२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
शूठ् (शूठँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0396
धात्वर्थ: गतिप्रतिघाते (to stop, to hinder, to restrain, to oppose)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठति शूठतः शूठन्ति मध्यम शूठसि शूठथः शूठथ उत्तम शूठामि शूठावः शूठामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठतात् / शूठताद् / शूठतु शूठताम् शूठन्तु मध्यम शूठ / शूठतात् / शूठताद् शूठतम् शूठत उत्तम शूठानि शूठाव शूठाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अशूठत् / अशूठद् अशूठताम् अशूठन् मध्यम अशूठः अशूठतम् अशूठत उत्तम अशूठम् अशूठाव अशूठाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठेत् / शूठेद् शूठेताम् शूठेयुः मध्यम शूठेः शूठेतम् शूठेत उत्तम शूठेयम् शूठेव शूठेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठिष्यति शूठिष्यतः शूठिष्यन्ति मध्यम शूठिष्यसि शूठिष्यथः शूठिष्यथ उत्तम शूठिष्यामि शूठिष्यावः शूठिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठिता शूठितारौ शूठितारः मध्यम शूठितासि शूठितास्थः शूठितास्थ उत्तम शूठितास्मि शूठितास्वः शूठितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शुशूठ शुशूठतुः शुशूठुः मध्यम शुशूठिथ शुशूठथुः शुशूठ उत्तम शुशूठ शुशूठिव शुशूठिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अशूठीत् / अशूठीद् अशूठिष्टाम् अशूठिषुः मध्यम अशूठीः अशूठिष्टम् अशूठिष्ट उत्तम अशूठिषम् अशूठिष्व अशूठिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठ्यात् / शूठ्याद् शूठ्यास्ताम् शूठ्यासुः मध्यम शूठ्याः शूठ्यास्तम् शूठ्यास्त उत्तम शूठ्यासम् शूठ्यास्व शूठ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अशूठिष्यत् / अशूठिष्यद् अशूठिष्यताम् अशूठिष्यन् मध्यम अशूठिष्यः अशूठिष्यतम् अशूठिष्यत उत्तम अशूठिष्यम् अशूठिष्याव अशूठिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठ्यते शूठ्येते शूठ्यन्ते मध्यम शूठ्यसे शूठ्येथे शूठ्यध्वे उत्तम शूठ्ये शूठ्यावहे शूठ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठ्यताम् शूठ्येताम् शूठ्यन्ताम् मध्यम शूठ्यस्व शूठ्येथाम् शूठ्यध्वम् उत्तम शूठ्यै शूठ्यावहै शूठ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अशूठ्यत अशूठ्येताम् अशूठ्यन्त मध्यम अशूठ्यथाः अशूठ्येथाम् अशूठ्यध्वम् उत्तम अशूठ्ये अशूठ्यावहि अशूठ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठ्येत शूठ्येयाताम् शूठ्येरन् मध्यम शूठ्येथाः शूठ्येयाथाम् शूठ्येध्वम् उत्तम शूठ्येय शूठ्येवहि शूठ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शूठिष्यते शूठिष्येते शूठिष्यन्ते मध्यम शूठिष्यसे शूठिष्येथे शूठिष्यध्वे उत्तम शूठिष्ये शूठिष्यावहे शूठिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त शूठन — — शूठनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त शूठक शूठकः शूठिका शूठकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त शूठितृ शूठिता शूठित्री शूठितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त शूठ्य शूठ्यः शूठ्या शूठ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) शूठितव्य शूठितव्यः शूठितव्या शूठितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त शूठनीय शूठनीयः शूठनीया शूठनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) शूठित शूठितः शूठिता शूठितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) शूठितवत् शूठितवान् शूठितवती शूठितवत् / शूठितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) शूठत् शूठन् शूठन्ती शूठत् / शूठद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त शूठिष्यत् शूठिष्यन् शूठिष्यती / शूठिष्यन्ती शूठिष्यत् / शूठिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) शूठित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रशूठ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) शूठितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय शूठम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त शूठ शूठः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त शूट्टि — शूट्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त शुशूठ्वस् शुशूठ्वान् शुशूठुषी शुशूठ्वत् / शुशूठ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।