२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
विष्क् (विष्कँ)
चुरादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 10.0207
धात्वर्थ: हिंसायाम् — मार डालना (to kill, to destroy)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्कयते विष्कयेते विष्कयन्ते मध्यम विष्कयसे विष्कयेथे विष्कयध्वे उत्तम विष्कये विष्कयावहे विष्कयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्कयताम् विष्कयेताम् विष्कयन्ताम् मध्यम विष्कयस्व विष्कयेथाम् विष्कयध्वम् उत्तम विष्कयै विष्कयावहै विष्कयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अविष्कयत अविष्कयेताम् अविष्कयन्त मध्यम अविष्कयथाः अविष्कयेथाम् अविष्कयध्वम् उत्तम अविष्कये अविष्कयावहि अविष्कयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्कयेत विष्कयेयाताम् विष्कयेरन् मध्यम विष्कयेथाः विष्कयेयाथाम् विष्कयेध्वम् उत्तम विष्कयेय विष्कयेवहि विष्कयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्कयिष्यते विष्कयिष्येते विष्कयिष्यन्ते मध्यम विष्कयिष्यसे विष्कयिष्येथे विष्कयिष्यध्वे उत्तम विष्कयिष्ये विष्कयिष्यावहे विष्कयिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्कयिता विष्कयितारौ विष्कयितारः मध्यम विष्कयितासे विष्कयितासाथे विष्कयिताध्वे उत्तम विष्कयिताहे विष्कयितास्वहे विष्कयितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्कयाञ्चक्रे / विष्कयामास / विष्कयाम्बभूव विष्कयाञ्चक्राते / विष्कयामासतुः / विष्कयाम्बभूवतुः विष्कयाञ्चक्रिरे / विष्कयामासुः / विष्कयाम्बभूवुः मध्यम विष्कयाञ्चकृषे / विष्कयामासिथ / विष्कयाम्बभूविथ विष्कयाञ्चक्राथे / विष्कयामासथुः / विष्कयाम्बभूवथुः विष्कयाञ्चकृढ्वे / विष्कयामास / विष्कयाम्बभूव उत्तम विष्कयाञ्चक्रे / विष्कयामास / विष्कयाम्बभूव विष्कयाञ्चकृवहे / विष्कयामासिव / विष्कयाम्बभूविव विष्कयाञ्चकृमहे / विष्कयामासिम / विष्कयाम्बभूविम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अविविष्कत अविविष्केताम् अविविष्कन्त मध्यम अविविष्कथाः अविविष्केथाम् अविविष्कध्वम् उत्तम अविविष्के अविविष्कावहि अविविष्कामहि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्कयिषीष्ट विष्कयिषीयास्ताम् विष्कयिषीरन् मध्यम विष्कयिषीष्ठाः विष्कयिषीयास्थाम् विष्कयिषीढ्वम् / विष्कयिषीध्वम् उत्तम विष्कयिषीय विष्कयिषीवहि विष्कयिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अविष्कयिष्यत अविष्कयिष्येताम् अविष्कयिष्यन्त मध्यम अविष्कयिष्यथाः अविष्कयिष्येथाम् अविष्कयिष्यध्वम् उत्तम अविष्कयिष्ये अविष्कयिष्यावहि अविष्कयिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्क्यते विष्क्येते विष्क्यन्ते मध्यम विष्क्यसे विष्क्येथे विष्क्यध्वे उत्तम विष्क्ये विष्क्यावहे विष्क्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्क्यताम् विष्क्येताम् विष्क्यन्ताम् मध्यम विष्क्यस्व विष्क्येथाम् विष्क्यध्वम् उत्तम विष्क्यै विष्क्यावहै विष्क्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अविष्क्यत अविष्क्येताम् अविष्क्यन्त मध्यम अविष्क्यथाः अविष्क्येथाम् अविष्क्यध्वम् उत्तम अविष्क्ये अविष्क्यावहि अविष्क्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्क्येत विष्क्येयाताम् विष्क्येरन् मध्यम विष्क्येथाः विष्क्येयाथाम् विष्क्येध्वम् उत्तम विष्क्येय विष्क्येवहि विष्क्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम विष्कयिष्यते / विष्किष्यते विष्कयिष्येते / विष्किष्येते विष्कयिष्यन्ते / विष्किष्यन्ते मध्यम विष्कयिष्यसे / विष्किष्यसे विष्कयिष्येथे / विष्किष्येथे विष्कयिष्यध्वे / विष्किष्यध्वे उत्तम विष्कयिष्ये / विष्किष्ये विष्कयिष्यावहे / विष्किष्यावहे विष्कयिष्यामहे / विष्किष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त विष्कण — — विष्कणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त विष्कक विष्ककः विष्किका विष्ककम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त विष्कयितृ विष्कयिता विष्कयित्री विष्कयितृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त विष्क्य विष्क्यः विष्क्या विष्क्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) विष्कयितव्य विष्कयितव्यः विष्कयितव्या विष्कयितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त विष्कणीय विष्कणीयः विष्कणीया विष्कणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) विष्कित विष्कितः विष्किता विष्कितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) विष्कितवत् विष्कितवान् विष्कितवती विष्कितवत् / विष्कितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) विष्कयमाण विष्कयमाणः विष्कयमाणा विष्कयमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) विष्कयित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रविष्क्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) विष्कयितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय विष्कम् — — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त विष्क्ति — विष्क्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त विष्कयाम्बभूवस् विष्कयाम्बभूवान् विष्कयाम्बभूषी विष्कयाम्बभूवत् / विष्कयाम्बभूवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।