२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
खज् (खजँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0264
धात्वर्थ: मन्थे — मथना, हिलाना, मंथन करना (to churn,to agitate,to limp)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खजति खजतः खजन्ति मध्यम खजसि खजथः खजथ उत्तम खजामि खजावः खजामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खजतात् / खजताद् / खजतु खजताम् खजन्तु मध्यम खज / खजतात् / खजताद् खजतम् खजत उत्तम खजानि खजाव खजाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखजत् / अखजद् अखजताम् अखजन् मध्यम अखजः अखजतम् अखजत उत्तम अखजम् अखजाव अखजाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खजेत् / खजेद् खजेताम् खजेयुः मध्यम खजेः खजेतम् खजेत उत्तम खजेयम् खजेव खजेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खजिष्यति खजिष्यतः खजिष्यन्ति मध्यम खजिष्यसि खजिष्यथः खजिष्यथ उत्तम खजिष्यामि खजिष्यावः खजिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खजिता खजितारौ खजितारः मध्यम खजितासि खजितास्थः खजितास्थ उत्तम खजितास्मि खजितास्वः खजितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चखाज चखजतुः चखजुः मध्यम चखजिथ चखजथुः चखज उत्तम चखज / चखाज चखजिव चखजिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखजीत् / अखजीद् / अखाजीत् / अखाजीद् अखजिष्टाम् / अखाजिष्टाम् अखजिषुः / अखाजिषुः मध्यम अखजीः / अखाजीः अखजिष्टम् / अखाजिष्टम् अखजिष्ट / अखाजिष्ट उत्तम अखजिषम् / अखाजिषम् अखजिष्व / अखाजिष्व अखजिष्म / अखाजिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खज्यात् / खज्याद् खज्यास्ताम् खज्यासुः मध्यम खज्याः खज्यास्तम् खज्यास्त उत्तम खज्यासम् खज्यास्व खज्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखजिष्यत् / अखजिष्यद् अखजिष्यताम् अखजिष्यन् मध्यम अखजिष्यः अखजिष्यतम् अखजिष्यत उत्तम अखजिष्यम् अखजिष्याव अखजिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खज्यते खज्येते खज्यन्ते मध्यम खज्यसे खज्येथे खज्यध्वे उत्तम खज्ये खज्यावहे खज्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खज्यताम् खज्येताम् खज्यन्ताम् मध्यम खज्यस्व खज्येथाम् खज्यध्वम् उत्तम खज्यै खज्यावहै खज्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखज्यत अखज्येताम् अखज्यन्त मध्यम अखज्यथाः अखज्येथाम् अखज्यध्वम् उत्तम अखज्ये अखज्यावहि अखज्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खज्येत खज्येयाताम् खज्येरन् मध्यम खज्येथाः खज्येयाथाम् खज्येध्वम् उत्तम खज्येय खज्येवहि खज्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खजिष्यते खजिष्येते खजिष्यन्ते मध्यम खजिष्यसे खजिष्येथे खजिष्यध्वे उत्तम खजिष्ये खजिष्यावहे खजिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त खजन — — खजनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त खाजक खाजकः खाजिका खाजकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त खजितृ खजिता खजित्री खजितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त खाज्य खाज्यः खाज्या खाज्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) खजितव्य खजितव्यः खजितव्या खजितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त खजनीय खजनीयः खजनीया खजनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) खजित खजितः खजिता खजितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) खजितवत् खजितवान् खजितवती खजितवत् / खजितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) खजत् खजन् खजन्ती खजत् / खजद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त खजिष्यत् खजिष्यन् खजिष्यती / खजिष्यन्ती खजिष्यत् / खजिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) खजित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रखज्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) खजितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय खाजम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त खाज खाजः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त खक्ति — खक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चखज्वस् चखज्वान् चखजुषी चखज्वत् / चखज्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।