२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
गल्ह् (गल्हँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0724
धात्वर्थ: कुत्सायाम् — निन्दा करना (to blame,to censure)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्हते गल्हेते गल्हन्ते मध्यम गल्हसे गल्हेथे गल्हध्वे उत्तम गल्हे गल्हावहे गल्हामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्हताम् गल्हेताम् गल्हन्ताम् मध्यम गल्हस्व गल्हेथाम् गल्हध्वम् उत्तम गल्है गल्हावहै गल्हामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगल्हत अगल्हेताम् अगल्हन्त मध्यम अगल्हथाः अगल्हेथाम् अगल्हध्वम् उत्तम अगल्हे अगल्हावहि अगल्हामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्हेत गल्हेयाताम् गल्हेरन् मध्यम गल्हेथाः गल्हेयाथाम् गल्हेध्वम् उत्तम गल्हेय गल्हेवहि गल्हेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्हिष्यते गल्हिष्येते गल्हिष्यन्ते मध्यम गल्हिष्यसे गल्हिष्येथे गल्हिष्यध्वे उत्तम गल्हिष्ये गल्हिष्यावहे गल्हिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्हिता गल्हितारौ गल्हितारः मध्यम गल्हितासे गल्हितासाथे गल्हिताध्वे उत्तम गल्हिताहे गल्हितास्वहे गल्हितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जगल्हे जगल्हाते जगल्हिरे मध्यम जगल्हिषे जगल्हाथे जगल्हिढ्वे / जगल्हिध्वे उत्तम जगल्हे जगल्हिवहे जगल्हिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगल्हिष्ट अगल्हिषाताम् अगल्हिषत मध्यम अगल्हिष्ठाः अगल्हिषाथाम् अगल्हिढ्वम् / अगल्हिध्वम् उत्तम अगल्हिषि अगल्हिष्वहि अगल्हिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्हिषीष्ट गल्हिषीयास्ताम् गल्हिषीरन् मध्यम गल्हिषीष्ठाः गल्हिषीयास्थाम् गल्हिषीढ्वम् / गल्हिषीध्वम् उत्तम गल्हिषीय गल्हिषीवहि गल्हिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगल्हिष्यत अगल्हिष्येताम् अगल्हिष्यन्त मध्यम अगल्हिष्यथाः अगल्हिष्येथाम् अगल्हिष्यध्वम् उत्तम अगल्हिष्ये अगल्हिष्यावहि अगल्हिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्ह्यते गल्ह्येते गल्ह्यन्ते मध्यम गल्ह्यसे गल्ह्येथे गल्ह्यध्वे उत्तम गल्ह्ये गल्ह्यावहे गल्ह्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्ह्यताम् गल्ह्येताम् गल्ह्यन्ताम् मध्यम गल्ह्यस्व गल्ह्येथाम् गल्ह्यध्वम् उत्तम गल्ह्यै गल्ह्यावहै गल्ह्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगल्ह्यत अगल्ह्येताम् अगल्ह्यन्त मध्यम अगल्ह्यथाः अगल्ह्येथाम् अगल्ह्यध्वम् उत्तम अगल्ह्ये अगल्ह्यावहि अगल्ह्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्ह्येत गल्ह्येयाताम् गल्ह्येरन् मध्यम गल्ह्येथाः गल्ह्येयाथाम् गल्ह्येध्वम् उत्तम गल्ह्येय गल्ह्येवहि गल्ह्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गल्हिष्यते गल्हिष्येते गल्हिष्यन्ते मध्यम गल्हिष्यसे गल्हिष्येथे गल्हिष्यध्वे उत्तम गल्हिष्ये गल्हिष्यावहे गल्हिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त गल्हन — — गल्हनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त गल्हक गल्हकः गल्हिका गल्हकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त गल्हितृ गल्हिता गल्हित्री गल्हितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त गल्ह्य गल्ह्यः गल्ह्या गल्ह्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) गल्हितव्य गल्हितव्यः गल्हितव्या गल्हितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त गल्हनीय गल्हनीयः गल्हनीया गल्हनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) गल्हित गल्हितः गल्हिता गल्हितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) गल्हितवत् गल्हितवान् गल्हितवती गल्हितवत् / गल्हितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) गल्हमान गल्हमानः गल्हमाना गल्हमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) गल्हित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रगल्ह्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) गल्हितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय गल्हम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त गल्ह गल्हः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त गल्ढि — गल्ढिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जगल्ह्वस् जगल्ह्वान् जगल्हुषी जगल्ह्वत् / जगल्ह्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।