२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
रम्भ् (रभिँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0449
धात्वर्थ: शब्दे (to sound)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भते रम्भेते रम्भन्ते मध्यम रम्भसे रम्भेथे रम्भध्वे उत्तम रम्भे रम्भावहे रम्भामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भताम् रम्भेताम् रम्भन्ताम् मध्यम रम्भस्व रम्भेथाम् रम्भध्वम् उत्तम रम्भै रम्भावहै रम्भामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अरम्भत अरम्भेताम् अरम्भन्त मध्यम अरम्भथाः अरम्भेथाम् अरम्भध्वम् उत्तम अरम्भे अरम्भावहि अरम्भामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भेत रम्भेयाताम् रम्भेरन् मध्यम रम्भेथाः रम्भेयाथाम् रम्भेध्वम् उत्तम रम्भेय रम्भेवहि रम्भेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भिष्यते रम्भिष्येते रम्भिष्यन्ते मध्यम रम्भिष्यसे रम्भिष्येथे रम्भिष्यध्वे उत्तम रम्भिष्ये रम्भिष्यावहे रम्भिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भिता रम्भितारौ रम्भितारः मध्यम रम्भितासे रम्भितासाथे रम्भिताध्वे उत्तम रम्भिताहे रम्भितास्वहे रम्भितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ररम्भे ररम्भाते ररम्भिरे मध्यम ररम्भिषे ररम्भाथे ररम्भिध्वे उत्तम ररम्भे ररम्भिवहे ररम्भिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अरम्भिष्ट अरम्भिषाताम् अरम्भिषत मध्यम अरम्भिष्ठाः अरम्भिषाथाम् अरम्भिध्वम् उत्तम अरम्भिषि अरम्भिष्वहि अरम्भिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भिषीष्ट रम्भिषीयास्ताम् रम्भिषीरन् मध्यम रम्भिषीष्ठाः रम्भिषीयास्थाम् रम्भिषीध्वम् उत्तम रम्भिषीय रम्भिषीवहि रम्भिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अरम्भिष्यत अरम्भिष्येताम् अरम्भिष्यन्त मध्यम अरम्भिष्यथाः अरम्भिष्येथाम् अरम्भिष्यध्वम् उत्तम अरम्भिष्ये अरम्भिष्यावहि अरम्भिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भ्यते रम्भ्येते रम्भ्यन्ते मध्यम रम्भ्यसे रम्भ्येथे रम्भ्यध्वे उत्तम रम्भ्ये रम्भ्यावहे रम्भ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भ्यताम् रम्भ्येताम् रम्भ्यन्ताम् मध्यम रम्भ्यस्व रम्भ्येथाम् रम्भ्यध्वम् उत्तम रम्भ्यै रम्भ्यावहै रम्भ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अरम्भ्यत अरम्भ्येताम् अरम्भ्यन्त मध्यम अरम्भ्यथाः अरम्भ्येथाम् अरम्भ्यध्वम् उत्तम अरम्भ्ये अरम्भ्यावहि अरम्भ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भ्येत रम्भ्येयाताम् रम्भ्येरन् मध्यम रम्भ्येथाः रम्भ्येयाथाम् रम्भ्येध्वम् उत्तम रम्भ्येय रम्भ्येवहि रम्भ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम रम्भिष्यते रम्भिष्येते रम्भिष्यन्ते मध्यम रम्भिष्यसे रम्भिष्येथे रम्भिष्यध्वे उत्तम रम्भिष्ये रम्भिष्यावहे रम्भिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त रम्भण — — रम्भणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त रम्भक रम्भकः रम्भिका रम्भकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त रम्भितृ रम्भिता रम्भित्री रम्भितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त रम्भ्य रम्भ्यः रम्भ्या रम्भ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) रम्भितव्य रम्भितव्यः रम्भितव्या रम्भितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त रम्भणीय रम्भणीयः रम्भणीया रम्भणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) रम्भित रम्भितः रम्भिता रम्भितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) रम्भितवत् रम्भितवान् रम्भितवती रम्भितवत् / रम्भितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) रम्भमाण रम्भमाणः रम्भमाणा रम्भमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) रम्भित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्ररम्भ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) रम्भितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय रम्भम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त रम्भ रम्भः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त रम्ब्धि — रम्ब्धिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त ररम्भ्वस् ररम्भ्वान् ररम्भुषी ररम्भ्वत् / ररम्भ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।