठेः गुण्ठयेतम् / गुण्ठेतम् गुण्ठयेत / गुण्ठेत उत्तम गुण्ठयेयम् / गुण्ठेयम् गुण्ठयेव / गुण्ठेव गुण्ठयेम / गुण्ठेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयिष्यति / गुण्ठिष्यति गुण्ठयिष्यतः / गुण्ठिष्यतः गुण्ठयिष्यन्ति / गुण्ठिष्यन्ति मध्यम गुण्ठयिष्यसि / गुण्ठिष्यसि गुण्ठयिष्यथः / गुण्ठिष्यथः गुण्ठयिष्यथ / गुण्ठिष्यथ उत्तम गुण्ठयिष्यामि / गुण्ठिष्यामि गुण्ठयिष्यावः / गुण्ठिष्यावः गुण्ठयिष्यामः / गुण्ठिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयिता / गुण्ठिता गुण्ठयितारौ / गुण्ठितारौ गुण्ठयितारः / गुण्ठितारः मध्यम गुण्ठयितासि / गुण्ठितासि गुण्ठयितास्थः / गुण्ठितास्थः गुण्ठयितास्थ / गुण्ठितास्थ उत्तम गुण्ठयितास्मि / गुण्ठितास्मि गुण्ठयितास्वः / गुण्ठितास्वः गुण्ठयितास्मः / गुण्ठितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयाञ्चकार / गुण्ठयामास / गुण्ठयाम्बभूव / जुगुण्ठ गुण्ठयाञ्चक्रतुः / गुण्ठयामासतुः / गुण्ठयाम्बभूवतुः / जुगुण्ठतुः गुण्ठयाञ्चक्रुः / गुण्ठयामासुः / गुण्ठयाम्बभूवुः / जुगुण्ठुः मध्यम गुण्ठयाञ्चकर्थ / गुण्ठयामासिथ / गुण्ठयाम्बभूविथ / जुगुण्ठिथ गुण्ठयाञ्चक्रथुः / गुण्ठयामासथुः / गुण्ठयाम्बभूवथुः / जुगुण्ठथुः गुण्ठयाञ्चक्र / गुण्ठयामास / गुण्ठयाम्बभूव / जुगुण्ठ उत्तम गुण्ठयाञ्चकर / गुण्ठयाञ्चकार / गुण्ठयामास / गुण्ठयाम्बभूव / जुगुण्ठ गुण्ठयाञ्चकृव / गुण्ठयामासिव / गुण्ठयाम्बभूविव / जुगुण्ठिव गुण्ठयाञ्चकृम / गुण्ठयामासिम / गुण्ठयाम्बभूविम / जुगुण्ठिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुण्ठीत् / अगुण्ठीद् / अजुगुण्ठत् / अजुगुण्ठद् अगुण्ठिष्टाम् / अजुगुण्ठताम् अगुण्ठिषुः / अजुगुण्ठन् मध्यम अगुण्ठीः / अजुगुण्ठः अगुण्ठिष्टम् / अजुगुण्ठतम् अगुण्ठिष्ट / अजुगुण्ठत उत्तम अगुण्ठिषम् / अजुगुण्ठम् अगुण्ठिष्व / अजुगुण्ठाव अगुण्ठिष्म / अजुगुण्ठाम
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठ्यात् / गुण्ठ्याद् गुण्ठ्यास्ताम् गुण्ठ्यासुः मध्यम गुण्ठ्याः गुण्ठ्यास्तम् गुण्ठ्यास्त उत्तम गुण्ठ्यासम् गुण्ठ्यास्व गुण्ठ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुण्ठयिष्यत् / अगुण्ठयिष्यद् / अगुण्ठिष्यत् / अगुण्ठिष्यद् अगुण्ठयिष्यताम् / अगुण्ठिष्यताम् अगुण्ठयिष्यन् / अगुण्ठिष्यन् मध्यम अगुण्ठयिष्यः / अगुण्ठिष्यः अगुण्ठयिष्यतम् / अगुण्ठिष्यतम् अगुण्ठयिष्यत / अगुण्ठिष्यत उत्तम अगुण्ठयिष्यम् / अगुण्ठिष्यम् अगुण्ठयिष्याव / अगुण्ठिष्याव अगुण्ठयिष्याम / अगुण्ठिष्याम
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयते गुण्ठयेते गुण्ठयन्ते मध्यम गुण्ठयसे गुण्ठयेथे गुण्ठयध्वे उत्तम गुण्ठये गुण्ठयावहे गुण्ठयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयताम् गुण्ठयेताम् गुण्ठयन्ताम् मध्यम गुण्ठयस्व गुण्ठयेथाम् गुण्ठयध्वम् उत्तम गुण्ठयै गुण्ठयावहै गुण्ठयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुण्ठयत अगुण्ठयेताम् अगुण्ठयन्त मध्यम अगुण्ठयथाः अगुण्ठयेथाम् अगुण्ठयध्वम् उत्तम अगुण्ठये अगुण्ठयावहि अगुण्ठयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयेत गुण्ठयेयाताम् गुण्ठयेरन् मध्यम गुण्ठयेथाः गुण्ठयेयाथाम् गुण्ठयेध्वम् उत्तम गुण्ठयेय गुण्ठयेवहि गुण्ठयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयिष्यते गुण्ठयिष्येते गुण्ठयिष्यन्ते मध्यम गुण्ठयिष्यसे गुण्ठयिष्येथे गुण्ठयिष्यध्वे उत्तम गुण्ठयिष्ये गुण्ठयिष्यावहे गुण्ठयिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयिता गुण्ठयितारौ गुण्ठयितारः मध्यम गुण्ठयितासे गुण्ठयितासाथे गुण्ठयिताध्वे उत्तम गुण्ठयिताहे गुण्ठयितास्वहे गुण्ठयितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयाञ्चक्रे / गुण्ठयामास / गुण्ठयाम्बभूव गुण्ठयाञ्चक्राते / गुण्ठयामासतुः / गुण्ठयाम्बभूवतुः गुण्ठयाञ्चक्रिरे / गुण्ठयामासुः / गुण्ठयाम्बभूवुः मध्यम गुण्ठयाञ्चकृषे / गुण्ठयामासिथ / गुण्ठयाम्बभूविथ गुण्ठयाञ्चक्राथे / गुण्ठयामासथुः / गुण्ठयाम्बभूवथुः गुण्ठयाञ्चकृढ्वे / गुण्ठयामास / गुण्ठयाम्बभूव उत्तम गुण्ठयाञ्चक्रे / गुण्ठयामास / गुण्ठयाम्बभूव गुण्ठयाञ्चकृवहे / गुण्ठयामासिव / गुण्ठयाम्बभूविव गुण्ठयाञ्चकृमहे / गुण्ठयामासिम / गुण्ठयाम्बभूविम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजुगुण्ठत अजुगुण्ठेताम् अजुगुण्ठन्त मध्यम अजुगुण्ठथाः अजुगुण्ठेथाम् अजुगुण्ठध्वम् उत्तम अजुगुण्ठे अजुगुण्ठावहि अजुगुण्ठामहि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयिषीष्ट गुण्ठयिषीयास्ताम् गुण्ठयिषीरन् मध्यम गुण्ठयिषीष्ठाः गुण्ठयिषीयास्थाम् गुण्ठयिषीढ्वम् / गुण्ठयिषीध्वम् उत्तम गुण्ठयिषीय गुण्ठयिषीवहि गुण्ठयिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुण्ठयिष्यत अगुण्ठयिष्येताम् अगुण्ठयिष्यन्त मध्यम अगुण्ठयिष्यथाः अगुण्ठयिष्येथाम् अगुण्ठयिष्यध्वम् उत्तम अगुण्ठयिष्ये अगुण्ठयिष्यावहि अगुण्ठयिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठ्यते गुण्ठ्येते गुण्ठ्यन्ते मध्यम गुण्ठ्यसे गुण्ठ्येथे गुण्ठ्यध्वे उत्तम गुण्ठ्ये गुण्ठ्यावहे गुण्ठ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठ्यताम् गुण्ठ्येताम् गुण्ठ्यन्ताम् मध्यम गुण्ठ्यस्व गुण्ठ्येथाम् गुण्ठ्यध्वम् उत्तम गुण्ठ्यै गुण्ठ्यावहै गुण्ठ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगुण्ठ्यत अगुण्ठ्येताम् अगुण्ठ्यन्त मध्यम अगुण्ठ्यथाः अगुण्ठ्येथाम् अगुण्ठ्यध्वम् उत्तम अगुण्ठ्ये अगुण्ठ्यावहि अगुण्ठ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठ्येत गुण्ठ्येयाताम् गुण्ठ्येरन् मध्यम गुण्ठ्येथाः गुण्ठ्येयाथाम् गुण्ठ्येध्वम् उत्तम गुण्ठ्येय गुण्ठ्येवहि गुण्ठ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गुण्ठयिष्यते / गुण्ठिष्यते गुण्ठयिष्येते / गुण्ठिष्येते गुण्ठयिष्यन्ते / गुण्ठिष्यन्ते मध्यम गुण्ठयिष्यसे / गुण्ठिष्यसे गुण्ठयिष्येथे / गुण्ठिष्येथे गुण्ठयिष्यध्वे / गुण्ठिष्यध्वे उत्तम गुण्ठयिष्ये / गुण्ठिष्ये गुण्ठयिष्यावहे / गुण्ठिष्यावहे गुण्ठयिष्यामहे / गुण्ठिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त गुण्ठन — — गुण्ठनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त गुण्ठक गुण्ठकः गुण्ठिका गुण्ठकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त गुण्ठितृ गुण्ठिता गुण्ठित्री गुण्ठितृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त गुण्ठ्य गुण्ठ्यः गुण्ठ्या गुण्ठ्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त गुण्ठ्य गुण्ठ्यः गुण्ठ्या गुण्ठ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) गुण्ठितव्य गुण्ठितव्यः गुण्ठितव्या गुण्ठितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त गुण्ठनीय गुण्ठनीयः गुण्ठनीया गुण्ठनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) गुण्ठित गुण्ठितः गुण्ठिता गुण्ठितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) गुण्ठितवत् गुण्ठितवान् गुण्ठितवती गुण्ठितवत् / गुण्ठितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) गुण्ठत् गुण्ठन् गुण्ठन्ती गुण्ठत् / गुण्ठद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त गुण्ठिष्यत् गुण्ठिष्यन् गुण्ठिष्यती / गुण्ठिष्यन्ती गुण्ठिष्यत् / गुण्ठिष्यद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) गुण्ठयमान गुण्ठयमानः गुण्ठयमाना गुण्ठयमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) गुण्ठित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रगुण्ठ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) गुण्ठितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय गुण्ठम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त गुण्ठ गुण्ठः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त गुण्टि — गुण्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जुगुण्ठ्वस् जुगुण्ठ्वान् जुगुण्ठुषी जुगुण्ठ्वत् / जुगुण्ठ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।