२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
मन्थ् (मथिँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0044
धात्वर्थ: हिंसासङ्क्लेशनयोः — मार डालना, दुःख देना, दुःख भोगना, पीडित होना (to strike,to destroy, to kill, to crush, to tear off, to injure, to cause pain)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थति मन्थतः मन्थन्ति मध्यम मन्थसि मन्थथः मन्थथ उत्तम मन्थामि मन्थावः मन्थामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थतात् / मन्थताद् / मन्थतु मन्थताम् मन्थन्तु मध्यम मन्थ / मन्थतात् / मन्थताद् मन्थतम् मन्थत उत्तम मन्थानि मन्थाव मन्थाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्थत् / अमन्थद् अमन्थताम् अमन्थन् मध्यम अमन्थः अमन्थतम् अमन्थत उत्तम अमन्थम् अमन्थाव अमन्थाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थेत् / मन्थेद् मन्थेताम् मन्थेयुः मध्यम मन्थेः मन्थेतम् मन्थेत उत्तम मन्थेयम् मन्थेव मन्थेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थिष्यति मन्थिष्यतः मन्थिष्यन्ति मध्यम मन्थिष्यसि मन्थिष्यथः मन्थिष्यथ उत्तम मन्थिष्यामि मन्थिष्यावः मन्थिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थिता मन्थितारौ मन्थितारः मध्यम मन्थितासि मन्थितास्थः मन्थितास्थ उत्तम मन्थितास्मि मन्थितास्वः मन्थितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ममन्थ ममन्थतुः ममन्थुः मध्यम ममन्थिथ ममन्थथुः ममन्थ उत्तम ममन्थ ममन्थिव ममन्थिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्थीत् / अमन्थीद् अमन्थिष्टाम् अमन्थिषुः मध्यम अमन्थीः अमन्थिष्टम् अमन्थिष्ट उत्तम अमन्थिषम् अमन्थिष्व अमन्थिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थ्यात् / मन्थ्याद् मन्थ्यास्ताम् मन्थ्यासुः मध्यम मन्थ्याः मन्थ्यास्तम् मन्थ्यास्त उत्तम मन्थ्यासम् मन्थ्यास्व मन्थ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्थिष्यत् / अमन्थिष्यद् अमन्थिष्यताम् अमन्थिष्यन् मध्यम अमन्थिष्यः अमन्थिष्यतम् अमन्थिष्यत उत्तम अमन्थिष्यम् अमन्थिष्याव अमन्थिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थ्यते मन्थ्येते मन्थ्यन्ते मध्यम मन्थ्यसे मन्थ्येथे मन्थ्यध्वे उत्तम मन्थ्ये मन्थ्यावहे मन्थ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थ्यताम् मन्थ्येताम् मन्थ्यन्ताम् मध्यम मन्थ्यस्व मन्थ्येथाम् मन्थ्यध्वम् उत्तम मन्थ्यै मन्थ्यावहै मन्थ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अमन्थ्यत अमन्थ्येताम् अमन्थ्यन्त मध्यम अमन्थ्यथाः अमन्थ्येथाम् अमन्थ्यध्वम् उत्तम अमन्थ्ये अमन्थ्यावहि अमन्थ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थ्येत मन्थ्येयाताम् मन्थ्येरन् मध्यम मन्थ्येथाः मन्थ्येयाथाम् मन्थ्येध्वम् उत्तम मन्थ्येय मन्थ्येवहि मन्थ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम मन्थिष्यते मन्थिष्येते मन्थिष्यन्ते मध्यम मन्थिष्यसे मन्थिष्येथे मन्थिष्यध्वे उत्तम मन्थिष्ये मन्थिष्यावहे मन्थिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त मन्थन — — मन्थनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त मन्थक मन्थकः मन्थिका मन्थकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त मन्थितृ मन्थिता मन्थित्री मन्थितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त मन्थ्य मन्थ्यः मन्थ्या मन्थ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) मन्थितव्य मन्थितव्यः मन्थितव्या मन्थितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त मन्थनीय मन्थनीयः मन्थनीया मन्थनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) मन्थित मन्थितः मन्थिता मन्थितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) मन्थितवत् मन्थितवान् मन्थितवती मन्थितवत् / मन्थितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) मन्थत् मन्थन् मन्थन्ती मन्थत् / मन्थद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त मन्थिष्यत् मन्थिष्यन् मन्थिष्यती / मन्थिष्यन्ती मन्थिष्यत् / मन्थिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) मन्थित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रमन्थ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) मन्थितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय मन्थम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त मन्थ मन्थः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त मन्ति — मन्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त ममन्थ्वस् ममन्थ्वान् ममन्थुषी ममन्थ्वत् / ममन्थ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।