२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
मन्त्र् (मत्रिँ)
चुरादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 10.0199
धात्वर्थ: गुप्तपरिभाषणे — गुप्त भाषण करना (to consult, to advise, to discuss privately)
कर्तरि — परस्मैपद कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रति मन्त्रतः मन्त्रन्ति मध्यम मन्त्रसि मन्त्रथः मन्त्रथ उत्तम मन्त्रामि मन्त्रावः मन्त्रामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रतात् / मन्त्रताद् / मन्त्रतु मन्त्रताम् मन्त्रन्तु मध्यम मन्त्र / मन्त्रतात् / मन्त्रताद् मन्त्रतम् मन्त्रत उत्तम मन्त्राणि मन्त्राव मन्त्राम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्त्रत् / अमन्त्रद् अमन्त्रताम् अमन्त्रन् मध्यम अमन्त्रः अमन्त्रतम् अमन्त्रत उत्तम अमन्त्रम् अमन्त्राव अमन्त्राम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रेत् / मन्त्रेद् मन्त्रेताम् मन्त्रेयुः मध्यम मन्त्रेः मन्त्रेतम् मन्त्रेत उत्तम मन्त्रेयम् मन्त्रेव मन्त्रेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रिष्यति मन्त्रिष्यतः मन्त्रिष्यन्ति मध्यम मन्त्रिष्यसि मन्त्रिष्यथः मन्त्रिष्यथ उत्तम मन्त्रिष्यामि मन्त्रिष्यावः मन्त्रिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रिता मन्त्रितारौ मन्त्रितारः मध्यम मन्त्रितासि मन्त्रितास्थः मन्त्रितास्थ उत्तम मन्त्रितास्मि मन्त्रितास्वः मन्त्रितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ममन्त्र ममन्त्रतुः ममन्त्रुः मध्यम ममन्त्रिथ ममन्त्रथुः ममन्त्र उत्तम ममन्त्र ममन्त्रिव ममन्त्रिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्त्रीत् / अमन्त्रीद् अमन्त्रिष्टाम् अमन्त्रिषुः मध्यम अमन्त्रीः अमन्त्रिष्टम् अमन्त्रिष्ट उत्तम अमन्त्रिषम् अमन्त्रिष्व अमन्त्रिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्र्यात् / मन्त्र्याद् मन्त्र्यास्ताम् मन्त्र्यासुः मध्यम मन्त्र्याः मन्त्र्यास्तम् मन्त्र्यास्त उत्तम मन्त्र्यासम् मन्त्र्यास्व मन्त्र्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्त्रिष्यत् / अमन्त्रिष्यद् अमन्त्रिष्यताम् अमन्त्रिष्यन् मध्यम अमन्त्रिष्यः अमन्त्रिष्यतम् अमन्त्रिष्यत उत्तम अमन्त्रिष्यम् अमन्त्रिष्याव अमन्त्रिष्याम
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रयते मन्त्रयेते मन्त्रयन्ते मध्यम मन्त्रयसे मन्त्रयेथे मन्त्रयध्वे उत्तम मन्त्रये मन्त्रयावहे मन्त्रयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रयताम् मन्त्रयेताम् मन्त्रयन्ताम् मध्यम मन्त्रयस्व मन्त्रयेथाम् मन्त्रयध्वम् उत्तम मन्त्रयै मन्त्रयावहै मन्त्रयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्त्रयत अमन्त्रयेताम् अमन्त्रयन्त मध्यम अमन्त्रयथाः अमन्त्रयेथाम् अमन्त्रयध्वम् उत्तम अमन्त्रये अमन्त्रयावहि अमन्त्रयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रयेत मन्त्रयेयाताम् मन्त्रयेरन् मध्यम मन्त्रयेथाः मन्त्रयेयाथाम् मन्त्रयेध्वम् उत्तम मन्त्रयेय मन्त्रयेवहि मन्त्रयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रयिष्यते मन्त्रयिष्येते मन्त्रयिष्यन्ते मध्यम मन्त्रयिष्यसे मन्त्रयिष्येथे मन्त्रयिष्यध्वे उत्तम मन्त्रयिष्ये मन्त्रयिष्यावहे मन्त्रयिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रयिता मन्त्रयितारौ मन्त्रयितारः मध्यम मन्त्रयितासे मन्त्रयितासाथे मन्त्रयिताध्वे उत्तम मन्त्रयिताहे मन्त्रयितास्वहे मन्त्रयितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रयाञ्चक्रे / मन्त्रयामास / मन्त्रयाम्बभूव मन्त्रयाञ्चक्राते / मन्त्रयामासतुः / मन्त्रयाम्बभूवतुः मन्त्रयाञ्चक्रिरे / मन्त्रयामासुः / मन्त्रयाम्बभूवुः मध्यम मन्त्रयाञ्चकृषे / मन्त्रयामासिथ / मन्त्रयाम्बभूविथ मन्त्रयाञ्चक्राथे / मन्त्रयामासथुः / मन्त्रयाम्बभूवथुः मन्त्रयाञ्चकृढ्वे / मन्त्रयामास / मन्त्रयाम्बभूव उत्तम मन्त्रयाञ्चक्रे / मन्त्रयामास / मन्त्रयाम्बभूव मन्त्रयाञ्चकृवहे / मन्त्रयामासिव / मन्त्रयाम्बभूविव मन्त्रयाञ्चकृमहे / मन्त्रयामासिम / मन्त्रयाम्बभूविम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अममन्त्रत अममन्त्रेताम् अममन्त्रन्त मध्यम अममन्त्रथाः अममन्त्रेथाम् अममन्त्रध्वम् उत्तम अममन्त्रे अममन्त्रावहि अममन्त्रामहि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रयिषीष्ट मन्त्रयिषीयास्ताम् मन्त्रयिषीरन् मध्यम मन्त्रयिषीष्ठाः मन्त्रयिषीयास्थाम् मन्त्रयिषीढ्वम् / मन्त्रयिषीध्वम् उत्तम मन्त्रयिषीय मन्त्रयिषीवहि मन्त्रयिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्त्रयिष्यत अमन्त्रयिष्येताम् अमन्त्रयिष्यन्त मध्यम अमन्त्रयिष्यथाः अमन्त्रयिष्येथाम् अमन्त्रयिष्यध्वम् उत्तम अमन्त्रयिष्ये अमन्त्रयिष्यावहि अमन्त्रयिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्र्यते मन्त्र्येते मन्त्र्यन्ते मध्यम मन्त्र्यसे मन्त्र्येथे मन्त्र्यध्वे उत्तम मन्त्र्ये मन्त्र्यावहे मन्त्र्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्र्यताम् मन्त्र्येताम् मन्त्र्यन्ताम् मध्यम मन्त्र्यस्व मन्त्र्येथाम् मन्त्र्यध्वम् उत्तम मन्त्र्यै मन्त्र्यावहै मन्त्र्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्त्र्यत अमन्त्र्येताम् अमन्त्र्यन्त मध्यम अमन्त्र्यथाः अमन्त्र्येथाम् अमन्त्र्यध्वम् उत्तम अमन्त्र्ये अमन्त्र्यावहि अमन्त्र्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्र्येत मन्त्र्येयाताम् मन्त्र्येरन् मध्यम मन्त्र्येथाः मन्त्र्येयाथाम् मन्त्र्येध्वम् उत्तम मन्त्र्येय मन्त्र्येवहि मन्त्र्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्त्रयिष्यते / मन्त्रिष्यते मन्त्रयिष्येते / मन्त्रिष्येते मन्त्रयिष्यन्ते / मन्त्रिष्यन्ते मध्यम मन्त्रयिष्यसे / मन्त्रिष्यसे मन्त्रयिष्येथे / मन्त्रिष्येथे मन्त्रयिष्यध्वे / मन्त्रिष्यध्वे उत्तम मन्त्रयिष्ये / मन्त्रिष्ये मन्त्रयिष्यावहे / मन्त्रिष्यावहे मन्त्रयिष्यामहे / मन्त्रिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त मन्त्रण — — मन्त्रणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त मन्त्रक मन्त्रकः मन्त्रिका मन्त्रकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त मन्त्रितृ मन्त्रिता मन्त्रित्री मन्त्रितृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त मन्त्र्य मन्त्र्यः मन्त्र्या मन्त्र्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त मन्त्र्य मन्त्र्यः मन्त्र्या मन्त्र्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) मन्त्रितव्य मन्त्रितव्यः मन्त्रितव्या मन्त्रितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त मन्त्रणीय मन्त्रणीयः मन्त्रणीया मन्त्रणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) मन्त्रित मन्त्रितः मन्त्रिता मन्त्रितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) मन्त्रितवत् मन्त्रितवान् मन्त्रितवती मन्त्रितवत् / मन्त्रितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) मन्त्रत् मन्त्रन् मन्त्रन्ती मन्त्रत् / मन्त्रद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त मन्त्रिष्यत् मन्त्रिष्यन् मन्त्रिष्यती / मन्त्रिष्यन्ती मन्त्रिष्यत् / मन्त्रिष्यद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) मन्त्रयमाण मन्त्रयमाणः मन्त्रयमाणा मन्त्रयमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) मन्त्रित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रमन्त्र्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) मन्त्रितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय मन्त्रम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त मन्त्र मन्त्रः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त मन्त्र्ति — मन्त्र्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त ममन्त्र्वस् ममन्त्र्वान् ममन्त्रुषी ममन्त्र्वत् / ममन्त्र्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।