२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्षम् (क्षमूँष्)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0510
धात्वर्थ: सहने — सहन करना, क्षमा करना (to endure, to suffer, to forgive)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षमते क्षमेते क्षमन्ते मध्यम क्षमसे क्षमेथे क्षमध्वे उत्तम क्षमे क्षमावहे क्षमामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षमताम् क्षमेताम् क्षमन्ताम् मध्यम क्षमस्व क्षमेथाम् क्षमध्वम् उत्तम क्षमै क्षमावहै क्षमामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षमत अक्षमेताम् अक्षमन्त मध्यम अक्षमथाः अक्षमेथाम् अक्षमध्वम् उत्तम अक्षमे अक्षमावहि अक्षमामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षमेत क्षमेयाताम् क्षमेरन् मध्यम क्षमेथाः क्षमेयाथाम् क्षमेध्वम् उत्तम क्षमेय क्षमेवहि क्षमेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षंस्यते / क्षमिष्यते क्षंस्येते / क्षमिष्येते क्षंस्यन्ते / क्षमिष्यन्ते मध्यम क्षंस्यसे / क्षमिष्यसे क्षंस्येथे / क्षमिष्येथे क्षंस्यध्वे / क्षमिष्यध्वे उत्तम क्षंस्ये / क्षमिष्ये क्षंस्यावहे / क्षमिष्यावहे क्षंस्यामहे / क्षमिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षन्ता / क्षमिता क्षन्तारौ / क्षमितारौ क्षन्तारः / क्षमितारः मध्यम क्षन्तासे / क्षमितासे क्षन्तासाथे / क्षमितासाथे क्षन्ताध्वे / क्षमिताध्वे उत्तम क्षन्ताहे / क्षमिताहे क्षन्तास्वहे / क्षमितास्वहे क्षन्तास्महे / क्षमितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चक्षमे चक्षमाते चक्षमिरे मध्यम चक्षंसे / चक्षमिषे चक्षमाथे चक्षन्ध्वे / चक्षमिध्वे उत्तम चक्षमे चक्षण्वहे / चक्षमिवहे चक्षण्महे / चक्षमिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षंस्त / अक्षमिष्ट अक्षंसाताम् / अक्षमिषाताम् अक्षंसत / अक्षमिषत मध्यम अक्षंस्थाः / अक्षमिष्ठाः अक्षंसाथाम् / अक्षमिषाथाम् अक्षन्ध्वम् / अक्षमिध्वम् उत्तम अक्षंसि / अक्षमिषि अक्षंस्वहि / अक्षमिष्वहि अक्षंस्महि / अक्षमिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षंसीष्ट / क्षमिषीष्ट क्षंसीयास्ताम् / क्षमिषीयास्ताम् क्षंसीरन् / क्षमिषीरन् मध्यम क्षंसीष्ठाः / क्षमिषीष्ठाः क्षंसीयास्थाम् / क्षमिषीयास्थाम् क्षंसीध्वम् / क्षमिषीध्वम् उत्तम क्षंसीय / क्षमिषीय क्षंसीवहि / क्षमिषीवहि क्षंसीमहि / क्षमिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षंस्यत / अक्षमिष्यत अक्षंस्येताम् / अक्षमिष्येताम् अक्षंस्यन्त / अक्षमिष्यन्त मध्यम अक्षंस्यथाः / अक्षमिष्यथाः अक्षंस्येथाम् / अक्षमिष्येथाम् अक्षंस्यध्वम् / अक्षमिष्यध्वम् उत्तम अक्षंस्ये / अक्षमिष्ये अक्षंस्यावहि / अक्षमिष्यावहि अक्षंस्यामहि / अक्षमिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षम्यते क्षम्येते क्षम्यन्ते मध्यम क्षम्यसे क्षम्येथे क्षम्यध्वे उत्तम क्षम्ये क्षम्यावहे क्षम्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षम्यताम् क्षम्येताम् क्षम्यन्ताम् मध्यम क्षम्यस्व क्षम्येथाम् क्षम्यध्वम् उत्तम क्षम्यै क्षम्यावहै क्षम्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षम्यत अक्षम्येताम् अक्षम्यन्त मध्यम अक्षम्यथाः अक्षम्येथाम् अक्षम्यध्वम् उत्तम अक्षम्ये अक्षम्यावहि अक्षम्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षम्येत क्षम्येयाताम् क्षम्येरन् मध्यम क्षम्येथाः क्षम्येयाथाम् क्षम्येध्वम् उत्तम क्षम्येय क्षम्येवहि क्षम्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षंस्यते / क्षमिष्यते क्षंस्येते / क्षमिष्येते क्षंस्यन्ते / क्षमिष्यन्ते मध्यम क्षंस्यसे / क्षमिष्यसे क्षंस्येथे / क्षमिष्येथे क्षंस्यध्वे / क्षमिष्यध्वे उत्तम क्षंस्ये / क्षमिष्ये क्षंस्यावहे / क्षमिष्यावहे क्षंस्यामहे / क्षमिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्षमण — — क्षमणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्षमक क्षमकः क्षमिका क्षमकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्षन्तृ क्षन्ता क्षन्त्री क्षन्तृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त क्षम्य क्षम्यः क्षम्या क्षम्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्षन्तव्य क्षन्तव्यः क्षन्तव्या क्षन्तव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्षमणीय क्षमणीयः क्षमणीया क्षमणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्षान्त क्षान्तः क्षान्ता क्षान्तम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्षान्तवत् क्षान्तवान् क्षान्तवती क्षान्तवत् / क्षान्तवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) क्षममाण क्षममाणः क्षममाणा क्षममाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्षान्त्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्षम्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्षन्तुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्षमम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त क्षम क्षमः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्षान्ति — क्षान्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चक्षण्वस् चक्षण्वान् चक्षणुषी चक्षण्वत् / चक्षण्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।