२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
पील् (पीलँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0599
धात्वर्थ: प्रतिष्टम्भे — मुर्ख होना, थमाना, रोकना (to be mad, to be insane, to stop, to resist, to obstruct)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पीलति पीलतः पीलन्ति मध्यम पीलसि पीलथः पीलथ उत्तम पीलामि पीलावः पीलामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पीलतात् / पीलताद् / पीलतु पीलताम् पीलन्तु मध्यम पील / पीलतात् / पीलताद् पीलतम् पीलत उत्तम पीलानि पीलाव पीलाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपीलत् / अपीलद् अपीलताम् अपीलन् मध्यम अपीलः अपीलतम् अपीलत उत्तम अपीलम् अपीलाव अपीलाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पीलेत् / पीलेद् पीलेताम् पीलेयुः मध्यम पीलेः पीलेतम् पीलेत उत्तम पीलेयम् पीलेव पीलेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पीलिष्यति पीलिष्यतः पीलिष्यन्ति मध्यम पीलिष्यसि पीलिष्यथः पीलिष्यथ उत्तम पीलिष्यामि पीलिष्यावः पीलिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पीलिता पीलितारौ पीलितारः मध्यम पीलितासि पीलितास्थः पीलितास्थ उत्तम पीलितास्मि पीलितास्वः पीलितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पिपील पिपीलतुः पिपीलुः मध्यम पिपीलिथ पिपीलथुः पिपील उत्तम पिपील पिपीलिव पिपीलिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपीलीत् / अपीलीद् अपीलिष्टाम् अपीलिषुः मध्यम अपीलीः अपीलिष्टम् अपीलिष्ट उत्तम अपीलिषम् अपीलिष्व अपीलिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पील्यात् / पील्याद् पील्यास्ताम् पील्यासुः मध्यम पील्याः पील्यास्तम् पील्यास्त उत्तम पील्यासम् पील्यास्व पील्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपीलिष्यत् / अपीलिष्यद् अपीलिष्यताम् अपीलिष्यन् मध्यम अपीलिष्यः अपीलिष्यतम् अपीलिष्यत उत्तम अपीलिष्यम् अपीलिष्याव अपीलिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पील्यते पील्येते पील्यन्ते मध्यम पील्यसे पील्येथे पील्यध्वे उत्तम पील्ये पील्यावहे पील्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पील्यताम् पील्येताम् पील्यन्ताम् मध्यम पील्यस्व पील्येथाम् पील्यध्वम् उत्तम पील्यै पील्यावहै पील्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपील्यत अपील्येताम् अपील्यन्त मध्यम अपील्यथाः अपील्येथाम् अपील्यध्वम् उत्तम अपील्ये अपील्यावहि अपील्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पील्येत पील्येयाताम् पील्येरन् मध्यम पील्येथाः पील्येयाथाम् पील्येध्वम् उत्तम पील्येय पील्येवहि पील्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पीलिष्यते पीलिष्येते पीलिष्यन्ते मध्यम पीलिष्यसे पीलिष्येथे पीलिष्यध्वे उत्तम पीलिष्ये पीलिष्यावहे पीलिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त पीलन — — पीलनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त पीलक पीलकः पीलिका पीलकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त पीलितृ पीलिता पीलित्री पीलितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त पील्य पील्यः पील्या पील्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) पीलितव्य पीलितव्यः पीलितव्या पीलितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त पीलनीय पीलनीयः पीलनीया पीलनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) पीलित पीलितः पीलिता पीलितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) पीलितवत् पीलितवान् पीलितवती पीलितवत् / पीलितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) पीलत् पीलन् पीलन्ती पीलत् / पीलद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त पीलिष्यत् पीलिष्यन् पीलिष्यती / पीलिष्यन्ती पीलिष्यत् / पीलिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) पीलित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रपील्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) पीलितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय पीलम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त पील पीलः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त पील्ति — पील्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त पिपील्वस् पिपील्वान् पिपीलुषी पिपील्वत् / पिपील्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।