२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
शर्ब् (शर्बँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0489
धात्वर्थ: गतौ — जाना (to go)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्बति शर्बतः शर्बन्ति मध्यम शर्बसि शर्बथः शर्बथ उत्तम शर्बामि शर्बावः शर्बामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्बतात् / शर्बताद् / शर्बतु शर्बताम् शर्बन्तु मध्यम शर्ब / शर्बतात् / शर्बताद् शर्बतम् शर्बत उत्तम शर्बाणि शर्बाव शर्बाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अशर्बत् / अशर्बद् अशर्बताम् अशर्बन् मध्यम अशर्बः अशर्बतम् अशर्बत उत्तम अशर्बम् अशर्बाव अशर्बाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्बेत् / शर्बेद् शर्बेताम् शर्बेयुः मध्यम शर्बेः शर्बेतम् शर्बेत उत्तम शर्बेयम् शर्बेव शर्बेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्बिष्यति शर्बिष्यतः शर्बिष्यन्ति मध्यम शर्बिष्यसि शर्बिष्यथः शर्बिष्यथ उत्तम शर्बिष्यामि शर्बिष्यावः शर्बिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्बिता शर्बितारौ शर्बितारः मध्यम शर्बितासि शर्बितास्थः शर्बितास्थ उत्तम शर्बितास्मि शर्बितास्वः शर्बितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शशर्ब शशर्बतुः शशर्बुः मध्यम शशर्बिथ शशर्बथुः शशर्ब उत्तम शशर्ब शशर्बिव शशर्बिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अशर्बीत् / अशर्बीद् अशर्बिष्टाम् अशर्बिषुः मध्यम अशर्बीः अशर्बिष्टम् अशर्बिष्ट उत्तम अशर्बिषम् अशर्बिष्व अशर्बिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्ब्यात् / शर्ब्याद् शर्ब्यास्ताम् शर्ब्यासुः मध्यम शर्ब्याः शर्ब्यास्तम् शर्ब्यास्त उत्तम शर्ब्यासम् शर्ब्यास्व शर्ब्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अशर्बिष्यत् / अशर्बिष्यद् अशर्बिष्यताम् अशर्बिष्यन् मध्यम अशर्बिष्यः अशर्बिष्यतम् अशर्बिष्यत उत्तम अशर्बिष्यम् अशर्बिष्याव अशर्बिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्ब्यते शर्ब्येते शर्ब्यन्ते मध्यम शर्ब्यसे शर्ब्येथे शर्ब्यध्वे उत्तम शर्ब्ये शर्ब्यावहे शर्ब्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्ब्यताम् शर्ब्येताम् शर्ब्यन्ताम् मध्यम शर्ब्यस्व शर्ब्येथाम् शर्ब्यध्वम् उत्तम शर्ब्यै शर्ब्यावहै शर्ब्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अशर्ब्यत अशर्ब्येताम् अशर्ब्यन्त मध्यम अशर्ब्यथाः अशर्ब्येथाम् अशर्ब्यध्वम् उत्तम अशर्ब्ये अशर्ब्यावहि अशर्ब्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्ब्येत शर्ब्येयाताम् शर्ब्येरन् मध्यम शर्ब्येथाः शर्ब्येयाथाम् शर्ब्येध्वम् उत्तम शर्ब्येय शर्ब्येवहि शर्ब्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम शर्बिष्यते शर्बिष्येते शर्बिष्यन्ते मध्यम शर्बिष्यसे शर्बिष्येथे शर्बिष्यध्वे उत्तम शर्बिष्ये शर्बिष्यावहे शर्बिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त शर्बण — — शर्बणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त शर्बक शर्बकः शर्बिका शर्बकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त शर्बितृ शर्बिता शर्बित्री शर्बितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त शर्ब्य शर्ब्यः शर्ब्या शर्ब्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) शर्बितव्य शर्बितव्यः शर्बितव्या शर्बितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त शर्बणीय शर्बणीयः शर्बणीया शर्बणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) शर्बित शर्बितः शर्बिता शर्बितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) शर्बितवत् शर्बितवान् शर्बितवती शर्बितवत् / शर्बितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) शर्बत् शर्बन् शर्बन्ती शर्बत् / शर्बद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त शर्बिष्यत् शर्बिष्यन् शर्बिष्यती / शर्बिष्यन्ती शर्बिष्यत् / शर्बिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) शर्बित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रशर्ब्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) शर्बितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय शर्बम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त शर्ब शर्बः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त शर्प्ति — शर्प्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त शशर्ब्वस् शशर्ब्वान् शशर्बुषी शशर्ब्वत् / शशर्ब्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।