२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
गूर्द् (गुर्दँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0023
धात्वर्थ: क्रीडायाम् एव — खेलना (to leap, to jump)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्दते गूर्देते गूर्दन्ते मध्यम गूर्दसे गूर्देथे गूर्दध्वे उत्तम गूर्दे गूर्दावहे गूर्दामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्दताम् गूर्देताम् गूर्दन्ताम् मध्यम गूर्दस्व गूर्देथाम् गूर्दध्वम् उत्तम गूर्दै गूर्दावहै गूर्दामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगूर्दत अगूर्देताम् अगूर्दन्त मध्यम अगूर्दथाः अगूर्देथाम् अगूर्दध्वम् उत्तम अगूर्दे अगूर्दावहि अगूर्दामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्देत गूर्देयाताम् गूर्देरन् मध्यम गूर्देथाः गूर्देयाथाम् गूर्देध्वम् उत्तम गूर्देय गूर्देवहि गूर्देमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्दिष्यते गूर्दिष्येते गूर्दिष्यन्ते मध्यम गूर्दिष्यसे गूर्दिष्येथे गूर्दिष्यध्वे उत्तम गूर्दिष्ये गूर्दिष्यावहे गूर्दिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्दिता गूर्दितारौ गूर्दितारः मध्यम गूर्दितासे गूर्दितासाथे गूर्दिताध्वे उत्तम गूर्दिताहे गूर्दितास्वहे गूर्दितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जुगूर्दे जुगूर्दाते जुगूर्दिरे मध्यम जुगूर्दिषे जुगूर्दाथे जुगूर्दिध्वे उत्तम जुगूर्दे जुगूर्दिवहे जुगूर्दिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगूर्दिष्ट अगूर्दिषाताम् अगूर्दिषत मध्यम अगूर्दिष्ठाः अगूर्दिषाथाम् अगूर्दिध्वम् उत्तम अगूर्दिषि अगूर्दिष्वहि अगूर्दिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्दिषीष्ट गूर्दिषीयास्ताम् गूर्दिषीरन् मध्यम गूर्दिषीष्ठाः गूर्दिषीयास्थाम् गूर्दिषीध्वम् उत्तम गूर्दिषीय गूर्दिषीवहि गूर्दिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगूर्दिष्यत अगूर्दिष्येताम् अगूर्दिष्यन्त मध्यम अगूर्दिष्यथाः अगूर्दिष्येथाम् अगूर्दिष्यध्वम् उत्तम अगूर्दिष्ये अगूर्दिष्यावहि अगूर्दिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्द्यते गूर्द्येते गूर्द्यन्ते मध्यम गूर्द्यसे गूर्द्येथे गूर्द्यध्वे उत्तम गूर्द्ये गूर्द्यावहे गूर्द्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्द्यताम् गूर्द्येताम् गूर्द्यन्ताम् मध्यम गूर्द्यस्व गूर्द्येथाम् गूर्द्यध्वम् उत्तम गूर्द्यै गूर्द्यावहै गूर्द्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगूर्द्यत अगूर्द्येताम् अगूर्द्यन्त मध्यम अगूर्द्यथाः अगूर्द्येथाम् अगूर्द्यध्वम् उत्तम अगूर्द्ये अगूर्द्यावहि अगूर्द्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्द्येत गूर्द्येयाताम् गूर्द्येरन् मध्यम गूर्द्येथाः गूर्द्येयाथाम् गूर्द्येध्वम् उत्तम गूर्द्येय गूर्द्येवहि गूर्द्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गूर्दिष्यते गूर्दिष्येते गूर्दिष्यन्ते मध्यम गूर्दिष्यसे गूर्दिष्येथे गूर्दिष्यध्वे उत्तम गूर्दिष्ये गूर्दिष्यावहे गूर्दिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त गूर्दन — — गूर्दनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त गूर्दक गूर्दकः गूर्दिका गूर्दकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त गूर्दितृ गूर्दिता गूर्दित्री गूर्दितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त गूर्द्य गूर्द्यः गूर्द्या गूर्द्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) गूर्दितव्य गूर्दितव्यः गूर्दितव्या गूर्दितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त गूर्दनीय गूर्दनीयः गूर्दनीया गूर्दनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) गूर्दित गूर्दितः गूर्दिता गूर्दितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) गूर्दितवत् गूर्दितवान् गूर्दितवती गूर्दितवत् / गूर्दितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) गूर्दमान गूर्दमानः गूर्दमाना गूर्दमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) गूर्दित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रगूर्द्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) गूर्दितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय गूर्दम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त गूर्द गूर्दः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त गूर्ति — गूर्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जुगूर्द्वस् जुगूर्द्वान् जुगूर्दुषी जुगूर्द्वत् / जुगूर्द्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।