२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
श्रम्भ् (श्रन्भुँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0458
धात्वर्थ: प्रमादे — चूकना, गलती करना, (to err, to make mistake)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रम्भते श्रम्भेते श्रम्भन्ते मध्यम श्रम्भसे श्रम्भेथे श्रम्भध्वे उत्तम श्रम्भे श्रम्भावहे श्रम्भामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रम्भताम् श्रम्भेताम् श्रम्भन्ताम् मध्यम श्रम्भस्व श्रम्भेथाम् श्रम्भध्वम् उत्तम श्रम्भै श्रम्भावहै श्रम्भामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अश्रम्भत अश्रम्भेताम् अश्रम्भन्त मध्यम अश्रम्भथाः अश्रम्भेथाम् अश्रम्भध्वम् उत्तम अश्रम्भे अश्रम्भावहि अश्रम्भामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रम्भेत श्रम्भेयाताम् श्रम्भेरन् मध्यम श्रम्भेथाः श्रम्भेयाथाम् श्रम्भेध्वम् उत्तम श्रम्भेय श्रम्भेवहि श्रम्भेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रम्भिष्यते श्रम्भिष्येते श्रम्भिष्यन्ते मध्यम श्रम्भिष्यसे श्रम्भिष्येथे श्रम्भिष्यध्वे उत्तम श्रम्भिष्ये श्रम्भिष्यावहे श्रम्भिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रम्भिता श्रम्भितारौ श्रम्भितारः मध्यम श्रम्भितासे श्रम्भितासाथे श्रम्भिताध्वे उत्तम श्रम्भिताहे श्रम्भितास्वहे श्रम्भितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शश्रम्भे शश्रम्भाते शश्रम्भिरे मध्यम शश्रम्भिषे शश्रम्भाथे शश्रम्भिध्वे उत्तम शश्रम्भे शश्रम्भिवहे शश्रम्भिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अश्रम्भिष्ट अश्रम्भिषाताम् अश्रम्भिषत मध्यम अश्रम्भिष्ठाः अश्रम्भिषाथाम् अश्रम्भिध्वम् उत्तम अश्रम्भिषि अश्रम्भिष्वहि अश्रम्भिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रम्भिषीष्ट श्रम्भिषीयास्ताम् श्रम्भिषीरन् मध्यम श्रम्भिषीष्ठाः श्रम्भिषीयास्थाम् श्रम्भिषीध्वम् उत्तम श्रम्भिषीय श्रम्भिषीवहि श्रम्भिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अश्रम्भिष्यत अश्रम्भिष्येताम् अश्रम्भिष्यन्त मध्यम अश्रम्भिष्यथाः अश्रम्भिष्येथाम् अश्रम्भिष्यध्वम् उत्तम अश्रम्भिष्ये अश्रम्भिष्यावहि अश्रम्भिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रभ्यते श्रभ्येते श्रभ्यन्ते मध्यम श्रभ्यसे श्रभ्येथे श्रभ्यध्वे उत्तम श्रभ्ये श्रभ्यावहे श्रभ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रभ्यताम् श्रभ्येताम् श्रभ्यन्ताम् मध्यम श्रभ्यस्व श्रभ्येथाम् श्रभ्यध्वम् उत्तम श्रभ्यै श्रभ्यावहै श्रभ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अश्रभ्यत अश्रभ्येताम् अश्रभ्यन्त मध्यम अश्रभ्यथाः अश्रभ्येथाम् अश्रभ्यध्वम् उत्तम अश्रभ्ये अश्रभ्यावहि अश्रभ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रभ्येत श्रभ्येयाताम् श्रभ्येरन् मध्यम श्रभ्येथाः श्रभ्येयाथाम् श्रभ्येध्वम् उत्तम श्रभ्येय श्रभ्येवहि श्रभ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम श्रम्भिष्यते श्रम्भिष्येते श्रम्भिष्यन्ते मध्यम श्रम्भिष्यसे श्रम्भिष्येथे श्रम्भिष्यध्वे उत्तम श्रम्भिष्ये श्रम्भिष्यावहे श्रम्भिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त श्रम्भण — — श्रम्भणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त श्रम्भक श्रम्भकः श्रम्भिका श्रम्भकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त श्रम्भितृ श्रम्भिता श्रम्भित्री श्रम्भितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त श्रम्भ्य श्रम्भ्यः श्रम्भ्या श्रम्भ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) श्रम्भितव्य श्रम्भितव्यः श्रम्भितव्या श्रम्भितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त श्रम्भणीय श्रम्भणीयः श्रम्भणीया श्रम्भणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) श्रब्ध श्रब्धः श्रब्धा श्रब्धम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) श्रब्धवत् श्रब्धवान् श्रब्धवती श्रब्धवत् / श्रब्धवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) श्रम्भमाण श्रम्भमाणः श्रम्भमाणा श्रम्भमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) श्रब्ध्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रश्रभ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) श्रम्भितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय श्रम्भम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त श्रम्भ श्रम्भः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त श्रब्धि — श्रब्धिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त शश्रभ्वस् शश्रभ्वान् शश्रभुषी शश्रभ्वत् / शश्रभ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।