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📘 धातु-रूपावली

२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें

बृंह् (बृहिँ)

भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0837
धात्वर्थ: वृद्धौ शब्दे च — बढ़ना, शब्द करना (to grow, to prosper, to sound)

लट् लकार वर्तमान काल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबृंहतिबृंहतःबृंहन्ति
मध्यमबृंहसिबृंहथःबृंहथ
उत्तमबृंहामिबृंहावःबृंहामः

लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबृंहतात् / बृंहताद् / बृंहतुबृंहताम्बृंहन्तु
मध्यमबृंह / बृंहतात् / बृंहताद्बृंहतम्बृंहत
उत्तमबृंहाणिबृंहावबृंहाम

लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअबृंहत् / अबृंहद्अबृंहताम्अबृंहन्
मध्यमअबृंहःअबृंहतम्अबृंहत
उत्तमअबृंहम्अबृंहावअबृंहाम

विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबृंहेत् / बृंहेद्बृंहेताम्बृंहेयुः
मध्यमबृंहेःबृंहेतम्बृंहेत
उत्तमबृंहेयम्बृंहेवबृंहेम

लृट् लकार सामान्य भविष्यत्

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबृंहिष्यतिबृंहिष्यतःबृंहिष्यन्ति
मध्यमबृंहिष्यसिबृंहिष्यथःबृंहिष्यथ
उत्तमबृंहिष्यामिबृंहिष्यावःबृंहिष्यामः

लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबृंहिताबृंहितारौबृंहितारः
मध्यमबृंहितासिबृंहितास्थःबृंहितास्थ
उत्तमबृंहितास्मिबृंहितास्वःबृंहितास्मः

लिट् लकार परोक्ष भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबबृंहबबृंहतुःबबृंहुः
मध्यमबबृंहिथबबृंहथुःबबृंह
उत्तमबबृंहबबृंहिवबबृंहिम

लुङ् लकार सामान्य भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअबृंहीत् / अबृंहीद्अबृंहिष्टाम्अबृंहिषुः
मध्यमअबृंहीःअबृंहिष्टम्अबृंहिष्ट
उत्तमअबृंहिषम्अबृंहिष्वअबृंहिष्म

आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबृंह्यात् / बृंह्याद्बृंह्यास्ताम्बृंह्यासुः
मध्यमबृंह्याःबृंह्यास्तम्बृंह्यास्त
उत्तमबृंह्यासम्बृंह्यास्वबृंह्यास्म

लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअबृंहिष्यत् / अबृंहिष्यद्अबृंहिष्यताम्अबृंहिष्यन्
मध्यमअबृंहिष्यःअबृंहिष्यतम्अबृंहिष्यत
उत्तमअबृंहिष्यम्अबृंहिष्यावअबृंहिष्याम

ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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