२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
मुण्ठ् (मुठिँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0298
धात्वर्थ: पालने — पालन करना (to protect)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठते मुण्ठेते मुण्ठन्ते मध्यम मुण्ठसे मुण्ठेथे मुण्ठध्वे उत्तम मुण्ठे मुण्ठावहे मुण्ठामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठताम् मुण्ठेताम् मुण्ठन्ताम् मध्यम मुण्ठस्व मुण्ठेथाम् मुण्ठध्वम् उत्तम मुण्ठै मुण्ठावहै मुण्ठामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमुण्ठत अमुण्ठेताम् अमुण्ठन्त मध्यम अमुण्ठथाः अमुण्ठेथाम् अमुण्ठध्वम् उत्तम अमुण्ठे अमुण्ठावहि अमुण्ठामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठेत मुण्ठेयाताम् मुण्ठेरन् मध्यम मुण्ठेथाः मुण्ठेयाथाम् मुण्ठेध्वम् उत्तम मुण्ठेय मुण्ठेवहि मुण्ठेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठिष्यते मुण्ठिष्येते मुण्ठिष्यन्ते मध्यम मुण्ठिष्यसे मुण्ठिष्येथे मुण्ठिष्यध्वे उत्तम मुण्ठिष्ये मुण्ठिष्यावहे मुण्ठिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठिता मुण्ठितारौ मुण्ठितारः मध्यम मुण्ठितासे मुण्ठितासाथे मुण्ठिताध्वे उत्तम मुण्ठिताहे मुण्ठितास्वहे मुण्ठितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुमुण्ठे मुमुण्ठाते मुमुण्ठिरे मध्यम मुमुण्ठिषे मुमुण्ठाथे मुमुण्ठिध्वे उत्तम मुमुण्ठे मुमुण्ठिवहे मुमुण्ठिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमुण्ठिष्ट अमुण्ठिषाताम् अमुण्ठिषत मध्यम अमुण्ठिष्ठाः अमुण्ठिषाथाम् अमुण्ठिध्वम् उत्तम अमुण्ठिषि अमुण्ठिष्वहि अमुण्ठिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठिषीष्ट मुण्ठिषीयास्ताम् मुण्ठिषीरन् मध्यम मुण्ठिषीष्ठाः मुण्ठिषीयास्थाम् मुण्ठिषीध्वम् उत्तम मुण्ठिषीय मुण्ठिषीवहि मुण्ठिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमुण्ठिष्यत अमुण्ठिष्येताम् अमुण्ठिष्यन्त मध्यम अमुण्ठिष्यथाः अमुण्ठिष्येथाम् अमुण्ठिष्यध्वम् उत्तम अमुण्ठिष्ये अमुण्ठिष्यावहि अमुण्ठिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठ्यते मुण्ठ्येते मुण्ठ्यन्ते मध्यम मुण्ठ्यसे मुण्ठ्येथे मुण्ठ्यध्वे उत्तम मुण्ठ्ये मुण्ठ्यावहे मुण्ठ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठ्यताम् मुण्ठ्येताम् मुण्ठ्यन्ताम् मध्यम मुण्ठ्यस्व मुण्ठ्येथाम् मुण्ठ्यध्वम् उत्तम मुण्ठ्यै मुण्ठ्यावहै मुण्ठ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमुण्ठ्यत अमुण्ठ्येताम् अमुण्ठ्यन्त मध्यम अमुण्ठ्यथाः अमुण्ठ्येथाम् अमुण्ठ्यध्वम् उत्तम अमुण्ठ्ये अमुण्ठ्यावहि अमुण्ठ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठ्येत मुण्ठ्येयाताम् मुण्ठ्येरन् मध्यम मुण्ठ्येथाः मुण्ठ्येयाथाम् मुण्ठ्येध्वम् उत्तम मुण्ठ्येय मुण्ठ्येवहि मुण्ठ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मुण्ठिष्यते मुण्ठिष्येते मुण्ठिष्यन्ते मध्यम मुण्ठिष्यसे मुण्ठिष्येथे मुण्ठिष्यध्वे उत्तम मुण्ठिष्ये मुण्ठिष्यावहे मुण्ठिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त मुण्ठन — — मुण्ठनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त मुण्ठक मुण्ठकः मुण्ठिका मुण्ठकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त मुण्ठितृ मुण्ठिता मुण्ठित्री मुण्ठितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त मुण्ठ्य मुण्ठ्यः मुण्ठ्या मुण्ठ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) मुण्ठितव्य मुण्ठितव्यः मुण्ठितव्या मुण्ठितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त मुण्ठनीय मुण्ठनीयः मुण्ठनीया मुण्ठनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) मुण्ठित मुण्ठितः मुण्ठिता मुण्ठितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) मुण्ठितवत् मुण्ठितवान् मुण्ठितवती मुण्ठितवत् / मुण्ठितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) मुण्ठमान मुण्ठमानः मुण्ठमाना मुण्ठमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) मुण्ठित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रमुण्ठ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) मुण्ठितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय मुण्ठम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त मुण्ठ मुण्ठः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त मुण्टि — मुण्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त मुमुण्ठ्वस् मुमुण्ठ्वान् मुमुण्ठुषी मुमुण्ठ्वत् / मुमुण्ठ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।