२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
जभ् (जभीँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0453
धात्वर्थ: गात्रविनामे — जम्हाई लेना (to yawn,to gape)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जम्भते जम्भेते जम्भन्ते मध्यम जम्भसे जम्भेथे जम्भध्वे उत्तम जम्भे जम्भावहे जम्भामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जम्भताम् जम्भेताम् जम्भन्ताम् मध्यम जम्भस्व जम्भेथाम् जम्भध्वम् उत्तम जम्भै जम्भावहै जम्भामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजम्भत अजम्भेताम् अजम्भन्त मध्यम अजम्भथाः अजम्भेथाम् अजम्भध्वम् उत्तम अजम्भे अजम्भावहि अजम्भामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जम्भेत जम्भेयाताम् जम्भेरन् मध्यम जम्भेथाः जम्भेयाथाम् जम्भेध्वम् उत्तम जम्भेय जम्भेवहि जम्भेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जम्भिष्यते जम्भिष्येते जम्भिष्यन्ते मध्यम जम्भिष्यसे जम्भिष्येथे जम्भिष्यध्वे उत्तम जम्भिष्ये जम्भिष्यावहे जम्भिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जम्भिता जम्भितारौ जम्भितारः मध्यम जम्भितासे जम्भितासाथे जम्भिताध्वे उत्तम जम्भिताहे जम्भितास्वहे जम्भितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जजम्भे जजम्भाते जजम्भिरे मध्यम जजम्भिषे जजम्भाथे जजम्भिध्वे उत्तम जजम्भे जजम्भिवहे जजम्भिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजम्भिष्ट अजम्भिषाताम् अजम्भिषत मध्यम अजम्भिष्ठाः अजम्भिषाथाम् अजम्भिध्वम् उत्तम अजम्भिषि अजम्भिष्वहि अजम्भिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जम्भिषीष्ट जम्भिषीयास्ताम् जम्भिषीरन् मध्यम जम्भिषीष्ठाः जम्भिषीयास्थाम् जम्भिषीध्वम् उत्तम जम्भिषीय जम्भिषीवहि जम्भिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजम्भिष्यत अजम्भिष्येताम् अजम्भिष्यन्त मध्यम अजम्भिष्यथाः अजम्भिष्येथाम् अजम्भिष्यध्वम् उत्तम अजम्भिष्ये अजम्भिष्यावहि अजम्भिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जभ्यते जभ्येते जभ्यन्ते मध्यम जभ्यसे जभ्येथे जभ्यध्वे उत्तम जभ्ये जभ्यावहे जभ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जभ्यताम् जभ्येताम् जभ्यन्ताम् मध्यम जभ्यस्व जभ्येथाम् जभ्यध्वम् उत्तम जभ्यै जभ्यावहै जभ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजभ्यत अजभ्येताम् अजभ्यन्त मध्यम अजभ्यथाः अजभ्येथाम् अजभ्यध्वम् उत्तम अजभ्ये अजभ्यावहि अजभ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जभ्येत जभ्येयाताम् जभ्येरन् मध्यम जभ्येथाः जभ्येयाथाम् जभ्येध्वम् उत्तम जभ्येय जभ्येवहि जभ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जम्भिष्यते जम्भिष्येते जम्भिष्यन्ते मध्यम जम्भिष्यसे जम्भिष्येथे जम्भिष्यध्वे उत्तम जम्भिष्ये जम्भिष्यावहे जम्भिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त जम्भन — — जम्भनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त जम्भक जम्भकः जम्भिका जम्भकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त जम्भितृ जम्भिता जम्भित्री जम्भितृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त जभ्य जभ्यः जभ्या जभ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) जम्भितव्य जम्भितव्यः जम्भितव्या जम्भितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त जम्भनीय जम्भनीयः जम्भनीया जम्भनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) जब्ध जब्धः जब्धा जब्धम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) जब्धवत् जब्धवान् जब्धवती जब्धवत् / जब्धवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) जम्भमान जम्भमानः जम्भमाना जम्भमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) जम्भित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रजभ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) जम्भितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय जम्भम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त जम्भ जम्भः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त जब्धि — जब्धिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जेभिवस् जेभिवान् जेभुषी जेभिवत् / जेभिवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।