२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्लेश् (क्लेशँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0691
धात्वर्थ: अव्यक्तायां वाचि — अस्पष्ट शब्द करना, दुख देना, सताना (to speak inarticulately,to irritate, to give pain)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेशते क्लेशेते क्लेशन्ते मध्यम क्लेशसे क्लेशेथे क्लेशध्वे उत्तम क्लेशे क्लेशावहे क्लेशामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेशताम् क्लेशेताम् क्लेशन्ताम् मध्यम क्लेशस्व क्लेशेथाम् क्लेशध्वम् उत्तम क्लेशै क्लेशावहै क्लेशामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्लेशत अक्लेशेताम् अक्लेशन्त मध्यम अक्लेशथाः अक्लेशेथाम् अक्लेशध्वम् उत्तम अक्लेशे अक्लेशावहि अक्लेशामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेशेत क्लेशेयाताम् क्लेशेरन् मध्यम क्लेशेथाः क्लेशेयाथाम् क्लेशेध्वम् उत्तम क्लेशेय क्लेशेवहि क्लेशेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेशिष्यते क्लेशिष्येते क्लेशिष्यन्ते मध्यम क्लेशिष्यसे क्लेशिष्येथे क्लेशिष्यध्वे उत्तम क्लेशिष्ये क्लेशिष्यावहे क्लेशिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेशिता क्लेशितारौ क्लेशितारः मध्यम क्लेशितासे क्लेशितासाथे क्लेशिताध्वे उत्तम क्लेशिताहे क्लेशितास्वहे क्लेशितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चिक्लेशे चिक्लेशाते चिक्लेशिरे मध्यम चिक्लेशिषे चिक्लेशाथे चिक्लेशिध्वे उत्तम चिक्लेशे चिक्लेशिवहे चिक्लेशिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्लेशिष्ट अक्लेशिषाताम् अक्लेशिषत मध्यम अक्लेशिष्ठाः अक्लेशिषाथाम् अक्लेशिध्वम् उत्तम अक्लेशिषि अक्लेशिष्वहि अक्लेशिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेशिषीष्ट क्लेशिषीयास्ताम् क्लेशिषीरन् मध्यम क्लेशिषीष्ठाः क्लेशिषीयास्थाम् क्लेशिषीध्वम् उत्तम क्लेशिषीय क्लेशिषीवहि क्लेशिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्लेशिष्यत अक्लेशिष्येताम् अक्लेशिष्यन्त मध्यम अक्लेशिष्यथाः अक्लेशिष्येथाम् अक्लेशिष्यध्वम् उत्तम अक्लेशिष्ये अक्लेशिष्यावहि अक्लेशिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेश्यते क्लेश्येते क्लेश्यन्ते मध्यम क्लेश्यसे क्लेश्येथे क्लेश्यध्वे उत्तम क्लेश्ये क्लेश्यावहे क्लेश्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेश्यताम् क्लेश्येताम् क्लेश्यन्ताम् मध्यम क्लेश्यस्व क्लेश्येथाम् क्लेश्यध्वम् उत्तम क्लेश्यै क्लेश्यावहै क्लेश्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्लेश्यत अक्लेश्येताम् अक्लेश्यन्त मध्यम अक्लेश्यथाः अक्लेश्येथाम् अक्लेश्यध्वम् उत्तम अक्लेश्ये अक्लेश्यावहि अक्लेश्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेश्येत क्लेश्येयाताम् क्लेश्येरन् मध्यम क्लेश्येथाः क्लेश्येयाथाम् क्लेश्येध्वम् उत्तम क्लेश्येय क्लेश्येवहि क्लेश्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्लेशिष्यते क्लेशिष्येते क्लेशिष्यन्ते मध्यम क्लेशिष्यसे क्लेशिष्येथे क्लेशिष्यध्वे उत्तम क्लेशिष्ये क्लेशिष्यावहे क्लेशिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्लेशन — — क्लेशनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्लेशक क्लेशकः क्लेशिका क्लेशकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्लेशितृ क्लेशिता क्लेशित्री क्लेशितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त क्लेश्य क्लेश्यः क्लेश्या क्लेश्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्लेशितव्य क्लेशितव्यः क्लेशितव्या क्लेशितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्लेशनीय क्लेशनीयः क्लेशनीया क्लेशनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्लेशित क्लेशितः क्लेशिता क्लेशितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्लेशितवत् क्लेशितवान् क्लेशितवती क्लेशितवत् / क्लेशितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) क्लेशमान क्लेशमानः क्लेशमाना क्लेशमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्लेशित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्लेश्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्लेशितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्लेशम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त क्लेश क्लेशः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्लेष्टि — क्लेष्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चिक्लेश्वस् चिक्लेश्वान् चिक्लेशुषी चिक्लेश्वत् / चिक्लेश्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।