२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कत्थ् (कत्थँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0037
धात्वर्थ: श्लाघायाम् — प्रशंसा करना, स्तुति करना, झूटी बढाई करना (to praise,to boast,to flatter)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थते कत्थेते कत्थन्ते मध्यम कत्थसे कत्थेथे कत्थध्वे उत्तम कत्थे कत्थावहे कत्थामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थताम् कत्थेताम् कत्थन्ताम् मध्यम कत्थस्व कत्थेथाम् कत्थध्वम् उत्तम कत्थै कत्थावहै कत्थामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकत्थत अकत्थेताम् अकत्थन्त मध्यम अकत्थथाः अकत्थेथाम् अकत्थध्वम् उत्तम अकत्थे अकत्थावहि अकत्थामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थेत कत्थेयाताम् कत्थेरन् मध्यम कत्थेथाः कत्थेयाथाम् कत्थेध्वम् उत्तम कत्थेय कत्थेवहि कत्थेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थिष्यते कत्थिष्येते कत्थिष्यन्ते मध्यम कत्थिष्यसे कत्थिष्येथे कत्थिष्यध्वे उत्तम कत्थिष्ये कत्थिष्यावहे कत्थिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थिता कत्थितारौ कत्थितारः मध्यम कत्थितासे कत्थितासाथे कत्थिताध्वे उत्तम कत्थिताहे कत्थितास्वहे कत्थितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चकत्थे चकत्थाते चकत्थिरे मध्यम चकत्थिषे चकत्थाथे चकत्थिध्वे उत्तम चकत्थे चकत्थिवहे चकत्थिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकत्थिष्ट अकत्थिषाताम् अकत्थिषत मध्यम अकत्थिष्ठाः अकत्थिषाथाम् अकत्थिध्वम् उत्तम अकत्थिषि अकत्थिष्वहि अकत्थिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थिषीष्ट कत्थिषीयास्ताम् कत्थिषीरन् मध्यम कत्थिषीष्ठाः कत्थिषीयास्थाम् कत्थिषीध्वम् उत्तम कत्थिषीय कत्थिषीवहि कत्थिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकत्थिष्यत अकत्थिष्येताम् अकत्थिष्यन्त मध्यम अकत्थिष्यथाः अकत्थिष्येथाम् अकत्थिष्यध्वम् उत्तम अकत्थिष्ये अकत्थिष्यावहि अकत्थिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थ्यते कत्थ्येते कत्थ्यन्ते मध्यम कत्थ्यसे कत्थ्येथे कत्थ्यध्वे उत्तम कत्थ्ये कत्थ्यावहे कत्थ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थ्यताम् कत्थ्येताम् कत्थ्यन्ताम् मध्यम कत्थ्यस्व कत्थ्येथाम् कत्थ्यध्वम् उत्तम कत्थ्यै कत्थ्यावहै कत्थ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकत्थ्यत अकत्थ्येताम् अकत्थ्यन्त मध्यम अकत्थ्यथाः अकत्थ्येथाम् अकत्थ्यध्वम् उत्तम अकत्थ्ये अकत्थ्यावहि अकत्थ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थ्येत कत्थ्येयाताम् कत्थ्येरन् मध्यम कत्थ्येथाः कत्थ्येयाथाम् कत्थ्येध्वम् उत्तम कत्थ्येय कत्थ्येवहि कत्थ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कत्थिष्यते कत्थिष्येते कत्थिष्यन्ते मध्यम कत्थिष्यसे कत्थिष्येथे कत्थिष्यध्वे उत्तम कत्थिष्ये कत्थिष्यावहे कत्थिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कत्थन — — कत्थनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त कत्थक कत्थकः कत्थिका कत्थकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कत्थितृ कत्थिता कत्थित्री कत्थितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त कत्थ्य कत्थ्यः कत्थ्या कत्थ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कत्थितव्य कत्थितव्यः कत्थितव्या कत्थितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कत्थनीय कत्थनीयः कत्थनीया कत्थनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कत्थित कत्थितः कत्थिता कत्थितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कत्थितवत् कत्थितवान् कत्थितवती कत्थितवत् / कत्थितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) कत्थमान कत्थमानः कत्थमाना कत्थमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कत्थित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकत्थ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कत्थितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय कत्थम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त कत्थ कत्थः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कत्ति — कत्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चकत्थ्वस् चकत्थ्वान् चकत्थुषी चकत्थ्वत् / चकत्थ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।