२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कुण्ठ् (कुठिँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0363
धात्वर्थ: वैकल्ये (to be lame,to be dull)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठति कुण्ठतः कुण्ठन्ति मध्यम कुण्ठसि कुण्ठथः कुण्ठथ उत्तम कुण्ठामि कुण्ठावः कुण्ठामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठतात् / कुण्ठताद् / कुण्ठतु कुण्ठताम् कुण्ठन्तु मध्यम कुण्ठ / कुण्ठतात् / कुण्ठताद् कुण्ठतम् कुण्ठत उत्तम कुण्ठानि कुण्ठाव कुण्ठाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठत् / अकुण्ठद् अकुण्ठताम् अकुण्ठन् मध्यम अकुण्ठः अकुण्ठतम् अकुण्ठत उत्तम अकुण्ठम् अकुण्ठाव अकुण्ठाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठेत् / कुण्ठेद् कुण्ठेताम् कुण्ठेयुः मध्यम कुण्ठेः कुण्ठेतम् कुण्ठेत उत्तम कुण्ठेयम् कुण्ठेव कुण्ठेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठिष्यति कुण्ठिष्यतः कुण्ठिष्यन्ति मध्यम कुण्ठिष्यसि कुण्ठिष्यथः कुण्ठिष्यथ उत्तम कुण्ठिष्यामि कुण्ठिष्यावः कुण्ठिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठिता कुण्ठितारौ कुण्ठितारः मध्यम कुण्ठितासि कुण्ठितास्थः कुण्ठितास्थ उत्तम कुण्ठितास्मि कुण्ठितास्वः कुण्ठितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चुकुण्ठ चुकुण्ठतुः चुकुण्ठुः मध्यम चुकुण्ठिथ चुकुण्ठथुः चुकुण्ठ उत्तम चुकुण्ठ चुकुण्ठिव चुकुण्ठिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठीत् / अकुण्ठीद् अकुण्ठिष्टाम् अकुण्ठिषुः मध्यम अकुण्ठीः अकुण्ठिष्टम् अकुण्ठिष्ट उत्तम अकुण्ठिषम् अकुण्ठिष्व अकुण्ठिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठ्यात् / कुण्ठ्याद् कुण्ठ्यास्ताम् कुण्ठ्यासुः मध्यम कुण्ठ्याः कुण्ठ्यास्तम् कुण्ठ्यास्त उत्तम कुण्ठ्यासम् कुण्ठ्यास्व कुण्ठ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठिष्यत् / अकुण्ठिष्यद् अकुण्ठिष्यताम् अकुण्ठिष्यन् मध्यम अकुण्ठिष्यः अकुण्ठिष्यतम् अकुण्ठिष्यत उत्तम अकुण्ठिष्यम् अकुण्ठिष्याव अकुण्ठिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठ्यते कुण्ठ्येते कुण्ठ्यन्ते मध्यम कुण्ठ्यसे कुण्ठ्येथे कुण्ठ्यध्वे उत्तम कुण्ठ्ये कुण्ठ्यावहे कुण्ठ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठ्यताम् कुण्ठ्येताम् कुण्ठ्यन्ताम् मध्यम कुण्ठ्यस्व कुण्ठ्येथाम् कुण्ठ्यध्वम् उत्तम कुण्ठ्यै कुण्ठ्यावहै कुण्ठ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुण्ठ्यत अकुण्ठ्येताम् अकुण्ठ्यन्त मध्यम अकुण्ठ्यथाः अकुण्ठ्येथाम् अकुण्ठ्यध्वम् उत्तम अकुण्ठ्ये अकुण्ठ्यावहि अकुण्ठ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठ्येत कुण्ठ्येयाताम् कुण्ठ्येरन् मध्यम कुण्ठ्येथाः कुण्ठ्येयाथाम् कुण्ठ्येध्वम् उत्तम कुण्ठ्येय कुण्ठ्येवहि कुण्ठ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुण्ठिष्यते कुण्ठिष्येते कुण्ठिष्यन्ते मध्यम कुण्ठिष्यसे कुण्ठिष्येथे कुण्ठिष्यध्वे उत्तम कुण्ठिष्ये कुण्ठिष्यावहे कुण्ठिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कुण्ठन — — कुण्ठनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त कुण्ठक कुण्ठकः कुण्ठिका कुण्ठकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कुण्ठितृ कुण्ठिता कुण्ठित्री कुण्ठितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त कुण्ठ्य कुण्ठ्यः कुण्ठ्या कुण्ठ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कुण्ठितव्य कुण्ठितव्यः कुण्ठितव्या कुण्ठितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कुण्ठनीय कुण्ठनीयः कुण्ठनीया कुण्ठनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कुण्ठित कुण्ठितः कुण्ठिता कुण्ठितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कुण्ठितवत् कुण्ठितवान् कुण्ठितवती कुण्ठितवत् / कुण्ठितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) कुण्ठत् कुण्ठन् कुण्ठन्ती कुण्ठत् / कुण्ठद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त कुण्ठिष्यत् कुण्ठिष्यन् कुण्ठिष्यती / कुण्ठिष्यन्ती कुण्ठिष्यत् / कुण्ठिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कुण्ठित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकुण्ठ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कुण्ठितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय कुण्ठम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त कुण्ठ कुण्ठः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कुण्टि — कुण्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चुकुण्ठ्वस् चुकुण्ठ्वान् चुकुण्ठुषी चुकुण्ठ्वत् / चुकुण्ठ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।