२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
जृम्भ् (जृभिँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0454
धात्वर्थ: गात्रविनामे — जम्हाई लेना (to yawn,to gape)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भते जृम्भेते जृम्भन्ते मध्यम जृम्भसे जृम्भेथे जृम्भध्वे उत्तम जृम्भे जृम्भावहे जृम्भामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भताम् जृम्भेताम् जृम्भन्ताम् मध्यम जृम्भस्व जृम्भेथाम् जृम्भध्वम् उत्तम जृम्भै जृम्भावहै जृम्भामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजृम्भत अजृम्भेताम् अजृम्भन्त मध्यम अजृम्भथाः अजृम्भेथाम् अजृम्भध्वम् उत्तम अजृम्भे अजृम्भावहि अजृम्भामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भेत जृम्भेयाताम् जृम्भेरन् मध्यम जृम्भेथाः जृम्भेयाथाम् जृम्भेध्वम् उत्तम जृम्भेय जृम्भेवहि जृम्भेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भिष्यते जृम्भिष्येते जृम्भिष्यन्ते मध्यम जृम्भिष्यसे जृम्भिष्येथे जृम्भिष्यध्वे उत्तम जृम्भिष्ये जृम्भिष्यावहे जृम्भिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भिता जृम्भितारौ जृम्भितारः मध्यम जृम्भितासे जृम्भितासाथे जृम्भिताध्वे उत्तम जृम्भिताहे जृम्भितास्वहे जृम्भितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जजृम्भे जजृम्भाते जजृम्भिरे मध्यम जजृम्भिषे जजृम्भाथे जजृम्भिध्वे उत्तम जजृम्भे जजृम्भिवहे जजृम्भिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजृम्भिष्ट अजृम्भिषाताम् अजृम्भिषत मध्यम अजृम्भिष्ठाः अजृम्भिषाथाम् अजृम्भिध्वम् उत्तम अजृम्भिषि अजृम्भिष्वहि अजृम्भिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भिषीष्ट जृम्भिषीयास्ताम् जृम्भिषीरन् मध्यम जृम्भिषीष्ठाः जृम्भिषीयास्थाम् जृम्भिषीध्वम् उत्तम जृम्भिषीय जृम्भिषीवहि जृम्भिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजृम्भिष्यत अजृम्भिष्येताम् अजृम्भिष्यन्त मध्यम अजृम्भिष्यथाः अजृम्भिष्येथाम् अजृम्भिष्यध्वम् उत्तम अजृम्भिष्ये अजृम्भिष्यावहि अजृम्भिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भ्यते जृम्भ्येते जृम्भ्यन्ते मध्यम जृम्भ्यसे जृम्भ्येथे जृम्भ्यध्वे उत्तम जृम्भ्ये जृम्भ्यावहे जृम्भ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भ्यताम् जृम्भ्येताम् जृम्भ्यन्ताम् मध्यम जृम्भ्यस्व जृम्भ्येथाम् जृम्भ्यध्वम् उत्तम जृम्भ्यै जृम्भ्यावहै जृम्भ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अजृम्भ्यत अजृम्भ्येताम् अजृम्भ्यन्त मध्यम अजृम्भ्यथाः अजृम्भ्येथाम् अजृम्भ्यध्वम् उत्तम अजृम्भ्ये अजृम्भ्यावहि अजृम्भ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भ्येत जृम्भ्येयाताम् जृम्भ्येरन् मध्यम जृम्भ्येथाः जृम्भ्येयाथाम् जृम्भ्येध्वम् उत्तम जृम्भ्येय जृम्भ्येवहि जृम्भ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जृम्भिष्यते जृम्भिष्येते जृम्भिष्यन्ते मध्यम जृम्भिष्यसे जृम्भिष्येथे जृम्भिष्यध्वे उत्तम जृम्भिष्ये जृम्भिष्यावहे जृम्भिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त जृम्भण — — जृम्भणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त जृम्भक जृम्भकः जृम्भिका जृम्भकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त जृम्भितृ जृम्भिता जृम्भित्री जृम्भितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त जृम्भ्य जृम्भ्यः जृम्भ्या जृम्भ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) जृम्भितव्य जृम्भितव्यः जृम्भितव्या जृम्भितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त जृम्भणीय जृम्भणीयः जृम्भणीया जृम्भणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) जृम्भित जृम्भितः जृम्भिता जृम्भितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) जृम्भितवत् जृम्भितवान् जृम्भितवती जृम्भितवत् / जृम्भितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) जृम्भमाण जृम्भमाणः जृम्भमाणा जृम्भमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) जृम्भित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रजृम्भ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) जृम्भितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय जृम्भम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त जृम्भ जृम्भः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त जृम्ब्धि — जृम्ब्धिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जजृम्भ्वस् जजृम्भ्वान् जजृम्भुषी जजृम्भ्वत् / जजृम्भ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।