२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
धुक्ष् (धुक्षँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0686
धात्वर्थ: सन्दीपनक्लेशनजीवनेषु — जलाना, श्रान्त होना, थकना, जीना (to kindle,to get tired, to be weary,to live)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्षते धुक्षेते धुक्षन्ते मध्यम धुक्षसे धुक्षेथे धुक्षध्वे उत्तम धुक्षे धुक्षावहे धुक्षामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्षताम् धुक्षेताम् धुक्षन्ताम् मध्यम धुक्षस्व धुक्षेथाम् धुक्षध्वम् उत्तम धुक्षै धुक्षावहै धुक्षामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अधुक्षत अधुक्षेताम् अधुक्षन्त मध्यम अधुक्षथाः अधुक्षेथाम् अधुक्षध्वम् उत्तम अधुक्षे अधुक्षावहि अधुक्षामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्षेत धुक्षेयाताम् धुक्षेरन् मध्यम धुक्षेथाः धुक्षेयाथाम् धुक्षेध्वम् उत्तम धुक्षेय धुक्षेवहि धुक्षेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्षिष्यते धुक्षिष्येते धुक्षिष्यन्ते मध्यम धुक्षिष्यसे धुक्षिष्येथे धुक्षिष्यध्वे उत्तम धुक्षिष्ये धुक्षिष्यावहे धुक्षिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्षिता धुक्षितारौ धुक्षितारः मध्यम धुक्षितासे धुक्षितासाथे धुक्षिताध्वे उत्तम धुक्षिताहे धुक्षितास्वहे धुक्षितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम दुधुक्षे दुधुक्षाते दुधुक्षिरे मध्यम दुधुक्षिषे दुधुक्षाथे दुधुक्षिध्वे उत्तम दुधुक्षे दुधुक्षिवहे दुधुक्षिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अधुक्षिष्ट अधुक्षिषाताम् अधुक्षिषत मध्यम अधुक्षिष्ठाः अधुक्षिषाथाम् अधुक्षिध्वम् उत्तम अधुक्षिषि अधुक्षिष्वहि अधुक्षिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्षिषीष्ट धुक्षिषीयास्ताम् धुक्षिषीरन् मध्यम धुक्षिषीष्ठाः धुक्षिषीयास्थाम् धुक्षिषीध्वम् उत्तम धुक्षिषीय धुक्षिषीवहि धुक्षिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अधुक्षिष्यत अधुक्षिष्येताम् अधुक्षिष्यन्त मध्यम अधुक्षिष्यथाः अधुक्षिष्येथाम् अधुक्षिष्यध्वम् उत्तम अधुक्षिष्ये अधुक्षिष्यावहि अधुक्षिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्ष्यते धुक्ष्येते धुक्ष्यन्ते मध्यम धुक्ष्यसे धुक्ष्येथे धुक्ष्यध्वे उत्तम धुक्ष्ये धुक्ष्यावहे धुक्ष्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्ष्यताम् धुक्ष्येताम् धुक्ष्यन्ताम् मध्यम धुक्ष्यस्व धुक्ष्येथाम् धुक्ष्यध्वम् उत्तम धुक्ष्यै धुक्ष्यावहै धुक्ष्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अधुक्ष्यत अधुक्ष्येताम् अधुक्ष्यन्त मध्यम अधुक्ष्यथाः अधुक्ष्येथाम् अधुक्ष्यध्वम् उत्तम अधुक्ष्ये अधुक्ष्यावहि अधुक्ष्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्ष्येत धुक्ष्येयाताम् धुक्ष्येरन् मध्यम धुक्ष्येथाः धुक्ष्येयाथाम् धुक्ष्येध्वम् उत्तम धुक्ष्येय धुक्ष्येवहि धुक्ष्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम धुक्षिष्यते धुक्षिष्येते धुक्षिष्यन्ते मध्यम धुक्षिष्यसे धुक्षिष्येथे धुक्षिष्यध्वे उत्तम धुक्षिष्ये धुक्षिष्यावहे धुक्षिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त धुक्षण — — धुक्षणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त धुक्षक धुक्षकः धुक्षिका धुक्षकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त धुक्षितृ धुक्षिता धुक्षित्री धुक्षितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त धुक्ष्य धुक्ष्यः धुक्ष्या धुक्ष्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) धुक्षितव्य धुक्षितव्यः धुक्षितव्या धुक्षितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त धुक्षणीय धुक्षणीयः धुक्षणीया धुक्षणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) धुक्षित धुक्षितः धुक्षिता धुक्षितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) धुक्षितवत् धुक्षितवान् धुक्षितवती धुक्षितवत् / धुक्षितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) धुक्षमाण धुक्षमाणः धुक्षमाणा धुक्षमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) धुक्षित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रधुक्ष्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) धुक्षितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय धुक्षम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त धुक्ष धुक्षः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त धुष्टि — धुष्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त दुधुक्ष्वस् दुधुक्ष्वान् दुधुक्षुषी दुधुक्ष्वत् / दुधुक्ष्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।