२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्षुभ् (क्षुभँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0854
धात्वर्थ: सञ्चलने — मथना, घबड़ाना, क्रोध करना, क्षुब्ध होना (to be agitated,to shake,to disturb,to tremble,to be angry)
कर्तरि — परस्मैपद कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षुभत् / अक्षुभद् अक्षुभताम् अक्षुभन् मध्यम अक्षुभः अक्षुभतम् अक्षुभत उत्तम अक्षुभम् अक्षुभाव अक्षुभाम
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षोभते क्षोभेते क्षोभन्ते मध्यम क्षोभसे क्षोभेथे क्षोभध्वे उत्तम क्षोभे क्षोभावहे क्षोभामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षोभताम् क्षोभेताम् क्षोभन्ताम् मध्यम क्षोभस्व क्षोभेथाम् क्षोभध्वम् उत्तम क्षोभै क्षोभावहै क्षोभामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षोभत अक्षोभेताम् अक्षोभन्त मध्यम अक्षोभथाः अक्षोभेथाम् अक्षोभध्वम् उत्तम अक्षोभे अक्षोभावहि अक्षोभामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षोभेत क्षोभेयाताम् क्षोभेरन् मध्यम क्षोभेथाः क्षोभेयाथाम् क्षोभेध्वम् उत्तम क्षोभेय क्षोभेवहि क्षोभेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षोभिष्यते क्षोभिष्येते क्षोभिष्यन्ते मध्यम क्षोभिष्यसे क्षोभिष्येथे क्षोभिष्यध्वे उत्तम क्षोभिष्ये क्षोभिष्यावहे क्षोभिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षोभिता क्षोभितारौ क्षोभितारः मध्यम क्षोभितासे क्षोभितासाथे क्षोभिताध्वे उत्तम क्षोभिताहे क्षोभितास्वहे क्षोभितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चुक्षुभे चुक्षुभाते चुक्षुभिरे मध्यम चुक्षुभिषे चुक्षुभाथे चुक्षुभिध्वे उत्तम चुक्षुभे चुक्षुभिवहे चुक्षुभिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षोभिष्ट अक्षोभिषाताम् अक्षोभिषत मध्यम अक्षोभिष्ठाः अक्षोभिषाथाम् अक्षोभिध्वम् उत्तम अक्षोभिषि अक्षोभिष्वहि अक्षोभिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षोभिषीष्ट क्षोभिषीयास्ताम् क्षोभिषीरन् मध्यम क्षोभिषीष्ठाः क्षोभिषीयास्थाम् क्षोभिषीध्वम् उत्तम क्षोभिषीय क्षोभिषीवहि क्षोभिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षोभिष्यत अक्षोभिष्येताम् अक्षोभिष्यन्त मध्यम अक्षोभिष्यथाः अक्षोभिष्येथाम् अक्षोभिष्यध्वम् उत्तम अक्षोभिष्ये अक्षोभिष्यावहि अक्षोभिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षुभ्यते क्षुभ्येते क्षुभ्यन्ते मध्यम क्षुभ्यसे क्षुभ्येथे क्षुभ्यध्वे उत्तम क्षुभ्ये क्षुभ्यावहे क्षुभ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षुभ्यताम् क्षुभ्येताम् क्षुभ्यन्ताम् मध्यम क्षुभ्यस्व क्षुभ्येथाम् क्षुभ्यध्वम् उत्तम क्षुभ्यै क्षुभ्यावहै क्षुभ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षुभ्यत अक्षुभ्येताम् अक्षुभ्यन्त मध्यम अक्षुभ्यथाः अक्षुभ्येथाम् अक्षुभ्यध्वम् उत्तम अक्षुभ्ये अक्षुभ्यावहि अक्षुभ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षुभ्येत क्षुभ्येयाताम् क्षुभ्येरन् मध्यम क्षुभ्येथाः क्षुभ्येयाथाम् क्षुभ्येध्वम् उत्तम क्षुभ्येय क्षुभ्येवहि क्षुभ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षोभिष्यते क्षोभिष्येते क्षोभिष्यन्ते मध्यम क्षोभिष्यसे क्षोभिष्येथे क्षोभिष्यध्वे उत्तम क्षोभिष्ये क्षोभिष्यावहे क्षोभिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्षोभण — — क्षोभणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्षोभक क्षोभकः क्षोभिका क्षोभकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्षोभितृ क्षोभिता क्षोभित्री क्षोभितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त क्षोभ्य क्षोभ्यः क्षोभ्या क्षोभ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्षोभितव्य क्षोभितव्यः क्षोभितव्या क्षोभितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्षोभणीय क्षोभणीयः क्षोभणीया क्षोभणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्षुभित क्षुभितः क्षुभिता क्षुभितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्षुभितवत् क्षुभितवान् क्षुभितवती क्षुभितवत् / क्षुभितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) क्षोभमाण क्षोभमाणः क्षोभमाणा क्षोभमाणम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्षुभित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्षुभ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्षोभितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्षोभम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त क्षोभ क्षोभः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्षुब्धि — क्षुब्धिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चुक्षुभ्वस् चुक्षुभ्वान् चुक्षुभुषी चुक्षुभ्वत् / चुक्षुभ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।