२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्षीव् (क्षीवृँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0443
धात्वर्थ: मदे — मदोन्मत्त होना, मस्त होना (to be drunk, to be intoxicated, to be confused)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीवते क्षीवेते क्षीवन्ते मध्यम क्षीवसे क्षीवेथे क्षीवध्वे उत्तम क्षीवे क्षीवावहे क्षीवामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीवताम् क्षीवेताम् क्षीवन्ताम् मध्यम क्षीवस्व क्षीवेथाम् क्षीवध्वम् उत्तम क्षीवै क्षीवावहै क्षीवामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षीवत अक्षीवेताम् अक्षीवन्त मध्यम अक्षीवथाः अक्षीवेथाम् अक्षीवध्वम् उत्तम अक्षीवे अक्षीवावहि अक्षीवामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीवेत क्षीवेयाताम् क्षीवेरन् मध्यम क्षीवेथाः क्षीवेयाथाम् क्षीवेध्वम् उत्तम क्षीवेय क्षीवेवहि क्षीवेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीविष्यते क्षीविष्येते क्षीविष्यन्ते मध्यम क्षीविष्यसे क्षीविष्येथे क्षीविष्यध्वे उत्तम क्षीविष्ये क्षीविष्यावहे क्षीविष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीविता क्षीवितारौ क्षीवितारः मध्यम क्षीवितासे क्षीवितासाथे क्षीविताध्वे उत्तम क्षीविताहे क्षीवितास्वहे क्षीवितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चिक्षीवे चिक्षीवाते चिक्षीविरे मध्यम चिक्षीविषे चिक्षीवाथे चिक्षीविढ्वे / चिक्षीविध्वे उत्तम चिक्षीवे चिक्षीविवहे चिक्षीविमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षीविष्ट अक्षीविषाताम् अक्षीविषत मध्यम अक्षीविष्ठाः अक्षीविषाथाम् अक्षीविढ्वम् / अक्षीविध्वम् उत्तम अक्षीविषि अक्षीविष्वहि अक्षीविष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीविषीष्ट क्षीविषीयास्ताम् क्षीविषीरन् मध्यम क्षीविषीष्ठाः क्षीविषीयास्थाम् क्षीविषीढ्वम् / क्षीविषीध्वम् उत्तम क्षीविषीय क्षीविषीवहि क्षीविषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षीविष्यत अक्षीविष्येताम् अक्षीविष्यन्त मध्यम अक्षीविष्यथाः अक्षीविष्येथाम् अक्षीविष्यध्वम् उत्तम अक्षीविष्ये अक्षीविष्यावहि अक्षीविष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीव्यते क्षीव्येते क्षीव्यन्ते मध्यम क्षीव्यसे क्षीव्येथे क्षीव्यध्वे उत्तम क्षीव्ये क्षीव्यावहे क्षीव्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीव्यताम् क्षीव्येताम् क्षीव्यन्ताम् मध्यम क्षीव्यस्व क्षीव्येथाम् क्षीव्यध्वम् उत्तम क्षीव्यै क्षीव्यावहै क्षीव्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षीव्यत अक्षीव्येताम् अक्षीव्यन्त मध्यम अक्षीव्यथाः अक्षीव्येथाम् अक्षीव्यध्वम् उत्तम अक्षीव्ये अक्षीव्यावहि अक्षीव्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीव्येत क्षीव्येयाताम् क्षीव्येरन् मध्यम क्षीव्येथाः क्षीव्येयाथाम् क्षीव्येध्वम् उत्तम क्षीव्येय क्षीव्येवहि क्षीव्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षीविष्यते क्षीविष्येते क्षीविष्यन्ते मध्यम क्षीविष्यसे क्षीविष्येथे क्षीविष्यध्वे उत्तम क्षीविष्ये क्षीविष्यावहे क्षीविष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्षीवण — — क्षीवणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्षीवक क्षीवकः क्षीविका क्षीवकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्षीवितृ क्षीविता क्षीवित्री क्षीवितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त क्षीव्य क्षीव्यः क्षीव्या क्षीव्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्षीवितव्य क्षीवितव्यः क्षीवितव्या क्षीवितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्षीवणीय क्षीवणीयः क्षीवणीया क्षीवणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्षीवित क्षीवितः क्षीविता क्षीवितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्षीवितवत् क्षीवितवान् क्षीवितवती क्षीवितवत् / क्षीवितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) क्षीवमाण क्षीवमाणः क्षीवमाणा क्षीवमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्षीवित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्षीव्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्षीवितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्षीवम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त क्षीव क्षीवः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्ष्यूति — क्ष्यूतिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चिक्षीवस् चिक्षीवान् चिक्षुषी चिक्षीवत् / चिक्षीवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।