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📘 धातु-रूपावली

२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें

रुच् (रुचँ)

भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0847
धात्वर्थ: दीप्तावभिप्रीतौ च — चमकना, प्रकाशित होना, आनन्द करना, प्रसन्न होना, उत्साह करना, रुचना (to shine, to glow, to please, to like, to enjoy)

लुङ् लकार सामान्य भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअरुचत् / अरुचद्अरुचताम्अरुचन्
मध्यमअरुचःअरुचतम्अरुचत
उत्तमअरुचम्अरुचावअरुचाम

ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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