२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें
गज् (गजँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0279
धात्वर्थ: शब्दे मदने च — शब्द करना, मदोन्मत्त होना, वेसुध होना (to sound, to be intoxicated, to be drunk, to be confused)
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गजति
गजतः
गजन्ति
मध्यम
गजसि
गजथः
गजथ
उत्तम
गजामि
गजावः
गजामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गजतात् / गजताद् / गजतु
गजताम्
गजन्तु
मध्यम
गज / गजतात् / गजताद्
गजतम्
गजत
उत्तम
गजानि
गजाव
गजाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अगजत् / अगजद्
अगजताम्
अगजन्
मध्यम
अगजः
अगजतम्
अगजत
उत्तम
अगजम्
अगजाव
अगजाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गजेत् / गजेद्
गजेताम्
गजेयुः
मध्यम
गजेः
गजेतम्
गजेत
उत्तम
गजेयम्
गजेव
गजेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गजिष्यति
गजिष्यतः
गजिष्यन्ति
मध्यम
गजिष्यसि
गजिष्यथः
गजिष्यथ
उत्तम
गजिष्यामि
गजिष्यावः
गजिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गजिता
गजितारौ
गजितारः
मध्यम
गजितासि
गजितास्थः
गजितास्थ
उत्तम
गजितास्मि
गजितास्वः
गजितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
जगाज
जगजतुः
जगजुः
मध्यम
जगजिथ
जगजथुः
जगज
उत्तम
जगज / जगाज
जगजिव
जगजिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अगजीत् / अगजीद् / अगाजीत् / अगाजीद्
अगजिष्टाम् / अगाजिष्टाम्
अगजिषुः / अगाजिषुः
मध्यम
अगजीः / अगाजीः
अगजिष्टम् / अगाजिष्टम्
अगजिष्ट / अगाजिष्ट
उत्तम
अगजिषम् / अगाजिषम्
अगजिष्व / अगाजिष्व
अगजिष्म / अगाजिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गज्यात् / गज्याद्
गज्यास्ताम्
गज्यासुः
मध्यम
गज्याः
गज्यास्तम्
गज्यास्त
उत्तम
गज्यासम्
गज्यास्व
गज्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अगजिष्यत् / अगजिष्यद्
अगजिष्यताम्
अगजिष्यन्
मध्यम
अगजिष्यः
अगजिष्यतम्
अगजिष्यत
उत्तम
अगजिष्यम्
अगजिष्याव
अगजिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गज्यते
गज्येते
गज्यन्ते
मध्यम
गज्यसे
गज्येथे
गज्यध्वे
उत्तम
गज्ये
गज्यावहे
गज्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गज्यताम्
गज्येताम्
गज्यन्ताम्
मध्यम
गज्यस्व
गज्येथाम्
गज्यध्वम्
उत्तम
गज्यै
गज्यावहै
गज्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अगज्यत
अगज्येताम्
अगज्यन्त
मध्यम
अगज्यथाः
अगज्येथाम्
अगज्यध्वम्
उत्तम
अगज्ये
अगज्यावहि
अगज्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गज्येत
गज्येयाताम्
गज्येरन्
मध्यम
गज्येथाः
गज्येयाथाम्
गज्येध्वम्
उत्तम
गज्येय
गज्येवहि
गज्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
गजिष्यते
गजिष्येते
गजिष्यन्ते
मध्यम
गजिष्यसे
गजिष्येथे
गजिष्यध्वे
उत्तम
गजिष्ये
गजिष्यावहे
गजिष्यामहे
प्रत्यय
प्रयोग / अर्थ
प्रातिपदिक / अव्यय
पुंलिङ्ग
स्त्रीलिङ्ग
नपुंसकलिङ्ग
ल्युट्
भाववाचक/करणवाचक कृदन्त
गजन
—
—
गजनम्
ण्वुल्
कर्तृवाचक कृदन्त
गाजक
गाजकः
गाजिका
गाजकम्
तृच्
कर्तृवाचक कृदन्त
गजितृ
गजिता
गजित्री
गजितृ
ण्यत्
विध्यर्थक कृदन्त
गाज्य
गाज्यः
गाज्या
गाज्यम्
तव्य
विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए)
गजितव्य
गजितव्यः
गजितव्या
गजितव्यम्
अनीयर्
विध्यर्थक कृदन्त
गजनीय
गजनीयः
गजनीया
गजनीयम्
क्त
भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा)
गजित
गजितः
गजिता
गजितम्
क्तवतु
भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा)
गजितवत्
गजितवान्
गजितवती
गजितवत् / गजितवद्
शतृ
वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद)
गजत्
गजन्
गजन्ती
गजत् / गजद्
स्य-शतृ
भविष्यत्कालिक कृदन्त
गजिष्यत्
गजिष्यन्
गजिष्यती / गजिष्यन्ती
गजिष्यत् / गजिष्यद्
क्त्वा
पूर्वकालिक अव्यय (करके)
गजित्वा
—
—
—
ल्यप्
पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके)
प्रगज्य
—
—
—
तुमुन्
निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए)
गजितुम्
—
—
—
णमुल्
पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय
गाजम्
—
—
—
घञ्
भाववाचक कृदन्त
गाज
गाजः
—
—
क्तिन्
भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त
गक्ति
—
गक्तिः
—
क्वसु
भूतकालिक (लिट्) कृदन्त
जगज्वस्
जगज्वान्
जगजुषी
जगज्वत् / जगज्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।
ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।