२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
लोक् (लोकृँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0080
धात्वर्थ: दर्शने — देखना (to see,to perceive,to look)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोकते लोकेते लोकन्ते मध्यम लोकसे लोकेथे लोकध्वे उत्तम लोके लोकावहे लोकामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोकताम् लोकेताम् लोकन्ताम् मध्यम लोकस्व लोकेथाम् लोकध्वम् उत्तम लोकै लोकावहै लोकामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलोकत अलोकेताम् अलोकन्त मध्यम अलोकथाः अलोकेथाम् अलोकध्वम् उत्तम अलोके अलोकावहि अलोकामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोकेत लोकेयाताम् लोकेरन् मध्यम लोकेथाः लोकेयाथाम् लोकेध्वम् उत्तम लोकेय लोकेवहि लोकेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोकिष्यते लोकिष्येते लोकिष्यन्ते मध्यम लोकिष्यसे लोकिष्येथे लोकिष्यध्वे उत्तम लोकिष्ये लोकिष्यावहे लोकिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोकिता लोकितारौ लोकितारः मध्यम लोकितासे लोकितासाथे लोकिताध्वे उत्तम लोकिताहे लोकितास्वहे लोकितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लुलोके लुलोकाते लुलोकिरे मध्यम लुलोकिषे लुलोकाथे लुलोकिध्वे उत्तम लुलोके लुलोकिवहे लुलोकिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलोकिष्ट अलोकिषाताम् अलोकिषत मध्यम अलोकिष्ठाः अलोकिषाथाम् अलोकिध्वम् उत्तम अलोकिषि अलोकिष्वहि अलोकिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोकिषीष्ट लोकिषीयास्ताम् लोकिषीरन् मध्यम लोकिषीष्ठाः लोकिषीयास्थाम् लोकिषीध्वम् उत्तम लोकिषीय लोकिषीवहि लोकिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलोकिष्यत अलोकिष्येताम् अलोकिष्यन्त मध्यम अलोकिष्यथाः अलोकिष्येथाम् अलोकिष्यध्वम् उत्तम अलोकिष्ये अलोकिष्यावहि अलोकिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोक्यते लोक्येते लोक्यन्ते मध्यम लोक्यसे लोक्येथे लोक्यध्वे उत्तम लोक्ये लोक्यावहे लोक्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोक्यताम् लोक्येताम् लोक्यन्ताम् मध्यम लोक्यस्व लोक्येथाम् लोक्यध्वम् उत्तम लोक्यै लोक्यावहै लोक्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलोक्यत अलोक्येताम् अलोक्यन्त मध्यम अलोक्यथाः अलोक्येथाम् अलोक्यध्वम् उत्तम अलोक्ये अलोक्यावहि अलोक्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोक्येत लोक्येयाताम् लोक्येरन् मध्यम लोक्येथाः लोक्येयाथाम् लोक्येध्वम् उत्तम लोक्येय लोक्येवहि लोक्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लोकिष्यते लोकिष्येते लोकिष्यन्ते मध्यम लोकिष्यसे लोकिष्येथे लोकिष्यध्वे उत्तम लोकिष्ये लोकिष्यावहे लोकिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त लोकन — — लोकनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त लोकक लोककः लोकिका लोककम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त लोकितृ लोकिता लोकित्री लोकितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त लोक्य लोक्यः लोक्या लोक्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) लोकितव्य लोकितव्यः लोकितव्या लोकितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त लोकनीय लोकनीयः लोकनीया लोकनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) लोकित लोकितः लोकिता लोकितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) लोकितवत् लोकितवान् लोकितवती लोकितवत् / लोकितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) लोकमान लोकमानः लोकमाना लोकमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) लोकित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रलोक्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) लोकितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय लोकम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त लोक लोकः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त लोक्ति — लोक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त लुलोक्वस् लुलोक्वान् लुलोकुषी लुलोक्वत् / लुलोक्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।