२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कच् (कचँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0192
धात्वर्थ: बन्धने — बांधना (to bind, to tie)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कचते कचेते कचन्ते मध्यम कचसे कचेथे कचध्वे उत्तम कचे कचावहे कचामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कचताम् कचेताम् कचन्ताम् मध्यम कचस्व कचेथाम् कचध्वम् उत्तम कचै कचावहै कचामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकचत अकचेताम् अकचन्त मध्यम अकचथाः अकचेथाम् अकचध्वम् उत्तम अकचे अकचावहि अकचामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कचेत कचेयाताम् कचेरन् मध्यम कचेथाः कचेयाथाम् कचेध्वम् उत्तम कचेय कचेवहि कचेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कचिष्यते कचिष्येते कचिष्यन्ते मध्यम कचिष्यसे कचिष्येथे कचिष्यध्वे उत्तम कचिष्ये कचिष्यावहे कचिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कचिता कचितारौ कचितारः मध्यम कचितासे कचितासाथे कचिताध्वे उत्तम कचिताहे कचितास्वहे कचितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चकचे चकचाते चकचिरे मध्यम चकचिषे चकचाथे चकचिध्वे उत्तम चकचे चकचिवहे चकचिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकचिष्ट अकचिषाताम् अकचिषत मध्यम अकचिष्ठाः अकचिषाथाम् अकचिध्वम् उत्तम अकचिषि अकचिष्वहि अकचिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कचिषीष्ट कचिषीयास्ताम् कचिषीरन् मध्यम कचिषीष्ठाः कचिषीयास्थाम् कचिषीध्वम् उत्तम कचिषीय कचिषीवहि कचिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकचिष्यत अकचिष्येताम् अकचिष्यन्त मध्यम अकचिष्यथाः अकचिष्येथाम् अकचिष्यध्वम् उत्तम अकचिष्ये अकचिष्यावहि अकचिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कच्यते कच्येते कच्यन्ते मध्यम कच्यसे कच्येथे कच्यध्वे उत्तम कच्ये कच्यावहे कच्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कच्यताम् कच्येताम् कच्यन्ताम् मध्यम कच्यस्व कच्येथाम् कच्यध्वम् उत्तम कच्यै कच्यावहै कच्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकच्यत अकच्येताम् अकच्यन्त मध्यम अकच्यथाः अकच्येथाम् अकच्यध्वम् उत्तम अकच्ये अकच्यावहि अकच्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कच्येत कच्येयाताम् कच्येरन् मध्यम कच्येथाः कच्येयाथाम् कच्येध्वम् उत्तम कच्येय कच्येवहि कच्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कचिष्यते कचिष्येते कचिष्यन्ते मध्यम कचिष्यसे कचिष्येथे कचिष्यध्वे उत्तम कचिष्ये कचिष्यावहे कचिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कचन — — कचनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त काचक काचकः काचिका काचकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कचितृ कचिता कचित्री कचितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त काच्य काच्यः काच्या काच्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कचितव्य कचितव्यः कचितव्या कचितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कचनीय कचनीयः कचनीया कचनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कचित कचितः कचिता कचितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कचितवत् कचितवान् कचितवती कचितवत् / कचितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) कचमान कचमानः कचमाना कचमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कचित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकच्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कचितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय काचम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त काच काचः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कक्ति — कक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चकच्वस् चकच्वान् चकचुषी चकच्वत् / चकच्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।